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ये सात बातें डॉक्‍टर नयी मां को नहीं बताते

प्रसव के बाद आपकी जिम्‍मेदारियां बढ़ जाती हैं, बच्‍चे की देखभाल करते-करते मां अपने शरीर की देखभाल करना भूल जाती है, जिससे उसे कई प्रकार की स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍यायें होती हैं।

गर्भावस्‍था By Nachiketa SharmaSep 23, 2014

प्रसव के बाद

डिलीवरी के बाद महिला मां बन जाती है और उसपर एक अलग जिम्‍मेदारी भी आ जाती है। लेकिन बच्‍चे की देखभाल के साथ-साथ मां को अपने शरीर का भी ध्‍यान रखना चाहिए। प्रसव के बाद शरीर में आये बदलाव को सामान्‍य करने की कोशिश की जानी चाहिए। बच्‍चे के साथ अपने शरीर का भी ध्‍यान रखना चाहिए। प्रसव होने के बाद चिकित्‍सक नयी मां से कुछ बातें नहीं बताते हैं जिनका ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है।

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मल्टिविटामिन लेते रहें

प्रेग्‍नेंसी की योजना बनाने से लेकर गर्भावस्‍था के नौ महीने तक महिलायें मल्टिविटामिन का सेवन करती हैं। क्‍योंकि इस दौरन शरीर को अतिरिक्‍त पोषण की जरूरत होती है। लेकिन प्रसव के बाद वे इन्‍हें लेना बंद कर देती हैं, जबकि डिलीवरी के बाद शरीर को सामान्‍य स्थिति में लाने के लिए भी ये मल्‍टीविटामिन बहुत जरूरी होते हैं।

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प्रसवोत्‍तर तनाव से बचें

प्रसव के छह सप्‍ताह बाद तक महिलाओं को पोस्‍ट-पार्टम या प्रसवोत्‍तर तनाव होने की संभावना अधिक होती है, और इस समय बेबी ब्‍लूज भी सामान्‍य होता है। इसे कम करने के लिए और डीएचए (docosahexaenoic acid) के स्‍तर को सामान्‍य बनाये रखने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन करना चाहिए। इस एसिड की कमी से दिमाग की नसें ब्‍लॉक हो सकती हैं।

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नियमित जांच करायें

प्रसव के बाद भी महिलाओं को कई समस्‍यायें हो सकती हैं, इसलिए बच्‍चे के साथ मां को भी नियमित जांच करानी चाहिए। प्रसव के बाद थॉयराइड, आयरन, बी12, विटामिन डी के स्‍तर की जांच करानी चाहिए। अगर महिला की यौन इच्‍छा में कमी हो रही, शरीर की ऊर्जा कम हो रही है तो यह भी एक समस्‍या की तरह है। तनाव, थकान, आलस्‍य, मूर्छित होना, जैसी समस्‍यायें पौष्टिक तत्‍वों की कमी के कारण होती है।

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गुर्दे का ध्‍यान रखें

नई मां में अक्‍सर थकान की समस्‍या देखी जाती है, यानी वे आसानी से थक जाती हैं। अनिद्रा, तनाव, आदि समस्‍याओं के कारण शरीर में कार्टिसोल का स्‍तर बढ़ जाता है जिसके कारण ही थकान की शिकायत होती है। इसलिए शुरूआत के एक साल तक अपने गुर्दों यानी एड्रीनॉल की देखभाल पर विशेष ध्‍यान दें। इसके लिए औषधियों का सहारा लीजिए।

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खानपान पर ध्‍यान

प्रसव के बाद भी खानपान पर विशेष ध्‍यान देना चाहिए, क्‍योंकि इस दौरान आपके साथ-साथ बच्‍चे को भी जरूरी पोषक तत्‍व (ब्रस्‍टफीडिंग के रूप में) मिलता है। आप जो भी खाती हैं उसका असर बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य पर भी पड़ता है। इसलिए प्रसव के बाद दिन में 3 बार खायें, इसके अलावा पौष्टिकता से भरपूर हेल्‍दी स्‍नैक्‍स खायें और भरपूर मात्रा में पानी पियें।

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सहायता भी लें

ऐसा बिलकुल नहीं है कि आपके बच्‍चे की देखभाल आपके अलावा कोई नहीं कर सकता है। अगर आपके घर में अन्‍य सदस्‍य हैं तो उनकी भी मदद बच्‍चे की देखभाल के लिए लीजिए, इससे आपका काम आसान हो जायेगा और आप कुछ वक्‍त अपने लिये भी निकाल सकती हैं।

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दूसरी मांओं से सलाह लें

आप नयी-नयी मां बनी हैं इसलिए आपके सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी। इसे कम करने के लिए और अपने शरीर पर ध्‍यान देने के लिए अपने दोस्‍तों, दूसरी मांओं जिन्‍हें बच्‍चे हों, उनसे सलाह लीजिए। वे आपको बेहतर तरीके से बता पायेंगी कि इस स्थिति को उन्‍होंने किस तरह से संभाला था।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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