Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

ताकि हाथों पर न नजर आए उम्र के निशान

उम्र बढ़ने के साथ हाथों में झुर्रियां और सूखापन आने लगता है और नसें अधिक दिखाई देने लगती है। अगर आपके हाथों से भी आपकी उम्र झलकने लगी हैं तो इस प्रभाव को रिवर्स करने के लिए आप कुछ उपचार प्रक्रियाओं को अपना सकते हैं।

फैशन और सौंदर्य By Pooja SinhaDec 19, 2014

हाथों पर उम्र का असर

उम्र के साथ हमारी त्‍वचा पतली और कम लोचदार होने लगती है। इसलिए उम्र के असर को बेअसर करने के लिए हम त्‍वचा की देखभाल, एंटी-एजिंग मेकअप और नये हेयर कट में बहुत अधिक पैसा खर्च करने लगते हैं। लेकिन क्‍या कभी आपने अपने हाथों की त्‍वचा की भी इतनी देखभाल की है। चेहरे और गर्दन की तरह हाथ भी हमारे शरीर का महत्‍वपूर्ण और सबसे ज्‍यादा दिखाई देने वाला अंग है। लेकिन हम अक्‍सर अपने हाथों की त्‍वचा की अनदेखी करते हैं। देखभाल के अभाव में इस अंग की त्‍वचा में ड्राईनेस और झुर्रियां के साथ-साथ उम्र के निशान विकसित होने लगते है। इसलिए बाहर जाते समय अपने चेहरे के साथ-साथ अपने हाथों पर भी सनस्‍क्रीन लोशन लगाये। साथ ही हाथों को क्रीम से अच्‍छे से मॉश्‍चराइज करें, विशेष रूप से रात में तो ऐसा करना बहुत आवश्‍यक होता है। इन सब उपायों के बाद भी अगर नतीजे आपकी उम्‍मीद के मुताबिक नहीं हैं, तो अपने हाथों की त्‍वचा को नर्म और कोमल बनाने के लिए कुछ उपचार प्रक्रियाओं का सहारा ले सकते हैं।
Image Courtesy : Getty Images

केमिकल पील

केमिकल पील में त्‍वचा की ऊपरी सतह को निकालने के लिए घोल का इस्‍तेमाल किया जाता है। यह एसिडिक एजेंट त्‍वचा की मृत कोशिकाओं और त्‍वचा की कोशिकाओं के व्‍यवहार्य परत के बीच संबंध बनाने का काम करती है ताकि त्वचा की ऊपरी सतह को आराम से निकाला और उसकी प्रकृति में सुधार किया जा सके। यह त्वचा में मौजूद डेड सेल्स को हटाकर नई त्वचा की तैयारी करती है। इसमें दाग वाली त्वचा की कोशिकाएं हमेशा के लिए हट जाती हैं और उनकी जगह हल्की त्वचा निकलती है। केमिकल पील के दो प्रकार होते हैं। पहला सुपरफेशियल पील जैसे ग्ल्य्कोलिक पील और दूसरा मीडियम डेप्‍थ पील जैसे येलो पील। वांछित परिणामों के लिए, केमिकल पील के कई सत्रों की आवश्यकता होती हैं। और सत्र आमतौर पर एक महीने में एक बार किया जाता है। इसके साइड इफेक्ट में त्‍वचा पर मामूली लालिमा और एक घंटे के भीतर चुभने जैसी अनुभूति, शामिल हैं।
Image Courtesy : Getty Images

माइक्रोडर्माब्रेशन

इस तकनीक में शारीरिक रूप से व्‍याव‍हारिक त्‍वचा की परत से मृत त्‍वचा कोशिका परत को अलग करने के लिए एल्यूमीनियम हीड्राकसीड क्रिस्टल या डाइमंड टिप का इस्‍तेमाल किया जाता है। इसके परिणामस्‍वरूप आपकी त्‍वचा तुरंत ताजगी से भरपूर हो जाती है और आप जवां दिखने लगते हैं। इस प्रक्रिया के लिए कई सत्रों की आवश्‍यकता होती है। और इसे 3-4 सप्‍ताह में एक बार करवाना चाहिए। माइक्रोडर्माब्रेशन धीमी और कोमल प्रक्रिया है और त्‍वचा के स्‍वास्‍थ्‍य को बनाये रखने वाला एक शानदार विकल्‍प।
Image: www.drworkmd.com

आईपीएल ट्रीटमेंट

यह प्रकाश-आधारित उपचार है, जिसे त्‍वचा के माध्‍यम से चमचमाती साफ प्रकाश द्वारा संचालित किया जाता है। त्‍वचा के विभिन्‍न पिगमेंट प्रकाश को अवशोषित कर, गर्मी से नष्‍ट होते हैं। आईपीएल उपचार से त्‍वचा टो़ंड होती है और उसकी बनावट भी एक जैसी हो जाती है। अगर आप इस प्रक्रिया को चुनते हैं तो वांछित प्रभाव पाने के लिए इसके 4-6 सत्र लेने चाहिए। इसके साइड इफेक्‍ट में मामूली लालिमा और त्‍वचा पर हल्‍की सी सूजन शामिल है। और वह भी केवल कुछ घंटों के लिए ही देखने को मिलती है।
Image Courtesy : Getty Images

क्रायोथेरेपी

क्रायोथेरेपी चिकित्‍सा की ऐसी पद्धति है जिसमें बर्फ के टुकड़े या ठंडे पानी के प्रयोग से समस्‍या का उपचार किया जाता है। उम्र का असर गोरी त्‍वचा के लोगों में सबसे पहले दिखने लगता है। अगर आपके हाथों पर अगर एक से अधिक उम्र के धब्‍बे हैं तो उम्र के धब्‍बे को तरल नाइट्रोजन के कोल्‍ड स्‍प्रे द्वारा कम किया जा सकता है। इस उपाय में उम्र के धब्‍बों को पूरी तरह से काला बनाया जाता है और फिर एक सप्‍ताह के अंदर ही सामान्‍य त्‍वचा पा सकते हैं। इस उपाय में त्‍वचा एक सप्‍ताह डार्क रहती है, यही इस उपाय का सबसे बड़ा साइड इफेक्‍ट है।
Image : www.soleiltoujours.com

मेसोथेरपी

मेसोथेरेपी में त्वचा में कई छोटे इंजेक्शन इंजेक्ट किये जाते हैं। इन सक्रिय सामग्री में विटामिन सी और प्रोटीन शमिल किया जाता है। इस उपाय के दौरान इंजेक्शन की बेचैनी को स्तब्ध जैल के उपयोग द्वारा कम किया जा सकता है। प्रक्रिया में कई सत्रों को शामिल करना आवश्‍यक होता है और उपचार सत्रों के बाद रखरखाव सत्र भी बहुत जरूरी होता है। मेसोथेरेपी के साइड इफेक्‍ट में त्‍वचा पर ज्‍यादा दबाव पड़ने से त्‍वचा पर नीलापन आ सकता है और इसे कम होने में कम से कम 10 दिन का समय लग जाता है।
Image Courtesy : Getty Images

फिलर्स

फिलर्स हाथों में पहले से भरे सीरिंज में सिंथेटिक ह्यालुरोनिक एसिड उपलब्ध इंजेक्शन लगाने के द्वारा कार्य करते हैं। यह प्रक्रिया झुर्रियों, फाइन लाइन्‍स और दाग को दूर करने के लिए इस्‍तेमाल की जाती है। इस प्रक्रिया के दौरान जिस हिस्‍से को कॉस्‍मेटिक उद्देश्‍य के लिये चुना जाता है उस पर कोई सुन्‍न करने वाला पदार्थ लगाकर या लोकल एनेस्‍थेसिया की छोटी सी खुराक से सुन्‍न किया जाता है। इसके बाद इंजेक्‍टेबल फिलर्स को त्‍वचा के उस हिस्‍से में इंजेक्‍ट किया जाता है जिसे बढ़ाया या उभारा जाना है। इसके परिणाम बहुत संतोषजनक और तत्‍काल होते हैं। साइड इफेक्‍ट में मामूली चोट शामिल है और इसे व्‍यवस्थित होने में 10 दिन का समय लगता है। यह उत्‍पाद पर निर्भर करता है कि इंजेक्‍शन 6 महीने में एक बार या हर 3 महीने में एक बार लेने से फायदा हो सकता है।  
Image Courtesy : Getty Images

माइक्रोनीडलिंग

इस प्रक्रिया में त्‍वचा को सुन्‍न करने वाला जैल लगाया जाता है। इसके बाद एक रोलर ब्‍लेडर से त्‍वचा पर रोल किया जाता है। यह रोल उन हिस्‍सों पर किया जाता है, जो अधिक वसा या त्‍वचा उत्‍पन्‍न करते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान त्‍वचा नये कोलेजन का निर्माण करती है, जिससे जवां और मजबूत त्‍वचा आती है। मनचाहा नतीजा पाने के लिए इसके कई सत्र लेने की जरूरत होती है। इसके लिए आपको छह से दस सत्र लेने की जरूरत होती है। प्रक्रिया के बाद त्वचा की लालिमा और जलन को कम करने के लिए विटामिन सी की खुराक लेने की सलाह दी जाती है। इस लालिमा और जलन को शांत होने में 24-48 घंटे का समय लग सकता है।
Image Courtesy : Getty Images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK