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मूली के पत्ते खाएं, ये बीमारियां दूर भगाएं!

क्‍या आप जानते हैं कि बेकार समझकर फेंके जाने वाले मूली के पत्‍ते भी आपको कई तरह की बीमारियों से बचा सकते हैं। आइए मूली के पत्‍तों के फायदों के बारे में जानें।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Pooja SinhaJan 09, 2017

बीमारियां दूर भगाएं मूली के पत्‍ते

सर्दियों के आते ही बाजार में हरी सब्जियों की भरमार हो जाती है। इसे में से एक सब्‍जी मूली भी है। यूं तो सलाद में मूली बहुत पसंद की जाती है लेकिल इसके परांठे और सब्जी के कद्रदानों की भी कमी नहीं है। मूली में क्लोरीन, फास्फोरस, सोडियम, मैग्नीशियम, विटामिन ए, बी और सी भी होता है। पेट और मूत्र विकार के अलावा यह अन्‍य कई लाभ भी पहुंचाती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि बेकार समझकर फेंके जाने वाले मूली के पत्‍ते भी आपको कई तरह की बीमारियों से बचा सकते हैं। आइए मूली के पत्‍तों के फायदों के बारे में जानें।

आवयक विटामिन और मिनरल से भरपूर

मूली के पत्‍तों में मूली की तुलना में कहीं अधिक पोषक तत्‍व होते हैं। यह हमें पोषक तत्‍वों से युक्‍त डाइट और आयरन, कैल्शियम, फोलिक एसिड, विटामिन सी और फॉस्फोरस जैसे शारीरिक कार्यों के लिए आवश्‍यक कई महत्वपूर्ण मिनरल प्रदान करता हैं।

डायटरी फाइबर में भरपूर

मूली के पत्‍तों में मूली की तुलना में अधिक फाइबर होता है। फाइबर पाचन प्रक्रिया में मदद के लिए जाना जाता है। मूली के पत्‍ते कब्‍ज और पेट की समस्‍याओं को दूर करने में मदद करते हैं। ट में गैंस बनती है तो मूली के पत्‍तों में रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से तुरंत लाभ मिलता है।

इम्‍यूनिटी बढ़ाये और थकान दूर करें

मूली के पत्‍तों में मौजूद अधिक आयरन थकान को दूर करने में मदद करता है। मूली के पत्‍तों में मिनरल जैसे आयरन और फॉस्‍फोरस, रोग प्रतिरोधक क्षामता को बढ़ाने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें आवश्‍यक मिनरल जैसे विटामिन सी, ए और थाइमिन मौजूद होते हैं जो थकान को दूर करने में मदद करते हैं। मूली के पत्‍तों में आयरन की अधिक मात्रा के कारण एनीमिया या कम हीमोग्‍लोबिन से ग्रस्‍त लोगों को मूली के पत्‍तों का सेवन करना चाहिए।

पाइलस का इलाज

मूली के पत्‍ते दर्दनाक पाइलस का इलाज करने में मदद करते हैं। एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के कारण मूली के पत्‍ते सूजन और दर्द को कम करने में मदद करते हैं। मूली के पत्‍तों का पाउडर बनाकर इसमें उसी मात्रा में चीनी और थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्‍ट बना लें। फिर इस पेस्‍ट को सूजन वाली जगह पर लगा लें। थोड़े दिन इस उपाय को लगातार करने से समस्‍या दूर हो जायेगी।

अन्‍य लाभ

मूली में एंथोकाइनिन होता है जो दिल के रोगों से दूर करता है।
इसे खाने से शरीर से विषैले तत्‍व कम होते है और त्‍वचा में निखार आता है।
मूली के पत्ते का रस एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक है।
मूली के पत्‍तों में सोडियम होता है जो हमारे शरीर में नमक की कमी को पूरा करता है।
मूली के पत्‍तों में फास्‍फोरस होता है, इसलिए भोजन के साथ सेवन करने से बालों का असमय गिरना बंद हो जाता है।
मूली के पत्‍तों को धोकर मिक्‍सी में पीसे लें। फिर इन्‍हें छानकर इनका रस निकालें और मिश्री मिला लें। इस मिश्रण को रोजाना पीने से पीलिया रोग में आराम‍ मिलता है।
Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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