Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

हार्ट अटैक से होने वाली ब्लॉकेज को पीपल के पत्तों से करें दूर

पहले हार्ट अटैक के बाद शारीरिक को दोबारा सामान्य होने में थोड़ा समय लगता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि हार्ट अटैक से होने वाली ब्लॉकेज को पीपल के पत्तों से दूर किया जा सकता है।

घरेलू नुस्‍ख By Rahul SharmaMar 03, 2016

पीपल के पत्तों से हार्ट अटैक का इलाज

अनियमित जीवनशैली, खराब खानपान व एक्सरसाइज ना करने के चलते हार्ट अटैक अर्थात हृदय आघात के मामले काफी बढ़े हैं। हार्ट अटैक घातक होता है, लेकिन अटैक का सामना कर लेने के बाद भी समस्याएं खतम नहीं होती हैं। पहले हार्ट अटैक के बाद शारीरिक को दोबारा सामान्य होने में थोड़ा समय लगता है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसा घरेलू नुस्खा बता रहे हैं जिसकी मदद से हार्ट अटैक के बाद होने वाली समस्याओं को ठीक करने में काफी मदद मिलती है, वो भी बहुत कम समय में। ये नुस्खा है पीपल के पत्तों का काढ़ा। चलिये जानें इसे बनाने व प्रयोग करने के तरीके के बारे में -

पीपल के पत्तों का असरदार नुस्खा

सबसे पहले पीपल के लगभग 15 पत्ते ले लें और इन्हें धो-पौंछ कर साफ कर लें। सुनिश्चित कर लें कि यह पत्ते मुरझाए ना हों, या कहीं से सड़े-कटे ना हों और ताज़े हों।

कैसे करें इसे तैयार

अब इन पत्तों के नीचे व ऊपर के भाग को काटकर अलग कर दें और अब इन्हें एक गिलास पानी में धीमी आंच पर पकने के लिये रख दें। जब पानी उबलकर एक तिहाई हो जाए, तो इस नुस्खे को आंच से उतारकर ठंडा होने के लिए रख दें।

तैयार है काढ़ा

यह एक प्रकार का काढ़ा बन कर तैयार हो जाता है और रोगी अब इसका सेवन कर सकता है। इस काढ़े की तीन खुराकें बनाकर रोगी को दिन में तीन बार  देना चाहिये। 15 दिनों तक ऐसा करने से ब्लॉकेज कम होती है और रोगी को काफी फायदा होता है। लेकिन यह एक घरेलू नुस्खा ही है, और आपको इसे अपनाने से पहले अपने डॉक्टर से इसकी मंज़ूरी ज़रूर ले लेनी चाहिये।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK