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Neem Juice Benefits: इन 8 समस्याओं को दूर करने में फायदेमंद है नीम की पत्तियों से बना जूस, खून भी होता है साफ

नीम के पेड़ में सबसे अधिक पाए जाते हैं, नीम को आयुर्वेद में चमत्कारी पेड़ माना गया हैं।प्रकृति ने हमें प्राकृतिक चिकित्सक के रूप में नीम का पेड़ दिया हैं। नीम की जड़, फल, पत्ते, टहनी और छाल सहित हर भाग औषधि के लिए काम में आता हैं।

घरेलू नुस्‍ख By जितेंद्र गुप्ताDec 24, 2014

नीम के पत्तों से निकला रस सेहत का खजाना

नीम के पेड़ में सबसे अधिक पाए जाते हैं, नीम को आयुर्वेद में चमत्कारी पेड़ माना गया हैं।प्रकृति ने हमें प्राकृतिक चिकित्सक के रूप में नीम का पेड़ दिया हैं। नीम की जड़, फल, पत्ते, टहनी और छाल सहित हर भाग औषधि के लिए काम में आता हैं। नीम को आयुर्वेद में सर्व रोग हरी कहते हैं क्योंकि नीम हमारे को रक्त को शुद्ध बनाने के साथ-साथ कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करता है, जो कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है। नीम हमारे शरीर, त्‍वचा और बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। अगर आप सोच रहे हैं कि कैसे तो हम आपको नीम के पत्तों से निकले रस के फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आपकी सेहत को दुरुस्त रखने के साथ-साथ कई लाभ प्रदान करते हैं। 

खून साफ करता है नीम का रस

नीम की पत्तियों से निकला रस एक रक्त-शोधक औषधि है। अगर कोई व्‍यक्ति खून साफ न होने की शिकायत से परेशान है तो नीम का रस उसके लिए बेहद फायदेमंद है। खून साफ न होने के कारण शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और बीमारियों के साथ संक्रमण के होने का खतरा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं यह एलडीएल यानी बैड कोलेस्‍टेरॉल को कम करने में भी मदद करता है।

मलेरिया और पीलिया जैसी बीमारियों के उपचार में लाभकारी

नीम की पत्तियों से निकला रस मलेरिया और पीलिया जैसी बीमारियां होने पर इसका उपचार कर सकता है। नीम में पाये जाने वाले एंटी-बैक्‍टीरियल गुणों के कारण यह मलेरिया के लिए जिम्‍मेदार वायरस को बढ़ने से रोकता है और साथ ही लीवर को मजबूत बनाता है। पीलिया होने पर नीम की पत्तियों के रस के साथ शहद मिलाकर सेवन कराया जाये तो पीलिया रोग ठीक हो जाता है।

दाग-धब्बे मिटाने में करता है मदद

चिकन पॉक्‍स के दाग-धब्‍बे देखने में बहुत ही खराब होते हैं और ये जल्‍दी समाप्‍त नहीं होते। चिकन पॉक्‍स के निशान को साफ करने के लिये, नीम के रस से मसाज करें। नियमित रूप से नीम के रस से चेहरे पर मसाज करने से कुछ दिनों में चिकन पॉक्‍स के धब्‍बे दूर हो जायेंगे। इसके अलावा नीम का रस त्‍वचा सं‍बधि रोग, जैसे एक्‍जिमा और स्‍मॉल पॉक्‍स के होने की संभावना को कम करता है।

आंखों के लिए फायदेमंद नीम का रस

मोबाइल और कंप्‍यूटर के अधिक प्रयोग से इससे निकलने वाली नीली रोशनी से सबसे अधिक नुकसान आंखों को होता है और इससे आंखों की रोशनी भी कमजोर हो जाती है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए नीम के रस की दो बूंदे आंखो में डालें, इससे आंखों की रोशनी बढ़ेगी। अगर आपकी आंखों में कंजक्टिवाइटिस रोग हो गया है तो नीम के पानी का प्रयोग करने से वह ठीक हो जायेगा।

मधुमेह से करता है बचाव

मधुमेह एक खतरनाक बीमारी है और अनियमित दिनचर्या के कारण इसके मरीजों की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। ब्‍लड में शुगर की मात्रा बढ़ने से डायबिटीज बीमारी होती है। अगर आप रोजाना नीम का रस पीएंगे तो आपका ब्‍लड़ शुगर का स्‍तर बढ़ेगा नहीं और आपको मधुमेह जैसी बीमारी नहीं होगी। मधुमेह के रोगी भी इसका सेवन करके अपने ब्‍लड शुगर के स्‍तर को सामान्‍य रख सकते हैं।

दांतों और मसूड़ों से खून को रोकता है नीम का रस

मसूड़ों से खून आने और पायरिया होने पर नीम के तने की भीतरी छाल या पत्तों को पानी में डालकर कुल्ला करने से फायदा होता है। इससे मसूड़े और दांत मजबूत होते हैं। नीम के फूलों का काढ़ा बनाकर पीने से भी दांतों की बीमारियों में फायदा होता है। नीम का दातुन रोज करने से दांतों के अन्दर पाये जाने वाले कीटाणु नष्ट होते हैं। कुल मिलाकर नीम का किसी भी तरीके से प्रयोग दांतों के लिए फायदेमंद है।

गर्भावस्‍था में दर्द को करता है कम

नीम का पानी गर्भावस्‍था के दौरान पीने से गर्भ के समय योनि में होने वाला दर्द कम हो जाता है। प्रसव के दौरान होने वाले दर्द को कम करने के लिए नीम के रस से मसाज करना फायदेमंद है। प्रसव के बाद महिला को अगर कुछ दिनों तक नीम का पानी‍ दिया जाये तो इससे उसका खून साफ होता है और संक्रमण से बचाव होता है।

कील-मुंहासों को दूर करने में गुणकारी

नीम का पानी चेहरे को निखारने और कील-मुहांसों की समस्‍या दूर करने के लिए बहुत प्रभावी है। मुहांसों की समस्‍या होने पर नीम का रस चेहरे पर लगायें, इससे मुहांसों की समस्‍या दूर होती है। अगर चेहरे पर नीम के पानी से मसाज किया जाये तो चेहरे की नमी बरकरार रहती है औ चेहरे की त्‍वचा में निखार आता है। यह प्राकृतिक रूप से त्‍वचा को निखारने में मदद करता है, इसका साइड-इफेक्‍ट भी नहीं होता।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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