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चश्मा पहनने वाले ही समझ सकते हैं ये परेशानियां

चश्मा पहनने को रोजाना कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस स्लाइडशो में जानते हैं कि चश्मा पहनने वालों को कितनी परेशानियां होती हैं।

तन मन By Devendra Tiwari / Dec 28, 2015

चश्मा और परेशानियां

आंखें अनमोल हैं, क्योंकि इससे हम दुनिया को देखते हैं। लेकिन कुछ लोगों की आंखों की रोशनी कम हो जाती है, जिसके चलते उनको चश्मा पहनना पड़ता है। वैसे देखा जाये तो जिन्हें चश्मा नहीं लगा होता है उनके लिए चश्मा बहुत ‘कूल’ लगता है, लेकिन जिन लोगों की दुनिया चश्मे के बिना धुंधली हो जाती है उनसे पूछिए क्या उन्हें भी ऐसा ही लगता है। चश्मा पहनने वाले बिना चश्मे के अपनी दुनिया की कल्पना नहीं कर सकते हैं। इसके लिए रोज उनको कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ता है। इस स्लाइडशो में जानते हैं कि चश्मा पहनने वालों को कितनी परेशानियां होती हैं।

सुबह की शुरूआत नहीं कर सकते

जिनकी आंखों की रोशनी सामान्य रहती है वे सुबह उठकर दूसरे काम में लग जाते हैं। लेकिन जो लोग चश्मा पहनने हैं वे बिना चश्मे के अपनी सुबह की शुरूआत नहीं कर सकते। उठने के बाद वे चश्मा ढूढते हैं और फिर अपना दिन शुरू करते हैं। इसलिए चश्मा पहनने वाले लोग सोते वक्त अपना चश्मा अपने साथ रखकर सोते हैं।

चश्मा टूटने का डर

डर तो सभी को होता है, लेकिन चश्मा पहनने वालों का सबसे सामान्य डर है चश्मे का टूटना। उनको हर समय ये डर बना रहता है कि चश्मा गिरकर टूट गया तो, दिखना तो बंद हो जाएगा। इसके अलावा नया फ्रेम और ग्लास दोनों ही सेट होने में थोड़ा वक्त भी लगता है।

लोगों की बातें सुनना

अगर आपने स्टाइलिश चश्मा पहना है तो लोग आपकी तारीफ करेंगे। लेकिन वहीं दूसरी तरफ आपने अगर मोटी ग्लास वाला चश्मा पहना है तो लोग आपके ऊपर कमेंट भी करेंगे। चश्मा पहनने वालों को ‘चशमिश’ ‘बैटरी’ जैसे कमेंट अक्‍सर सुनने को मिलते हैं। कुछ लोग तो यह भी बोल देते हैं कि यह फ्रेम तुम्हारे ऊपर बिलकुल सूट नहीं कर रहा है।

नहीं ले सकते बारि‍श का मजा

बारिश की फुहारों का मजा भला कौन नहीं लेना चाहता है, सभी का मन बारिश की बूंदों के साथ अठखेलिया करने का होता है। लेकिन चश्‍मा पहनने वाला शख्स बारिश का मजा नहीं ले सकता। क्योंकि बारिश का पानी जब चश्मे पर पड़ेगा तो उसे सब धुंधला दिखाई देगा। इसलिए चश्मा पहनने वाले लोग बारिश से बचते हैं।

कुछ समस्यायें ये भी हैं

घर की सफाई की तरह हर रोज चश्में के ग्लास की सफाई भी जरूरी है। चश्मा भूलना मतलब हर तरह से लाचार हो जाना। चाय या कुछ भी पीते वक्त भाप का ग्लास पर फैलने से चाय और दूसरी चीजों का मजा न ले पाना। चेहरा हर वक्त एक सा ही नजर आना। हेलमेट में चश्में का ठीक तरह से फिट न होना। ड्राइविंग के दौरान समस्या होना।
Image Source : Getty

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