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घबराकर की जाने वाली ये 11 आदतें सेहत को पहुंचाती है नुकसान

कई बार परेशान होकर या फिर नर्वस होकर हम ऐसे काम करने लगते हैं जिसका असर सेहत पर पड़ता है और आप बीमार हो जाते हैं, आइए जानते हैं उन आदतों के बारे में जिसे आप अक्‍सर घबराने के बाद करते हैं।

तन मन By Meera RoyJul 21, 2015

जब हम घबराते हैं

नाखून कुतरना, बालों को अंगुलियों में घुमाना, गर्दन चटकना आदि। ये सभी आदतें परेशान या बेचैन होने की निशानी हैं। हम ऐसा अकसर करते हैं। बिना यह जानें कि ये सब करने के असंख्य नुकसान हैं। जी, हां! स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो इस तरह की आदतें हमें बीमार करती हैं। सवाल है कैसे? आइये जानते हैं।

नाखून कुतरना

नाखून कुतरना सबसे आम बुरी आदतों में शुमार है। डरावनी फिल्म देख रहे हों या फिर रिजल्ट आना हो। ज़रा भी घबराहट की स्थिति में अकसर लोग नाखून कुतरने लगते हैं। लेकिन क्या आप नाखून कुतरने के नुकसान से वाकिफ हैं? न्यू यार्क सिटी के त्वचा विशेषज्ञ डा. माइकल शैपिरो की मानें तो नाखून कुतरने से नाखून के इर्द-गिर्द मौजूद त्वचा को क्षति पहुंचती है। त्वचा डैमेज हो सकती है। यही नहीं इसका असर विपरीत भी हो सकता है। कहने का मतलब है कि त्वचा में लगे बैक्टीरिया मुंह में ट्रांसफर हो सकते हैं परिणामस्वरूप गम या थ्रोट इंफेक्शन होने का खतरा बन सकता है।

बाल घुमाना

लड़कियों को अकसर बालों को अंगुलियों में घुमाने की आदत होती हैं। सामान्यतः यह कोई बीमारी नहीं लगती। लेकिन सौंदर्य विशेषज्ञों की मानें तो यह बहुत गंभीर बीमारी का रूप इख्तियार कर सकती है। दरअसल बालों को घुमाने से जड़ें कमज़ोर हो सकती हैं। बाल अस्थायी या स्थायी रूप से झड़ सकते हैं। इतना ही नहीं जगह विशेष में इंफेक्शन हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो अकसर बालों को अंगुलियों में घुमाना साइकेट्रिक इम्पल्स कंट्रोल कंडीशन की निशानी है। इससे निजात पाने के लिए मेडिकेशन और साइकोथैरेपी की आवश्यता भी पड़ सकती है।

गर्दन चटकाना

गर्दन घुमाने की आदत सामान्यतः पुरुषों में देखने को मिलती है। काम का दबाव हो या काम का तनाव। पुरुष अकसर स्क्रीन के सामने बैठे बैठे अंजाने में कई बार गर्दन चटकाने लगते हैं। ओर्थोपेडिक सर्जन की मानें तो गर्दन चटकाने से बेशक कुछ पल के लिए आराम का एहसास होता है। लेकिन इससे मसल्स में चोट लगने का खतरा होता है। यही नहीं हड्डी को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। अतः अगली बार गर्दन चटकाने से पहले कई बार सोच लें।

चेहरा मलना

तनाव में अकसर चेहरा खिचा खिचा महसूस करता है। आंखें बोझिल हो जाती हैं और माथा भारी लगने लगता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि तनाव से मुक्त होने के लिए हाथों से चेहरा मलने लगें। इससे आपकी बाहरी मुलायम त्वचा चोटिल हो सकती है। त्वचा विशेषज्ञों के मुताबिक बार बार चेहरा मलने से स्थायी दाग हो सकते हैं। चेहरे पर यदि पिम्पल है तो उन्हें चोट लग सकती है। ठीक होने में लम्बा समय ले सकते हैं।

दांतों को रगड़ना

तनाव या गुस्से में दांत पीसना या दांत रगड़ना खतरनाक आदतों में शुमार है। ऐसा करने से मुख सम्बंधी असंख्य बीमारियां हमें अपना घर बना सकती हैं। दांतों को लगातार पीसने से दांत टूट सकते हैं, मसूड़े कमज़ोर हो सकते हैं। नतीजतन रूट कनाल करवाना पड़ सकता है। ऐसा करने से जबड़े में भी चोट पहुंच सकती है।

टाफी या चाकलेट खाना

अकसर लोग बेचैनी या तनाव में कुछ खाने को तरजीह देते हैं। तमाम शोध-सर्वेक्षण भी इस ओर इशारा करते हैं। इससे मोटापा तो बढ़ता ही है। साथ ही दांतों को भी तकलीफ होती है। दरअसल बेचैनी में जब हम चाकलेट या टाफी का सेवन करते हैं तो दांत शुगर से नहा उठते हैं। मतलब यह कि अतिरिक्त मीठे के कारण दांत में कीड़े लगने की आशंका बढ़ जाती है।

होंठ चूसना या चबाना

नर्वस होकर होंठों को चूसने या चबाने से शायद आपको ज्यादा नुकसान न हो। लेकिन होंठों को इनका भारी खामियाजा भुगतना पड़ता है। दरअसल होंठ चूसने से होंठों में सूखापन बढ़ जाता है। नतीजतन होंठ फटने लगते हैं। यदि स्थिति गंभीर हुई तो इसमें से खून भी निकल सकता है। निःसंदेह होंठों के लिए ये लक्ष्ण सही नहीं है। सो, बेचैनी में होंठों को चूसने से बचें।

गाल अंदर से कुतरना

नाखून कुतरने जैसा ही गाल कुतरना भी है। हम तनाव में अंदर ही अंदर गाल कुतरने लगते हैं जिससे गाल में सूजन हो सकती है। नतीजतन जगह विशेष में कुतरना और आसान हो जाता है। समय के साथ साथ यह समस्या क्रोनिक इन्फ्लेमेशन में बदल जाती है। इससे गाल से खून निकलना सहित दाग धब्बे भी हो सकते हैं।

बबल गम चबाना

सबसे पहले तो यह जानें कि आप परेशानी में बबल गम चबा रहे हैं और सहकर्मियों को अपने चबाने की आवाज़ से परेशान कर रहे हैं। लेकिन निरंतर बबल गम चबाते रहने से आपको टेम्पोरोमंडीब्यूलर (temporomandibular) ज्वाइंट डिसआर्डर हो सकता है, दांत सड़ सकते हैं, कैविटी लग सकती है। हालांकि कभी कभार बबल गम चबाने से कोई खास दिक्कतें नहीं आती। मगर निरंतर ऐसा करने से बचें।

पेन या पेंसिल की निब चबाना

समस्या का न तो यह समाधान है और न ही अच्छी आदत। आपको पता होना चाहिए कि पेन हो या पेंसिल इसमें असंख्य कीटाणु लगे होते हैं। इसे मुंह के संपर्क में लेने से हमें कई तरह की बीमारियां हो सकती है। खासकर कोल्ड वायरस हमें जकड़ सकते हैं।

सिर खुजलाना

अकसर काम न आने की स्थिति में लोग सिर खुजलाने लगते हैं। सिर खुजलाना बेहद सामान्य दिख रही आदत है। लेकिन यदि आप इसे नियमित करते हैं तो सिर पर घाव हो सकता है। यही नहीं बाल कमजोर भी हो सकते हैं।

All Image - Getty Images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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