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क्या करेले के इन 7 साइड इफेक्ट्स के बारे में जानते हैं आप

करेले के सेवन से डायबिटीज में लाभ, वजन घटाने तथा ऐसे कई फायदे होते हैं। लेकिन हर किसी के लिए करेले का अत्याध‌िक सेवन सिर्फ फायदों से भरा हो, ऐसा भी जरूरी नहीं!

स्वस्थ आहार By Rahul Sharma / Jan 29, 2015

करेले के साइड इफेक्ट

करेले के सेवन से डायबिटीज में लाभ, वजन घटाने तथा ऐसे कई फायदे होते हैं। लेकिन हर किसी के लिए करेले का अत्याध‌िक सेवन सिर्फ फायदों से भरा हो, ऐसा जरूरी नहीं है। स्टाइलक्रेज (stylecraze.com) वेबसाइट ने विभिन्न शोधों के आधार पर करेले के अधिक सेवन से होने वाले साइड इफेक्ट के बारे में जानकारी प्रदान की है। तो चलिये जानें क्या हैं करेले के अधिक सेवन के साइड इफेक्ट -
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प्रेगनेंसी में नुकसानदायक

करेले के जूस में मोमोकैरिन नामक तत्व होता है जो पीरियड्स के बहाव को बढ़ा देता है। गर्भावस्था के दौरान करेले का अधिक सेवन करने से गर्भपात का तक हो सकता है। कई बार इसके अ धिक सेवन से प्रेगनेंसी के दौरान पीरियड्स की स्थिति भी पैदा हो सकती है। साथ ही करेले में एंटी लैक्टोलन तत्व भी होते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान दूध बनने की प्रक्रिया में परेशानी डालते हैं।
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फर्टिलिटी पर प्रभाव

न केवल गर्भावस्था बल्कि गर्भधारण की चाह रखने वाली महिलाओं व पुरुषों दोनों के लिए ही करेले का अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है। करेले में मौजूद तत्व फर्टिलिटी संबंधित दवाओं का प्रभाव खत्म कर देते हैं। इसमें पाये जाने वाला एमएपी 30 नामक तत्व का जब कुत्तों पर परीक्षण किया गया, लेकिन अभी भी इस पर काफी शोध किये जाने की जरूरत है।
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लिवर व क‌िडनी संबंधी रोगियों को नुकसान

लिवर व किडनी के मरीजों के लिए भी करेले का अत्याधिक सेवन हानिकारक साबित हो सकता है। यह लिवर में एन्जाइम्स के निर्माण को बढ़ा देता है जिससे लिवर प्रभावित होता है। वहीं करेले के बीजों में लेक्टिन नामक तत्व होता है जो आंतों तक प्रोटीन के संचार में बाधा उत्पन्न कर सकता है।
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हाइपोग्लाइकेमिया कोमा

करेले का अधिक सेवन शुगर कम करता है। यह रक्त में शुगर के स्तर को इतना कम कर देता है कि यह हाइपोग्लाइकोम‌िया कोमा नामक मानसिक समस्या भी पैदा हो सकती है।
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हेमोलाइटिक अनीमिया

अध्ययनों में पाया गया कि करेले के अत्याधिक सेवन से हेमोलाइट‌िक अनीमिया हो सकता है। हेमोलाइट‌िक अनीमिया की स्थिति में पेट में दर्द, सिर दर्द, बुखार या कोमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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दिल की धड़कन अनियमित होने का कारण बन सकता है

साल 2010 में 'दी एनल्स ऑफ़ सऊदी मेडिसिन' में प्रकाशित एक शोध ने इस संबंध में नया खुलासा किया। इस शोध में पया गया कि 22 साल के एक लड़के ने जब आधा कप करेले का जूस पिया तो उसके दिल की धड़कन अनियमित हुई।
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बच्चों को खिलाने से पहले एक बार और सोचें

ऐसा माना जाता है कि कुछ बच्चों के लिये करेले के बीज के ऊपर का लाल खोल (रेड अरिल्स) टॉक्सिक हो सकता है। इसका सेवन करने से इन बच्चों को उल्टी और दस्त जैसी समस्या हो सकती है। तो यदि आपके बच्चे को करेले से एलर्जी हो तो उसे ये न खिलाएं।
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