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सर्दियों में रखें अपनी आंखों का खास ख्याल

सर्दियों के मौसम में ड्राई-आई की समस्या आम है। ड्राई-आई के कारण आंखों में दर्द व जलन होती है। इससे बचने के लिए आंखों का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है।

आंखों के विकार By Shabnam Khan / Nov 13, 2014

सर्दियों के शुष्क मौसम से बचाएं आंखें

सर्दियों में हम अपने शरीर को ढकने पर तो पूरा ध्यान लगा देते हैं, लेकिन भूल जाते हैं कि हमारे शरीर का एक बेहद नाजुक हिस्सा पूरी सर्दियों खुला ही रहता है। हमारी आंखें सर्द मौसम और बर्फीली हवाओं से बहुत प्रभावित होती हैं। सर्दियों में आंखों में जाने वाली धूल-मिट्टी गर्मियों से अधिक नुकसान पहुंचाती है क्योंकि इस मौसम में आंखों के अंदर धूल जम जाती है और इनफेक्शन पैदा कर सकती है। सर्दियों के इस मौसम में आपकी आंखों में जलन, धुंधला दिखना और देखने में किसी तरह की दिक्कत आ रही हो तो उसे नजरअंदाज न करें। आइये जानते हैं सर्दियों के मौसम में आप कैसे अपनी आंखों को सुरक्षित रख सकते हैं।

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सन ग्लासेज पहनें

अगर आपको घर के बाहर काफी रहना पड़ता है तो कोशिश करें कि आपने सनग्लासेज़ पहने हुए हों। ये आपकी आंखों की दो तरह से रक्षा करता है। सनग्लासेज लगाने से शुष्क हवाएं सीधे आपकी आंखों में नहीं लगती, जिससे आंखें शुष्क नहीं होती। दूसरा, ये आपकी आंखों को यूवी सुरक्षा प्रदान करते हैं। अगर आप बर्फ के बीच जा रहे हैं तो फिर सन ग्लासेज लगाना आपके लिए बहुत जरूरी हो जाता है क्योंकि बर्फ सूरज के यूवी प्रकाश का 80 प्रतिशत तक रिफ्लैक्ट करता है।

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आईड्रॉप्स

सर्दियों में घर से बाहर शुष्क हवाओं और घर के भीतर शुष्क गर्मी के कारण अक्सर ड्राई-आई सिंड्रोम हो जाता है। आंखों में नमी की कमी हो जाना आंखों के लिए बहुत अधिक नुकसानदायक होता है। ऐसी स्थिति में लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स के इस्तेमाल से राहत मिल सकती है। ये आई ड्रॉप आपको किसी भी मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हो जाएंगी। ये प्राकृतिक टियर लेयर की मदद करता है और आंसुओं के तुरंत सूख जाने से आंखों को बचाता है।

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अधिक पानी पियें

आप ये तो जानते हैं कि जब बाहर गर्मी हो तो अधिक तरल पदार्थों का सेवन करना चाहिए लेकिन सर्दियों में ड्राई आई से बचने के लिए हाईड्रेट रहना भी उतना ही जरूरी है, शायद ही आपने इस बात पर ध्यान दिया हो। रोज पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से ड्राई आई की स्थिति में काफी लाभ होता है, खासतौर पर तब जब आप सर्द और शुष्क परिस्थितियों में बाहर निकल रहे हों।

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पलकों को झपकाएं ज्यादा

जब आप किसी चीज पर ध्यान लगाते हैं तो आपकी पलकों का झपकना सामान्य से कम हो जाता है। बहुत अधिक ध्यान लगाने पर तो पलकों का झपकना लगभग बंद भी हो जाता है। जैसे मोबाईल स्क्रीन, टीवी आदि की स्क्रीन्स पर देखते हुए। कम पलके झपकाने से आंखें शुष्क हो जाती हैं। इसलिए अगर आपको अपनी आंखों में खुश्की महसूस हो रही है, भारीपन भी हो रहा है तो पलकों को ज्यादा झपकाना शुरू कर दें।

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मछली खाएं

रिसर्च बताती हैं कि आप जो खाते-पीते हैं उसका आपकी आंखों पर काफी असर पड़ता है। ओमेगा-3 फैटी ऐसिड युक्त खाना खाने से ड्राई-आई की समस्या कम हो सकती है। ओमेगा-3 फैटी ऐसिड ड्राई-आई सिंड्रोम के लिए एक प्रभावी उपचार है। छोटी समुद्री मछली, ट्यूना, सैलमन और ट्राउट मछलियां इस तत्व का काफी अच्छा स्रोत माना जाता है। इन मछलियों का 3.5 आउंस खाने से लगभग 1 ग्राम ओमेगा-3 प्राप्त होता है।

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हाथ रखें दूर

ड्राई-आई की स्थिति में आंखों में खुजली और जलन होने लगती है, और इस वजह से लोग अपनी आंखों को हाथों से मलने लगते हैं। आपको लगता है कि ऐसा करने से आपको राहत मिलेगी लेकिन असल में ऐसा करने से स्थिति और खराब होती है। इससे आंखों में दर्द हो सकता है और लालिमा बढ़ सकती है। इसके अलावा, आपके हाथों में काफी बैक्टीरिया भी होते हैं जिससे आपकी आंखों को इन्फैक्शन हो सकता है।

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कंप्यूटर से ब्रेक लें

कंप्यूटर और लैपटॉप पर देर तक काम करना आपकी आंखों को शुष्क बनाकर उन्हें थका सकता है। कंप्यूटर पर काम करते हुए थोड़ी थोड़ी देर में ब्रेक लें और अपनी आंखें किसी ओर तरफ करें। इसके लिए एक 20-20-20 नियम है। जब आप कंप्यूटर पर देर तक के लिए काम कर रहे हों, तो हर बीस मिनट में, बीस फुट दूर रखी किसी चीज़ को बीस सेकेंड के लिए देखें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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