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मैरी कॉम से सीखें सेल्फ डिफेंस के गुर

केवल महिलाओं के लिये फाइट क्लब चलाने वाली मैरी हजारों लड़कियों को न सिर्फ बॉक्सिंग की ट्रेनिंग देती हैं, बल्कि उन्हें महिलाओं पर हो रही यौन हिंसा के खिलाफ खुद का बचाव करना भी सिखाती हैं।

तन मन By Rahul Sharma / Jan 15, 2015

मैरी कॉम से सीखें सेल्फ डिफेंस

पांच बार विश्व मुक्केबाजी चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक (ब्रोंज मेडल) विजेता मैरी कॉम ने एक कामयाब बॉक्सर बनकर न सिर्फ देश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि महिलाओं के कमज़ोर होने की धारणा को भी एक बार फिर बिल्कुल गलत साबित किया है। इस कमाल की आत्मविश्वासी औरत ने पूरी दुनिया को ये भी बताया कि शादि और बच्चे हो जाने के बाद भी एक औरत चैम्पियन बन सकती है और अपनी ताकत का लोहा मनवा सकती है। केवल महिलाओं के लिये फाइट क्लब चलाने वाली मैरी हजारों लड़कियों को न सिर्फ बॉक्सिंग की ट्रेनिंग देती हैं, बल्कि उन्हें महिलाओं पर हो रही यौन हिंसा के खिलाफ खुद का बचाव करना भी सिखाती हैं। तो चलिये जानें मैरी के सेल्फ डिफेंस टिप्स -
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सेल्फ डिफेंस जरूरी है

मैरीकॉम कहती हैं कि जब कभी भी कोई रेप की घटना के बारे में सुनती या पढ़ती हैं, तो उन्हें बहुत दुख होता है और वे कहना चाहती हैं कि लड़कियां सतर्क रहकर खुद का बचाव कर सकती हैं। वे जोखिम भरी जगहों पर न जाएं और सबसे जरूरी कि महिलाएं सेल्फ डिफेंस करना सीखें।
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लड़के मज़ाक उड़ाते थे

पांच बार वर्ल्ड चैंपियन मैरीकॉम बताती हैं कि जब मैने अपने बॉक्सिंग करियर की शुरुआत की तो लड़कों ने मुझ पर हंसना शुरू कर दिया। उन्हें लगता था कि लड़कियां बॉक्सर नहीं बन सकती हैं। लेकिन बजाय इससे डीमोटिवेट होने के मैने इसे एक चुनौती के रूप में लिया और पांच बार वर्ल्ड चैंपियन बनकर उन सब को गलत साबित किया। हालांकि ये इसका क्रेडिट अपने पती को देती हैं, जिन्होंने उन्हें हमेशा सपोर्ट किया।
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सभी से अनुरोध है

मैरी उन सभी परिवारों से अनुरोधल करती हैं, जिन्हें लगता है कि लड़कियां शादी के बाद सफलता हासिल नहीं कर सकतीं, कि लड़कियां जिवन के किसी भी दौर में सफलता हासिल कर सकती हैं। तो लोगों को अपनी बेटियों और बहुओं को कैरियर के लिये प्रयास करने से नहीं रोकना चाहिये।
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जागरूकता

जागरूकता मतलब रक्षा का पहला नियम। जब लोग 'सेल्फ डिफ़ेंस' अर्थात आत्म-रक्षा शब्द सुनते हैं, तो उनमें से अधिकांश के मन में किक्स और पंच आते हैं। हालांकि सही मायने में सेल्फ डिफ़ेंस की शुरुआत किसी भी शारीरिक संपर्क के बिना ही होती है। आत्मरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण घटक जागरूकता होता है। जगरूकता, अपने आप की, अपने परिवेश की, और संभावित हमलावर की संभावना और रणनीतियों के बारे में।  
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आपराधियों से सरप्राइज न हों

आपराधियों की प्राथमिक रणनीति सरप्राइज के रिएक्शन का फायदा उठाना होती है। शोध बताते हैं कि अपराधी अन लोगों का चुनाव करने में निपुण होते हैं, जोकि अपने आस-पास की चीजों और घटनाओं से बेखबर होते हैं। अपने आसपास हो रही चीजों के बारे में सचेत और जानकर रह कर तथा अपनी प्रबल उपस्थिति पेश कर सड़क पर होने वाली कई समस्याओं से बचा जा सकता है।
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सिक्स सेंस का इस्तेमाल

अपने 'सिक्स सेंस' का इस्तेमाल करें। सिक्स सेंस आत्मा की आवाज या जोभी आप इसे बुलाती/बुलाते हैं, आपका अंतर्ज्ञान लोगों और परिस्थितियों में एक शक्तिशाली अवचेतन अंतर्दृष्टि होता है। हम साभी (खासतौर पर महिलाएं) को येुपहार मिला होता है। लेकिन दुर्भाग्यवश हममे से बहुत कम लोग इस पर ध्यान देते हैं। इस शक्ति पर भरोसा करें और इसका पूरा लाभ लेना सीखें।
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आत्मरक्षा प्रशिक्षण (Self-defense training)

किसी भी सेल्फ डिफेंस प्रोग्राम को शुरू करने से पहले इसके लक्ष्यों और व्यावहारिक उपयोगिता का मूल्यांकन कर लेना जरूरी होता है। इसलिये खुद को पहले से आत्मरक्षा प्रशिक्षण के लिये तैयार करें और इसके सही अर्थ को समझें व सीखें।
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