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इन सर्दियों रहें कोल्‍ड व फ्लू से सुरक्षित

सर्दी और फ्लू में सामान्यतः अंतर करना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन फ्लू तेजी से आता है और सर्दी की तुलना में जिस्म को ज्यादा दर्द और परेशानी देता है।

कोल्‍ड और फ्लू By Rahul SharmaNov 11, 2014

कोल्‍ड व फ्लू से सुरक्षा

सर्दी आ रही हैं और ये धीरे धीरे आती हुई सर्दी चुपके से कोल्ड और फ्लू के रूप में खतरनाक हमले भी शुरू कर देती हैं। सर्दी और फ्लू में सामान्यतः अंतर करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन फ्लू तेजी से आता है और सर्दी की तुलना में जिस्म को ज्यादा दर्द और परेशानी देता है। लेकिन सवाल यह उठता है, कति भला इससे कैसे बचा जाए? तो चलिये जानें कोल्‍ड एंड फ्लू से सुरक्षित रहने के तरीके।
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फ्लू से बचाव का टीका

फ्लू से बचाव के लिए टीका लगवाएं, यह फ्लू से बचाव का एक कारगर तरीका है। क्‍योंकि इससे हमारी इम्युनिटी का स्‍तर बढ़ जाता है। हर साल स्कूल जाने वाली आयु वर्ग के बच्चों सहित उन सभी लोगों का टीकाकरण कराने की सलाह दी जाती है जो इन्फ्लूएंजा से बीमार होने या दूसरों को इन्फ्लूएंजा संचारण के जोखिम को कम करना चाहते हैं।
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सफाई का रखें खास खयाल

गंदगी के कारण भी फ्लू वायरस व सर्दी-जुखाम के संक्रमण फैलते हैं। इसलिए स्‍वच्‍छता पर विशेष ध्‍यान देने की सख्त जरूरत होती है। ये वायरस आमतौर पर खांसी से हवा में फैलते हैं। और फिर सीधे संपर्क में आता है, ( जैसे हाथ मिलाने या चुंबन आदि से)।
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तनाव व अवसाद से बचकर

तनाव फिर चाहे वो किसी भी कारण से हो, से हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता घटती है और संक्रमण होने का खतरा अधिक हो जात है। इसके अलावा शारीरिक मेहनत की कमी, खाने-पीने के प्रति लापरवाही और लंबे समय तक दीवारों के भीतर खुद को बंद कर काम करने से भी संक्रामक रोगों से लड़ने की ताकत कम होती है।
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हाथ धोएं

डॉक्टर बताते हैं कि, फ्लू के कीटाणु सूंघने से या सांस के जरिए नहीं फैलते हैं, बल्कि ये हमारे हाथों के जरिए चेहरे पर और फिर आंखों, कानों, नाक और मुंह के माध्यम हमारे शरीर में चले जाते हैं। इसलिए कुछ भी खाने से पहले हाथों को ठीक प्रकार से धोएं।
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बार-बार चहरे को हाथ न लगाएं

रिस्क एनेलेसिस नामक जर्नल में पिछले महीने प्रकाशित एक अध्ययन में सामने आया कि अमेरिकी छात्र लैपटॉप का इस्तेमाल करते समय औसतन हर चार मिनट में एक बार अपने नाक, होंठ या आंखों को छूते हैं। इसलिए अच्छा यही है कि अगर आप घर में हैं, तो न केवल खाने से पहले, बल्कि छींकने या खांसने के बाद भी समय-समय पर हाथ धोते रहें और सैनिटाइजर या टिश्यू पेपर अपने साथ रखें।
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एल्कोहॉल बेस्ड हैंड सेनेटाइज़र लें

हाथों को साफ रखना जरूरी है, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं कि आप हर जगह अपने हाथों को कीटाणु मुक्त रखने के लिए साबुन और पानी से हाथ धो पाएं। तो इसके लिए आपको अपने साथ एक अच्छा सा एल्कोहॉल बेस्ड हैंड सेनेटाइज़र रखना व इस्तेमाल करना चाहिए।
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आराम और रिलेक्सेशन पर व्यायाम भी

रिलेक्सेशन की कोई भी तरकीब (चाहे वह ऐरोबिक्स, ध्यान, योग, टहलना, किताब पढ़ना या दोस्तों से मिलना कुछ भी हो) आदि मे से कोई रोज आधे घंटे तक करने से स्ट्रैस हारमोन रिलीज होने में रुकावट आती है, और इम्यूनिटी का फंक्शन बढ़ता है।
इसके अलावा रोज सात से आठ घंटे की नींद जरूर लें। रोज आधे घंटे तक व्यायाम भी करना चाहिए।
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सही खानपान

सही खानपान से भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। हमारे इम्यून सिस्टम का तीस से चालीस प्रतिशत हिस्सा खानपान व पाचन पर ही निर्भर करता है। ऐसे में दही जैसे प्रोबायोटिक्स शुगर, मीट, दवाओं और तले-भुने भोजन की वजह से शरीर में होने वाल असंतुलन को ठीक करती है। साथ ही दिन में पांच फल या सब्जी खाने का नियम बनाएं। मेवे और ऑयलसीड्स भी इम्यूनिटी के जबर्दस्त भंडार होते हैं। इनका भी नियमित सेवन करें।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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