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आइसक्रीम हेडेक : जोखिम कारक, लक्षण और कारण

कई बार बहुत ठंडी आइसक्रीम या जमा हुआ कोल्ड ड्रिंक पीने से लगता है कि सिर में दर्द हो गया। इसे ही बेन फ्रीज कहते हैं, जो बहुत ठंडा खाने से या पीने से होता है। यदि आपको माइग्रेन की शिकायत है तो आपको इस ठंडे सिर दर्द से बच कर रहना पड़ेगा।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Aditi Singh / Jun 06, 2015
आइसक्रीम हेडैक

आइसक्रीम हेडैक

आइसक्रीम हेडेक तीव्रता के साथ थोड़ी देर के लिए होने वाला सरदर्द होता है। जब कभी हम कुछ आईसक्रीम जैसी ठंडी चीज का सेवन करते है तो ये दिमाग तक ये ठंडक पंहुच जाती है जो सिरदर्द का रूप ले लेती है। हालांकि ये दर्द बहुत लंबे समय तक नहीं रहता है। ना ही इसके लिए किसी तरह की दवाई या इलाज कराने की जरूरत होती है।   
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लक्षण

लक्षण

दिमागी ठंड को दौरान सर मे 20 से 60 सेकंड़ के लिए तेज, चुभने वाला दर्द उठने लगता है जो कुछ समय मे खुद ही खत्म हो जाता है। इस तरह का दर्द ज्यादा से ज्यादा 5 मिनट के लिए रहता है। आपको इसके लिए डॉक्टर से जांच कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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कारण

कारण

आइस क्रीम या कुछ भी ठंडा खाने से होने वाले सरदर्द या दिमागी ठंड से तो आप परिचित होंगे ही। वैज्ञानिकों ने दिमाग की एक बड़ी रक्त नलिका में खून के प्रवाह में एकाएक तेजी आ जाने को दिमागी ठंड की वजह बताया है। दिमाग के मध्य में स्थित नलिका एंटीरियर सेरेब्रल आर्टरी में खून का प्रवाह बढ जाने से दिमागी ठंड से जुड़े दर्द की अनुभूति होती है।
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खतरा

खतरा

आइसक्रीम हेडैक की समस्या सभी तरह की लोगो को हो जाती है। लेकिन ये सबसे ज्यादा माइग्रेन के रोगियो को प्रभावित करती है।  माइग्रेन रोगियों को दिमागी ठंड ज्यादा महसूस होता है। माइग्रेन की  शुरुआत सिर के एक हिस्से में दर्द से होती है। यह दर्द धीरे-धीरे गर्दन और सिर तक फैल जाता है। यह चार घंटे से अधिक समय के लिए रहता है। आहार की गड़बड़ी माइग्रेन का कारण हो सकती है।
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आइसक्रीम हेडैक से बचाव

आइसक्रीम हेडैक से बचाव

ब्रेन फ्रीज से बचने का एक ही तरीक़ा है कि ठंडे खाद्य अथवा पेय पदार्थों को बहुत धीरे-धीरे आनंद लेते हुए खाएं अथवा पिएं। अपने हाथो से मुंह और नाक को कवर करके भी उसे गर्मी देकर आपको राहत महसूस होगी।
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माइग्रेन की समस्या

माइग्रेन की समस्या

इस सिरदर्द में कई बार जी मिचलाना, उल्टी होना, रोशनी के प्रति संवेदनशीलता, दृष्टि-दोष, सुस्ती, बुखार और ठंड भी लगती है। माइग्रेन से कई बार धीरे-धीरे और कई बार तेज होने लगता है। इसका कारण किसी भोज्य पदार्थ से एलर्जी भी हो सकता है।
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माइग्रेन से बचाव नींद

माइग्रेन से बचाव नींद

पूरी न हो तो सिर दर्द हो सकता है, फिर मौसम चाहे ठंडा और या गर्म। जिसे माइग्रेन की समस्या हो, उस व्यक्ति को पर्याप्त सोना चाहिए। रात को वक्त पर सोएं, देररात तक टीवी न देखें तो बेहतर होगा। इसी तरह सुबह जल्दी उठने का नियम भी बनाए रखें, बेशक ठंड ज्यादा हो, वक्त पर उठें। सोने का शेड्यूल सही न होने पर भी माइग्रेन का दर्द हो सकता है।
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डॉक्टर की सलाह जरूरी

डॉक्टर की सलाह जरूरी

अलग-अलग लोगों को अलग-अलग कारणों से माइग्रेन का दर्द हो सकता है। कई लोगों को एसिडिटी से सिर दर्द होने लगता है। कुछ को धूप में निकलते ही दर्द सताने लगता है। कुछ लोग भीड़ और ऊंची आवाज बर्दाश्त नहीं कर पाते। अपनी समस्या और उसके समाधान के लिए डॉक्टर की सलाह भी लेते रहें।
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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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