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आॅफिस में इन 5 लोगों से रहें दूर, हो सकता है डिप्रेशन!

जो लोग आॅफिस जाते हैं उनमें डिप्रेशन का दोष काफी देखा जाता है। आज हम आपको ऐसे 5 लोग बता रहे हैं जो आपको आॅफिस में डिप्रेशन का शिकार बना सकते हैं।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Rashmi UpadhyayMar 21, 2017

आॅफिस में तनाव

आजकल लोगों में तनाव यानि कि डिप्रेशन के लक्षण काफी देखे जा रहे हैं। कभी-कभी इसके लिए हमारा खानपान सहित हमारा लाइफस्टाइल जिम्मेदार होता है तो कभी-कभी कुछ परिस्थितियां हमें डिप्रेशन का शिकार बना देती हैं। जो लोग आॅफिस जाते हैं उनमें डिप्रेशन का दोष काफी देखा जाता है। आज हम आपको ऐसे 5 लोग बता रहे हैं जो आपको आॅफिस में डिप्रेशन का शिकार बना सकते हैं।

अहंकारी प्रवृत्ति के लोग

जो इंसान हमेशा दूसरों की छोटी-छोटी गलतियों पर भड़कता है व अपने बड़े-बड़े दोषों को भी स्वीकार नहीं करता, समझ लिजिए वह लोग बहुत अहंकारी प्रवृत्ति के हैं। जब ऐसे लोग आपकी छोटी-छोटी गलतियों को रेखांकित कर या मसाला लगा कर दूसरों के सामने पेश करते हैं और अपनी गल​ती कभी मानते नहीं है तो डिप्रेशन होना लाजमी है। इस​से बचने का सबसे अच्छा तरीका है हर काम में अपना बेस्ट दें और ऐसे लोगों से दूर रहें।

ज्यादा बोलने वाले लोग

कई लोग आॅफिस में ऐसे भी होते हैं जो बिना किसी जरूरी बात के बोलना शुरू कर देते हैं। जब आप काम कर रहे होते हैं और ऐसे लोगों की आवाज आपके कान में जाती है तो आप बहुत डिस्टर्ब होते हैं। कभी-कभी ऐसे लोग आपसे सीनियर भी होते हैं। जिसके चलते हमारे मन की बात मन में ही रह जाती है और काम लगातार डिस्टर्ब होता है। जिसका सीधा जोर हमारे दिमाग पर पड़ता है और डिप्रेशन के लक्षण पैदा होने शुरू हो जाते हैं। इससे बचने के लिए आप उनसे प्रत्यक्ष तौर पर थोड़ा धीरे बोलने की अपील कर सकते हैं। क्योंकि आप पर्सनली नहीं बल्कि आॅफिस के काम के लिए ऐसा कह रहे हैं।

सीनियर पदों पर बैठे लोग

जो लोग सीनियर सीट पर बैठे होते हैं उन्हें बिना किसी शक के हमसे ज्यादा अनुभव और ज्ञान होता है। लेकिन कभी-कभी कोई सीनियर इस चीज का फायदा उठाकर हमें दबाने की कोशिश करता है। अगर आपके साथ ऐसा होता है तो इसका शिकार ना बनें बल्कि इसका विरोध करें। डिप्रेशन की चपेट में आने का ये भी बड़ा कारण है।

चुगली करने वाले लोग

आॅफिस में कई लोग ऐसे होते हैं जो भले ही अपने काम में परफेक्ट ना लेकिन फिर भी किसी ना किसी बात को लेकर अपने से सीनियर या बॉस से चुगलियां करते रहते हैं। जबकि ऐसे लोग आपके सामने आपका चाहने वाला और शुभचिंतक बताते हैं। लेकिन जब बाद में आपको उनकी असलियत पता चलती है तो डिप्रेशन होना लाजमी है। इसलिए आॅफिस में जो इंसान हमेशा आपके मन की बात जानने के लिए उतारू हो, उसके साथ लिमिटिड बात करनी चाहिए।

कामचोर किस्म के लोग

जब आॅफिस में कोई आपकी जैसी पोस्ट पर हो और आपके बराबर ही सेलरी ले रहा हो लेकिन आपके जितना काम ना करें तो ये बात खटकना लाजमी है। कभी—कभी ऐसी स्थिति भी बन जाती है कि आप ऐसे कामचोर लोगों की असलियत सबके सामने नहीं ला पाते हैं। जो दिमाग में घर करने लगती है। ऐसे लोगों को इग्नोर करें। नहीं तो जबरदस्त डिप्रेशन हो सकता है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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