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इन तरीकों से बढ़ सकता है आपका मेटाबॉलिज़्म

चयापचय अर्थात मेटाबॉलिज़्म शरीर में होने वाली एक रासायनिक प्रक्रिया है जो खाए गये भोजन को शरीर चलाने वाले ईंधन में परिवर्तित करता है। इसे कुछ खाद्य पदार्थों के सेवन व सावधानियां रख कर बढ़ाया जा सकता है।

स्वस्थ आहार By Rahul SharmaJul 04, 2014

चयापचय अर्थात मेटाबॉलिज़्म

चयापचय अर्थात मेटाबॉलिज़्म जीवों में जीवनयापन के लिये होने वाली रसायनिक प्रतिक्रिया को कहा जाता है। ये रसायनिक प्रक्रियाएं जीवों को बढ़ने, प्रजनन करने, अपनी रचना को बनाए रखने तथा उन्हें पर्यावरण के प्रति सजग रहने में मदद करती हैं। चयापचय को मूलतः दो प्रकारों में बांटा गया है और वे हैं अपचय तथा उपचय। अपचय कार्बनिक पदार्थों का विघटन करता है, उदाहरण के लिए कोशिकीय श्वसन से ऊर्जा का उत्पादन तथा उपचय ऊर्जा का प्रयोग करके प्रोटीनों और नाभिकीय अम्लों जैसे कोशिकाओं के अंशों का निर्माण करता है।
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चयापचय की उपयोगिता

किसी भी जीव का चयापचय निश्चित करता है कि उसके लिये कौन सा पदार्थ पौष्टिक है और कौन सा विषैला। उदाहरण के लिए कुछ प्रोकैर्योसाइट हाइड्रोजन सल्फाइड का प्रयोग करते हैं, जबकि यह गैस पशुओं के लिये जहरीली होती है। चयापचय की गति, या चयापचय दर इस बात को भी प्रभावित करती है कि किसी जीव को कितने भोजन की जरूरत होगी। कुल मिलाकर चयापचल लाइफ लाइन की तरह काम करता है।
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कैलोरी के सेवन का रखें आंकड़ा

चयापचय शरीर में होने वाली एक रासायनिक प्रक्रिया है, जो आपके द्वारा खाए गये भोजन को शरीर चलाने वाले ईंधन में परिवर्तित करता है। अपकी  बेसल चयापचय दर (Basal Metabolic Rate) प्रतिदिन आपके शरीर द्वारा आराम करते में व्यय की गई कैलोरी की संख्या होती है। इसलिए अपने वजन को संतुलित रखने के लिए आपको यह पता होना चाहिए कि आप रोज कितनी कैलोरी का सेवन कर रहे हैं। साथ ही आप दिन में कितनी कैलोरी बर्न करते हैं इसका भी आंकड़ा रखें।
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वेट लिफ्टिंग करें

मांसपेशियों के एक पाउंड वसा के एक पाउंड से अधिक कैलोरी बर्न करता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि वजन उठाना (वेट लिफ्टिंग) उम्र से संबंधित चयापचय में गिरावट को दूर करने का सबसे बेहतरीन तरीका है।
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दोबारा आने वाले मोटापे को रोकें

यदि आप अपने चयापचय को ठीक रखना चाहते हैं तो एक बार वजन कम करने के बाद उसे दोबारा न आने दें। ऐसा इसलिए क्योंकि जब आप एक बार वजन कम कर लेते हैं और फिर व्यायाम या जाइट प्लान छोड़ देते हैं तो दोबार जो बजन बढ़ता है उसका 90 प्रतिशत फैट होता है और वह चयापचय को धीमा कर देता है। इसलिए रोज व्यायाम करें और वजन को बढ़ने न दें।
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सोने से पहले भी कुछ खाएं

यदि आप सोचते हैं कि रोत को 8 बजे के बाद कुछ खाना सेहत के लिए अच्छआ नहीं तो आपको अपडेट होने की जरूरत है। फ्लोरिडा स्टेट विश्वविद्यालय के दो हालिया अध्ययनों से पता चलता है कि सोने के लिए जाने से 30 मिनट पहले 150 कैलोरी लेने से आपका चयापचय बढ़ता है।
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रोल्ड ओट्स खाएं

क्योंकि शरीर रोल्ड ओट्स में मौजूद वसा में घुलनशील फाइबर को तोड़ने में लंबा समय लेता है इसका सेवन आपके चयापचय को बढ़ाने वाला होता है। यह भोजन शरीर के इंसुलिन के स्तर को कम करता है, जिसके परिणाम स्वरूप चयापचय गति तेज होती है।
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मछली का सेवन

मछली के तेल में ओमेगा -3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो नाटकीय रूप से प्रति दिन लगभग 400 कैलोरी का योगदान कर अपके चयापचय को बढ़ाता है। मछली का तेल शरीर में वसा को जलाने वाले एंजाइमों का स्तर बढ़ाता है और वसा बढ़ाने वाले एंजाइमों का स्तर भी कम करता है।
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ग्रेपफ्रूट

ग्रेपफ्रूट अर्थात खट्टे फल आपके शरीर में वासा को बढ़ाने वाली इंसुलिन के स्तर को कम करते हैं और इनमें फाइबर भी प्रचुर मात्रा में होता है। ग्रेपफ्रूट का गुलाबी-लाल रंग इनमें मौजूद लाइकोपीन की वजह से होता है। लाइकोपीन ट्यूमर सेल्स को नष्ट करने के लिए जाना जाता है, और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले ऑक्सीजन मुक्त कणों से लड़ने में भी उच्चतम क्षमता रखता है। इनके सेवन से चयापचय बढ़ता है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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