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इस औषधि के प्रयोग से बाल होंगे नेचुरल ब्‍लैक, झड़ने भी होंगे बंद

क्या आप अपने बालों के झड़ने की समस्या से परेशान हैं, अगर हां तो भृंगराज आपके लिए फायदेमंद हो सकता है, ये बालों के लिए सबसे अच्छी आयुर्वेदिक दवा मानी जाती है, साथ ही इसके दूसरे स्‍वास्‍थ्‍यवर्द्धक फायदे भी होते हैं।

बालों की देखभाल By अतुल मोदी / Feb 12, 2018

भृंगराज

भृंगराज एक औषधि है, इसका नाम एक्‍लिप्‍टा एल्‍बा है। आयुर्वेदे में इसे 'रसायन' माना जाता है। इसमें ऊर्जावान बनाने और उम्र के असर को कम करने के गुण होते हैं। देखा जाए तो बालों की देखभाल के लिए यह सबसे उत्‍तम औषधि है। इसके साथ ही यह बालों का झड़ना रोकने और बालों को घना बनाने में उपयोगी होता है। और इसके इसी गुण के कारण हर हेयरकेयर उत्‍पाद में इसका प्रयोग होता है। भृंगराज ऑयल आमतौर पर भृंगराज के सत्‍त को नारियल या तिल के तेल में मिलाया जाता है। भृंगराज के कुछ गुण इस प्रकार हैं।

बालों को मजबूत बनाये

आयुर्वेद के मुताबिक बालों का झड़ना और बालों से जुड़ी अन्‍य समस्‍यायें पित्‍त दोष के कारण होती हैं, और भृंगराज का तेल इसी समस्‍या को दूर करने में मदद करता है। यह बालों को बढ़ाने में मदद करता है। नियमित तौर पर बालों में भृंगराज तेल से मसाज करने से स्‍कैल्‍प में रक्‍त प्रवाह बढ़ जाता है। इससे बालों की जड़ें सक्रिय हो जाती हैं और बालों का बढ़ना शुरू हो जाता है। भृंगराज का तेल को बनाते समय इसमें शिकाकाई, आंवला जैसी अन्‍य औषधियां भी मिलायी जा सकती हैं। इसके साथ ही इसमें तिल या नारियल का तेल भी मिलाया जा सकता है। ये सब मिलकर आपके बालों को स्‍वस्‍थ और घना बनाते हैं।

डैंड्रफ

भृंगराज के तेल से नियमित मसाज करने से स्‍कैल्‍प पर संक्रमण नहीं होता। इससे डैंड्रफ दूर रहती है। इसका नियमित इस्‍तेमाल बालों को असमय सफेद होने से रोकता है और बालों का कुदरती रंग बरकरार रखता है।

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तनाव

आयुर्वेद के अनुसार पित्‍त के असंतुलन से शरीर और मन में तनाव होने लगता है। और भृंगराज का नियमित इस्‍तेमाल पित्‍त दोष को कम करता है। इस प्रकार यह तनाव को कम करने में भी मदद करता है। यह उन लोगों के लिए खासतौर पर बहुत फायदेमंद हो सकता है, जिन्‍हें तनाव के साथ-साथ बाल झड़ने की समस्‍या है। इतना ही नहीं, भृंगराज तेल से मसाज करने से चिंता और सिरदर्द से भी राहत मिलती है।

भृंगराज तेल का इस्‍तेमाल

आपको बाजार में भृंगराज तेल आसानी से मिल सकता है। इसक सत्‍त अन्‍य तेलों में मिलाकर बेचा जाता है। इसके अलावा आप भृंगराज का पााउश्र खरीदकर इस्‍तेमाल के समय इसे तेल में मिला सकते हैं। इस तेल से हल्‍के हाथ से सिर मसाज करें और कुछ घंटे के लिए इसे छोड़ दें। इसके बाद माइल्‍ड शैंपू से इसे धो लें। बेहतर रहेगा अगर आप शिकाकाई और रीठा पाउडर से सिर धो लें।

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आखों के लिए उपयोगी

भृंगराज के पत्तों को छाया में सुखाकर पीस लीजिए। इसमें से 10 ग्राम चूर्ण लेकर उसमें शहद 3 ग्राम और गाय का घी 3 ग्राम मिलाकर नित्य सोते समय रात्रि में चालीस दिन सेवन करने से कमजोर दृष्टि के साथ आंखों से संबंधित दूसरी बीमारियों में फायदा होता है।

अन्य फाय़दे

दस ग्राम भृंगराज के पत्तों में 3 ग्राम काला नमक मिलाकर पीसकर छान लें। इसका दिन में 3-4 बार सेवन करने से पुराना पेट दर्द भी ठीक हो जाता है। भांगरा के पत्ते 50 ग्राम और काली मिर्च 5 ग्राम दोनों को खूब महीन पीसकर छोटे बेर जैसी गोलियां बनाकर छाया में सुखा लें। सुबह -शाम 1 या 2 गोली पानी के साथ सेवन करने से बादी बवासीर में शीघ्र लाभ होता है। दो चम्मच भांगरा पत्र स्वरस में 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार सेवन करने से उच्च रक्तचाप कुछ ही दिनों में सामान्य हो जाता है। भृंगराज के पेड़ के ताजे पत्ते का रस 5 ग्राम की मात्रा में सुबह पानी के साथ प्रयोग करने से मोटापा कम होता है।

लगाने में सावधानी

भृंगराज एक कुदरती उत्‍पाद है और इसलिए इसके कोई दुष्‍प्रभाव नहीं होते। हालांकि, इसकी ठंडी प्रकृति के कारण रात भर इसे लगाकर सोने की सलाह नहीं दी जाती। इसके साथ ही सर्दियों में भी इसका इस्‍तेमाल नहीं करने की सलाह दी जाती है। खासतौर पर उन लोगों को जिन्‍हें ठंड अधिक लगती हो।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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