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सेक्स के दौरान महिलायें इसलिए रह जाती हैं असंतुष्ट

एक शोध के अनुसार सेक्स के दौरान अध‍िकतर महिलायें चरमोत्कर्ष यानी ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंच पातीं। इसकी बड़ी वजह यह है कि पुरुष कुछ जरूरी बातों का ध्यान ही नहीं रखते। चलिए एक ऐसी कक्षा में जहां पुरुषों को मिलेगी वह जानकारी जिससे वे अपनी साथी को सेक्स का

सभी By Bharat Malhotra / Feb 19, 2014

महिलाओं की असंतुष्ट‍ि

सेक्स के लिए दो ऐसे पार्टनर का होना जरूरी है जो एक दूसरे से भावनात्मक और मानसिक रूप से जुड़े हों क्योंकि मन के मेल के बिना शारीरिक संबंधों का मेल बेमानी होता है। एक शोध के अनुसार सेक्स के दौरान अध‍िकतर महिलायें चरमोत्कर्ष यानी ऑर्गेज्म तक नहीं पहुंच पातीं। इसकी बड़ी वजह यह है कि पुरुष कुछ जरूरी बातों का ध्यान ही नहीं रखते। चलिए एक ऐसी कक्षा में जहां पुरुषों को मिलेगी वह जानकारी जिससे वे अपनी साथी को सेक्स का पूरा आनंद दे पाएंगे।

रोज-रोज वही-वही

सेक्स रोमांच और रोमांस का नाम है। अगर आप अपने साथी को खुश करना चाहते हैं, तो नयेपन के लिए तैयार रहें। आपकी साथी यह बिलकुल नहीं चाहती कि सेक्स कार्बन छाप टाइप हो जाए। अगर उसे पहले से इस बात का अंदाजा हो कि सेक्स के दौरान आपका अगला कदम क्या होगा, तो इसका मजा उतना नहीं रहता। जरूरी है कि आप सेक्स के दौरान कुछ ऐसा करें कि वह चौंक जाए। याद रख‍िये आपको अपने साथी को चौंकाना है, डराना नहीं।

मशीनी सेक्स

सेक्स का असली आनंद तब आता है जब उसमें दोनों साथ‍ियों की बराबर की भागीदारी हो। यदि आपकी साथी इसका आनंद नहीं उठा पा रही है, तो यकीन जानिये आप भी पूर्ण सुख से वंचित ही रहेंगे। सेक्स मशीन की तरह नहीं किया जाना चाहिए कि जिसमें एक प्रोग्राम फीड कर दिया गया हो। यह मानवीय होना चाहिए, जिसमें एक दूसरे का सहयोग और साथ दिया जाए, ताकि दोनों इसका पूरा आनंद उठा पायें।

आराम करें

सेक्स के दौरान बीच-बीच में आराम करना जरूरी है। आराम का अर्थ यह नहीं कि आप सो जाएं, लेकिन इसका अर्थ यह है कि आपको मालूम होना चाहिए कि कब आपको अपनी सांसों की गति और शारीरिक क्रिया पर नियंत्रण करने की आवश्यकता है। यह कुछ-कुछ तैराकी जैसा है, जिसमें आप थोड़ी देर पानी के अंदर रहते हैं और बीच-बीच में सांस लेने के लिए अपने मुंह पानी से बाहर निकलते रहते हैं। ऐसा करने से न केवल सेक्स सेशन की अवध‍ि बढ़ती है, बल्कि रोमांच भी कायम रहता है।

जल्दबाजी न करें

अगर आप सेक्स के दौरान बहुत जल्दबाजी में रहते हैं, तो यकीन जानिये आपकी साथी पूरी तरह से संतुष्ट हुए बिना ही रह जाती है। सेक्स में जल्दबाजी बिलकुल नहीं की जानी चाहिए। महिलाओं की कामेच्छ बढ़ने में काफी समय लगता है, ऐसे में आपको फोरप्ले व अन्य शारीरिक क्रियाकलापों से उन्हें उस स्तर तक लाना चाहिए, जहां से वे सेक्स का पूरा आनंद उठा पायें। इससे आप दोनों अध‍िक लंबे समय तक सेक्स का आनंद उठा पायेंगे। और वो तो आपने सुना ही होगा कि गरमागरम खाने से मुंह जल जाता है। तो यदि आप सेक्स में किसी प्रकार की जल्दबाजी करेंगे, तो न आप और न आपकी साथी ही बिस्तर पर संतुष्ट हो पाएगी।

करें वही जो वो कहे

यह जानने का प्रयास करें कि आपकी साथी को बिस्तर पर क्या पसंद है। यदि वह फोरप्ले का अध‍िक आनंद उठाती है, तो आपको उसमें अधिक समय देना चाहिए। इसके साथ ही यदि उसे किसी खास प्रकार का कामासन पसंद है या आपकी किसी अन्य विशेष क्रिया उसे ज्यादा लुभाती है, तो बिना शरम किये वो आपको वो करनी चाहिए। यह भी याद रख‍िये आपका यह न केवल आपको दायित्व है, बल्कि इससे आपको भी आनंद आएगा। आप इस बारे में अपनी साथी से बात कर सकते हैं या फिर आपको उन्हें हाव-भाव से भी इस बात का अंदाजा लग जाएग कि आप उन्हें पसंद करते हैं अथवा नहीं।

इशारों को समझें

आपको इशारों को समझने की कला का ज्ञान होना चाहिए। देखिये और जानने की कोशिश कीजिए कि आपकी साथी क्या चाहती है। दरअसल, यह संभव है कि आपकी साथी सीधे तौर पर आपको इस बारे में नहीं कहें, आपको ही उनके इशारों की बात समझनी होगी। आपको समझना होगा कि आपकी साथी आपसे कब क्या चाहती है। क्या वो संभोग के लिए तैयार है और संभोग के दौरान उसे आपकी कौन सी बात पसंद अथवा नापंसद आयी है। पुरुष अकसर ऐसा नहीं करते, वे केवल अपनी खुशी और संतुष्ट‍ि के बारे में सोचते और विचार करते हैं। ऐसे पुरुषों को महिलायें ज्यादा पसंद नहीं करतीं।

जगह बदलते रह‍िये

किस किताब में लिखा है कि सेक्स का आनंद केवल और केवल बेडरूम में ही उठाना चाहिए। रोज-रोज एक ही माहौल सेक्स को उबाऊ बना सकता है। आपको चाहिए कि आप सेक्स जीवन को रोमांचक बनाने और उसमें नयापन लाने के लिए कमरे से बाहर निकलिये। कभी सोफा, कभी काउच, कभी किचन, सेक्स का आनंद तो कहीं भी उठाया जा सकता है। बशर्ते आपके पास इतनी आजादी हो। यकीन जानिये आपकी साथी भी आपकी इस अदा को पसंद करेगी। नहीं यकीन आता, तो कभी आजमाकर देखिये।

आप बड़े मतलबी हो

अकसर सेक्स के दौरान पुरुषों को केवल अपनी फिक्र होती है। वे केवल अपनी खुशी और ऑर्गेज्म के बारे में विचार करते हैं। उनका पूरा ध्यान इस बात पर होता है कि वे क्या चाहते हैं और उनकी चाहत और जरूरत पूरी हुई अथवा नहीं। लेकिन, सेक्स के दौरान अपनी साथी की फिक्र न करना आपके लिए अच्छा नहीं। पुरुष महिलाओं की पसंद, चाहत और जरूरत के बारे में नहीं सोचते। ऐसा करना गलत है, आपको महिलाओं के ऑर्गेज्म के बारे में भी सोचना चाहिए। आपकी पूरी कोश‍िश होनी चाहिए कि आपकी साथी भी सेक्स का उतना ही आनंद उठाये जितना आप उठा रहे हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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