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इन 5 कारणों से बच्‍चों के लिए अच्‍छा है दादा-दादी का साथ

भले ही यह एकल परिवार आज के युवाओं की पहली पसंद बन गया है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि बच्चों के प्रारंभिक विकास के लिए परिवार के बड़े-बुजुर्गों का प्‍यार और दुलार अत्यंत जरूरी होता है।

तन मन By Pooja SinhaNov 10, 2015

बच्‍चों के लिए अच्‍छा है दादा-दादी का साथ

समय के साथ-साथ जीवन की जरूरतें भी बदल रही है और बदलती जीवन शैली और व्यवसायिक परिस्थितियों के चलते व्यक्ति आय के बेहतर अवसर और आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए अपने माता-पिता से दूर जीवन व्यतीत करने के लिए विवश हो रहा है। परिणामस्वरूप आधुनिक समय में एकल परिवारों की संख्या में दिनोंदिन वृद्धि होने लगी है। भले ही यह एकल परिवार आज के युवाओं की पहली पसंद बन गया है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि बच्चों के प्रारंभिक विकास के लिए परिवार के बड़े-बुजुर्गों का प्‍यार और दुलार अत्यंत उपयोगी होता है। ऐसे में अपने बच्चों को अगर आप उनके दादा-दादी का साथ दे पाएं तो शायद आप उनके जीवन की भावनात्मक, पारिवारिक और नैतिक जरूरतों को पूरा कर पाएंगें। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानें कि दादा-दादी का साथ आपके बच्‍चे के लिए किस तरह से अच्‍छा है।

अच्छी तरह से देखभाल

यह तो सभी जानते हैं कि बढ़ते बच्‍चों को अधिक देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे में दादा-दादी न केवल बच्‍चों की देखभाल करते हैं बल्कि बच्‍चों के पहले दोस्‍त भी होते हैं। ग्रैंड पैरेंट्स की उपस्थिति से उन्‍हें सुकून मिलता है।

खेलना और सीखना

बच्‍चों को अपने प्रारंभिक वर्षों में साथ खेलने, बातें करने और कई अन्‍य बातों के लिए किसी की जरूरत होती है। बच्‍चे जिज्ञासु होते हैं और चीजों को बताने और कहानियों और चुटकुले को शेयर करने के लिए, जीवन के सभी अनुभव से भरपूर दादा-दादी से बेहतर कौन हो सकता है। उनके पास अपने पोता-पोती को देने के लिए बहुत कुछ होता है।

अधिक गतिविधियों में शामिल

बच्‍चों को खेलना बहुत पसंद होता है। इस तरह से इसके बच्‍चों और दादा-दादी दोनों के लिए दोहरे फायदे होते हैं। बच्‍चे खेल के दौरान ग्रैंड पैरेंट्स को खेल के मैदान, बाजार और मनोरंजन पार्क में टहलने के लिए ले जाते है, जिससे दादा-दादी की भी थोड़ी सी एक्‍सरसाइज हो जाती है।

समर्थन

हर दिन किसी का आपके साथ होना अमूल्‍य होता है। बच्चों आस-पास दादा-दादी का होना, सहायता का बड़ी भावना देता है। समर्थन के अलावा, बच्चों को अविश्वसनीय प्रभाव मिलता है।

मूल्यों और सिद्धांतों का असर

बच्‍चों के साथ बढ़ने और सबसे करीबी होने के कारण दादा-दादी बच्‍चों के पहले रोल मॉडल होते हैं। बच्‍चे अपने दादा दादी के व्‍यवहार, सिद्धांतों और मूल्‍यों से सीखते हैं। वह खेल-खेल के दौरान बच्‍चों को सही आकार यानी प्‍यार, परिपक्‍व और केयरिंग व्‍यक्ति बनाने का एक महत्‍वपूर्ण हिस्‍सा है।
Image - Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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