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प्रियापिज्म या प्रोलॉंग इरेक्शन और इसके इलाज के बारे में जानें

प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन में किसी पुरुष को चार-चार घंटों तक बिना सेक्सुअल सेंसेशन के लिंग में तनाव बना रहता है। यह एक कष्टप्रद समस्या है, जिसके होने पर जल्द डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

सभी By Rahul SharmaAug 22, 2014

प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन

बहुत सारे लोग इरेक्शन नहीं होने की शिकायत करते हैं लेकिन प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन (Priapism or prolonged erection) समस्या इसके ठीक उलट होती है। इसमें पुरुष के लिंग में उत्तेजना चार-चार घंटों तक रहती है लेकिन उसमें कोई सेक्सुअल सेंसेशन नहीं होती है। ऐसी स्थिति में लिंग में खून जमा होने लगता है। महिलाओं में इस स्थिति को क्लिटोरिस्म कहा जाता हैं।
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प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन से समस्या

प्रियापिज्म या प्रोलॉग इरेक्शन एक असामान्य स्थिति होती है, जिसमें जल्द ही मेडिकल अटेंशन की जरूर होती है। ऊतकों को नुकसान पहुंचने से बचाने के लिए तत्काल चिकित्सा की जरूरत होती है, क्योंकि इसके कारण इरेक्टाइल डिसफंक्शन हो सकता है।
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प्रियापिज्म की आयु

प्रियापिज्म की समस्या 5 से 10 साल के लड़कों तथा 20 से 50 साल के पुरुषों में अधिक होती है। यह समस्या कष्टदायक होती है। और कई सेक्स संबंधी समस्याओं का नेत्रत्व कर सकती है।
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प्रियापिज्म के लक्षण

प्रियापिज्म असामान्य रूप से लगातार बिना किसी यौन उत्तेजना से संबंधित जननांग के तनाव का कारण बनता है। प्रियापिज्म के लक्षण इसके प्रकार के आधार पर भिन्न हो सकते हैं। प्रियापिज्म के सामान्यत: दो प्रकार, इस्कीमिक और नॉनइस्कीमिक (Ischemic & nonischemic priapism) प्रकार होते हैं।  
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नॉनइस्कीमिक प्रियापिज्म

जब लिंग में खून का बहाव बहुत तेज होता है, तब नॉनइस्कीमिक प्रियापिज्म होता है। इसमें सामान्यतः दर्द नहीं होता। इसमें कम से कम चार घंटे तक इरेक्शन होता है। या फिर इरेक्शन तो होता है लेकिन संवेदना नहीं होती है।
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इस्कीमिक प्रियापिज्म

इस्कीमिक प्रियापिज्म को लो फ्लो प्रियापिज्म भी कहा जाता है। इसमें भी अवांक्षनीय इरेक्शन चार घंटों तक हो सकता है। आमतौर पर यह दर्दनाक या निविदा लिंग वाला होता है। इसके दौरान भी कोई संवेदना नहीं होती है।
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प्रियापिज्म का कारण

हालांकि प्रियापिज्म का कारण अभी तक ज्ञात नहीं है। लेकिन यह तंत्रिका क्षति या कुछ प्रकार की दवाओं के सेवन के पक्ष प्रभाव के के काण हो सकता है। यह रक्त को प्रभावित करने वाली स्थितियों, जैसे सिकल सेल एनीमिया या ल्यूकेमिया या फिर लिंग या जननांग क्षेत्र की किसी चोट के कारण भी हो सकता है। शराब और अवैध ड्रग्स भी इसका कारण हो सकते हैं।
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प्रियापिज्म का उपचार

प्रियापिज्म के उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। ऐसी स्थिति में आइस पैक भी लगा सकते हैं। कुछ गंभीर या पुराने मामलों में सर्जरी की भी सलाह दी जाती है। इसका उपचार दवाओं या फिर लिंग से खून बाहर निका कर या फिर दोनों से किया जा सकता है।
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वैकल्पिक चिकित्सा उपचार

कुछ सामान्य व्यायाम जैसे ऐसे जॉगिंग या साइकलिंग आदि को नियमित रूप से करने पर इसके लक्षणों में कमी आती है। गुनगुने पानी से स्नान करने के बाद भी मदद मिल सकती है। मूत्र त्याग करने से भी इस समस्या में आराम होता है। लेकिन जल्द आराम न होने पर तुरंत डॉक्टरी मदद अवश्य लेनी चाहिए।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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