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इन कारणों से कुछ पीरियड्स के दौरान होता है ज्यादा दर्द

पीरियड्स में होने वाला दर्द तब तक ही सामान्य है जब तक आप बिस्तर ना पकड़ें। अगर आप दर्द के कारण बिस्तर पकड़ ले रहे हैं तो जरूरी है दर्द के इन कारणों को जानें।

महिला स्‍वास्थ्‍य By Gayatree Verma / Mar 10, 2016

पीरियड्स में दर्द

बुजुर्ग महिलाएं महीने के उन दिनों में दर्द होने को सामान्य स्थिति बताती है। जबकि दर्द की ये समस्या कुछ लड़कियों को नहीं होती और कुछ लड़कियों को बहुत अधिक होती हैं। अगर आप भी उन लड़कियों में शामिल हैं जिनको बहुत ज्यादा ही दर्द होता है तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय दर्द होने के कारणों में गौर करें।

 

व्यायाम ना करना

पीरियड्स में दर्द होने का सबसे बड़ा कारण है कम व्यायाम। पीरियड्स के दौरान तो लड़कियों बिल्कुल ही शारीरिक मेहनत बंद कर देती हैं। जबकि ये गलत है। व्यायाम करने से सेरोटोनिन नाम का हार्मोन निकलता है जो आपको अच्छा महसूस कराता है। वहीं पीरियड्स के कुछ दिनों पहले शरीर में प्रोजेस्ट्रॉन का स्राव होता है जो तनाव की वजह बनता है। यही तनाव दर्द की वजह बनता है।

नमक ज्यादा खाना

पेट दर्द की जगह पीरियड्स में कमर और कमर के नीचे दर्द होता है तो नमक कम खाएं। नमक अधिक खाना भी इन जगहों में उस दौरान दर्द का कारण बनता है। ये हर लड़की के लिए नहीं बल्कि उनके लिए है जिन्हें उस दौरान बहुत अधिक दर्द होता है।

उम्र भी वजह

उम्र बढ़ने के साथ-साथ पीरियड्स में भी दर्द बढ़ने लगता है। 20 की उम्र के बाद पीरियड्स का दर्द बहुत ही भयानक हो जाता है। ये प्रोस्टाग्लेंडिन्स की वजह से होता है जो यूटेरस की लाइनिंग को गिराने वाले हार्मोंस है।

यूटेराइन फाइब्रॉइड्स

पीरियड्स का अधिक दिन रहना और उस दौरान खून का अधिक बहना व बहुत अधिक दर्द होना यूटेराइन फाइब्रॉइड्स के लक्षण हैं। यूटेराइन फाइब्रॉइड्स की समस्या लगभग 75 फीसदी महिलाओं को होती है। यूटेराइन फाइब्रॉइड्स जब यूटेरस की लाइनिंग को छूते हैं तो बहुत अधिक दर्द होता है। ऐसे में अधिक दर्द होने पर अल्ट्रासाउंड करवा कर यूटेरस में यूटेराइन फाइब्रॉइड्स की जांच करवा लें।

एंडोमेट्रिओसिस

इसमें पीरियड्स में बेहद भयानक दर्द होता है और ये समस्या लगभग 10 फीसदी महिलाओं को होती है। इस समस्या के कारण महिलाओं को गर्भधारण करने में भी परेशानी होती है। एंडोमेट्रिओसिस में गर्भाशय की अंदरूनी लाइनिंग गर्भाशय के बाहर तक बढ़ जाती है। इससे अधिक खून बहता है जिससे पेल्विक एरिया को काफी नुकसान होता है। इसी कारण पीरियड्स में दर्दभरे क्रेंप्स होते हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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