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हाई फैट डाइट से शरीर को होते हैं ये 7 नुकसान

हाई फैट डाइट न सिर्फ मोटापा बढ़ाती है बल्कि इसके अलावा भी बहुत सी बीमारियों का खतरा बढ़ाती है।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Shabnam Khan / Apr 04, 2015

हाई फैट डाइट के नुकसान

एक हाई फैट डाइट खाने में बहुत स्वादिष्ट जरूर होती है और शायद इसीलिए कोई उसे खाने से अपने आपको रोक नहीं पाता। ये जानते हुए भी कि तला हुआ, अधिक वसायुक्त खाना खाने से आपकी कमर का साइज बढ़ सकता है, आप उसे खा लेते हैं। लेकिन शायद आपको मालूम नहीं होगा कि फैटी डाइट से आपके शरीर को और भी बहुत से गंभीर नुकसान हो सकते हैं। आइये जानते हैं कौन-कौन से नुकसान।

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दिन में महसूस होता है उनींदापन

ऑफिस में आते ही उनींदापन, आपके द्वारा ली गई डाइट पर निर्भर करता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ऑफिस में या फिर दोपहर के समय अन्य किसी स्थान पर जाने पर आपका उनींदापन या फिर अलर्टनेस पूरी तरह आपके खाने पर निर्भर करती है। अमेरिकी शोधकर्ताओं ने पाया कि हाई फैट डाइट का संबंध दिन के समय उनींदेपन से होता है। वहीं हायर कार्बोहाइड्रेट इंटेक का संबंध अलर्टनेस से जुड़ा होता है।

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बढ़ सकता है ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम

हाल में एक नए शोध में पता चला है कि हाई फैट डाइट महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के जीन्स को बढ़ाने में मददगार है। मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का मानना है कि ब्रेस्ट कैंसर के ट्यूमर के बनने से पहले ब्रेस्ट की कोशिकाओं में बढ़त और प्रतिरोधी कोशिकाओं में कमी होती है जिसके लिए विशेष प्रकार के जीन जिम्मेदार हैं। बहुत अधिक फैट्स युक्त डाइट इन जीन्स को बढ़ाने का काम करती है। शोधकर्ता सैंड्रा हस्लम के अनुसार, ''शोध में हमने पाया कि कांसर की वजह भी कोशिकाओं में अचानक हुए बदलाव हो सकती है जो ब्रेस्ट कैंसर के लिए वाजिब माहौल तैयार करती है और फैट्स की अधिकता वाली डाइट इसे बढ़ाती है।

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धमनियों को नुकसान

अगर आप हाई फैट डाइट लेते हैं, तो सावधान हो जाइये, क्योंकि यह आहार आपके शरीर की धमनियों को समय से पहले नष्ट कर सकता है। यही नहीं जिन कुछ कारणों से उच्च रक्तचाप होने का खतरा रहता है, उच्च वसा युक्त आहार उनमें से पहला कारण है। उम्र और वजन बढ़ने तथा उपापचय से संबंधित बीमारियों के साथ हमारे शरीर की बड़ी धमनियों की अंदर की दीवारें मोटी होकर कम लोचदार हो जाती है, जो एथरोसलेरोसिस और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां होने का कारण बनती है।

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व्यवहार में परिवर्तन

एक ताजा अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि हाई फैट डाइट आपके मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर भी असर डालती है, जिसके कारण आपके व्यवहार में परिवर्तन आ सकता है। यह परिवर्तन घबराहट, स्मृतिलोप और बर्ताव में दोहराव के रूप में हो सकता है। शोध पत्रिका 'बायोलॉजिकल साइकियाट्री' में प्रकाशित शोध-पत्र के अनुसार, जो लोग मोटे न हों उन्हें भी उच्च वसायुक्त आहार से बचना चाहिए।

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बच्चों के एडीएचडी

हाई फैट डाइट आपके बच्चों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। हाई फैट डाइट से बच्चों में एडीएचडी का जोखिम बढ़ जाता है। एडीएचडी अर्थात अटेंशन डिफिसिट हाइपरएक्टिव डिसऑर्डर का मतलब है, किसी चीज़ पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता का सही इस्तेमाल नहीं कर पाना। माना जाता है कि कुछ रसायनों के इस्तेमाल से दिमाग की कमज़ोरी की वजह से ये कमी होती है। एक अनुमान के मुताबिक, स्‍कूल के बच्‍चों को एडीएचडी 4% से 12% के बीच प्रभावित करता है। हाई फैट डाइट बच्चों का मेटाबॉलिज्म सिस्टम खराब करके उन्हें ये समस्या देता है।

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फैटी लीवर का खतरा

यदि ज्यादा फैट वाला खाना खाते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते तो फैटी लिवर के चांस बढ़ जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार फैटी लिवर 70 प्रतिशत मोटापे से होता है। टी लिवर वह स्थिति होती है, जब लिवर के सेल्स में गैरजरूरी फैट की मात्रा बढ़ जाती है और इससे लिवर को स्थाई नुकसान का खतरा रहता है। इंफ्लैमटॉरी एक्शन से लिवर के के टिशू सख्त हो जाते हैं।

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सूंघने की क्षमता में कमी

न्यूरोसाइंस जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, हाई फैट डाइट से शरीर के ओल्फैक्टरी सिस्टम में खराबी आ जाती है। रिसर्चर ने दावा किया है कि हाई फैट डाइट का सूंघने की क्षमता के साथ संबंध है। इसलिए अगर आपकी डाइट लंबे समय से इस प्रकार की है तो हो सकता है कि आपकी सूंघने की क्षमता कमजोर हो जाए।

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