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सीने में जलन रोकने के तरीके

सीने में जलन की समस्या को रोकने के लिए जरूरी है कि आप अपने दिनभर की आदतों में सुधार लाएं। ऐसी चीजों के सेवन से बचें जो हर्टबर्न की समस्या को बढ़ाती हैं।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Anubha Tripathi / Jul 25, 2014

हर्टबर्न की समस्या

सीने में जलन, खट्टी डकार, मतली की समस्या को अक्सर लोग हृदय की समस्या से जोड़ के देख लेते हैं लेकिन असल में यह सब हर्टबर्न के लक्षण हैं। मेडिकल साइंस में इसे गेस्ट्रोइसोफिजेल रिफ्लक्स डिसीज (जीईआरडी) कहा जाता है। इसका हृदय से कोई संबंध नहीं होता बल्कि यह समस्या पेट में बनने वाले एसिड की वजह से पैदा होती है। एक अध्ययन की मानें तो दुनिया भर में 60 अरब से ज्यादा लोगों को एक महीने में एक बार सीने में दर्द या जलन की शिकायत होती है।


थोड़ा-थोड़ा कई बार खाएं

जीईआरडी की समस्या मुख्य रूप से व्यक्ति के खान-पान से जुड़ी है। अगर आप एक ही बार में जरूरत से ज्यादा भोजन करते हैं तो पेट और इसोफिजेस के बीच में एक वाल्व बन जाता है। यह वाल्व पेट में बनने वाले एसिड को इसोफिजेस की तरफ धकेलता है। इससे सीने में दर्द और जलन महसूस होने लगती है। इससे बचने के लिए एक बार में ढेर सारा खाने की बजाय थोड़े-थोड़े अंतराल पर थोड़ा-थोड़ा खाएं।

पर्याप्त मात्रा में पानी लें

हर्ट बर्न की समस्या से छुटकारा पाने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। हर आधे-एक घंटे में एक-दो घूंट पानी पीते रहने से आप इस समस्या से बच सकते हैं।

इनसे करें परहेज

कुछ लोग पूरे दिन में कई बार चाय और कॉफी या कआ ऐसी चीजों का सेवन करते हैं जिनसे जीईआरडी की समस्या और भी ज्यादा बढ़ सकती है। इसमें शामिल हैं चाय, कॉफी, तेल, मक्खन, मसालेदार भोजन, चॉकलेट इत्यादि। जब तक इस समस्या से पूरी तरह राहत नहीं मिल जाती, इन सभी चीजों से दूर ही रहें।

सिगरेट और शराब से रहें दूर

हर्टबर्न की समस्या होने पर एल्कोहल का सेवन काफी नुकसानदायक हो सकता है। एल्कोहल की वजह से इसोफिजेल की निचली संकोचक पेशी सुस्त हो जाती है और पेट में बनने वाला एसिड सीधे इसोफिजेस में प्रवेश कर जाता है। 1999 में अमेरिकन जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक रिसर्च में भी बताया गया था कि जीईआरडी से पीड़ित लोगों में ज्यादातर लोग ऐसे हैं, जो हर रोज अल्कोहल का सेवन करते हैं। अल्कोहल की ही तरह निकोटिन भी जीईआरडी की समस्या को बढ़ाता है, इसलिए धूम्रपान के सेवन से भी बचें।

नींबू पानी

इसमे एसिटिक एसिड होता है जो हर्ट बर्न को दूर करता है तथा पाचन क्रिया को बढ़ाता है। रोज अगर नींबू पानी पिया जाए तो गैस से भी छुटकारा मिलता है।

 

 

बढ़ता वजन

मोटापा कई बीमारियों की जड़ है लेकिन हर्टबर्न के मामले में यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। 2003 में 10 हजार से ज्यादा लोगों पर किए गए इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एपिडेमोलॉजी के एक अध्ययन में जीईआरडी और बॉडी मास इंडेक्स में आपसी संबंध सामने आया था। इस अध्ययन के मुताबिक मोटे लोगों में सामान्य वजन वाले लोगों की अपेक्षा जीईआरडी की आशंका तीन गुना ज्यादा होती है।

टाइट कपड़े न पहनें

टाइट फिटिंग वाले कपड़ों का ट्रेंड 12 महीने चलता है, लेकिन इसे तब तक न अपनाएं जब तक आप इस समस्या से पीड़ित हैं। पेट के मध्य भाग पर पैंट या जींस की पट्टी के दबाव की वजह से पेट में बनने वाला एसिड इसोफिजेस (गले और पेट के बीच की नली) में जा सकता है। इसी से सीने में दर्द और जलन की शिकायत होने लगती है।

खाने के तुरंत बाद ना सोएं

खाना खाने के तुरंत बाद सोने के लिए ना जाएं। रात को खाना खाने और सोने के बीच में दो या ढाई घंटे का अंतर जरूर रखें। जब आप खाने के तुरंत बाद सोते हैं तो खाने ठीक से पच नहीं पाता है जिससे यह समस्या शुरु हो जाती है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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