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योनि यीस्‍ट संक्रमण को कुदरती रूप से दूर करने के उपाय

यीस्‍ट संक्रमण में होनी वाली खुजली और जलन से राहत पाने के लिए आप प्राकृतिक उपचारों की मदद ले सकते हैं।

सभी By Pooja Sinha / Sep 02, 2014

योनि यीस्‍ट संक्रमण के कुदरती उपाय

यीस्‍ट संक्रमण को वैजिनाइटिस के रूप में भी जाना जाता है। यह एक दर्दनाक स्थिति है जो कई महिलाओं को अपने जीवन में कभी न कभी अनुभव होती है। बहुत अधिक खुजली, जलन, दर्द और डिस्‍चार्ज योनि यीस्‍ट संक्रमण के आम लक्षण है। महिला जननांग में नम वातावरण के कारण इस फंगस को बढ़ने का मौका मिलता है। पुरुषों को भी इसका अनुभव हो सकता है, लेकिन यह महिलाओं में सबसे आम है। यह संक्रमण कैंडिडा एल्बीकैंस नामक फंगस के कारण होता है। यहां पर यीस्‍ट संक्रमण को दूर करने के सबसे आम दस प्राकृतिक उपचार दिये गये हैं। जो असहज खुजली और जलन से राहत प्रदान करेंगे। image courtesy : getty images

प्रोबायोटिक्स

किसी भी रूप में एंटीबायोटिक के सेवन से यीस्‍ट संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। लेकिन प्रोबायोटिक पूरक लेना या प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थों को खाने से प्राकृतिक आंत वनस्पति को बनाये रखने में मदद मिलती है, और यह कैंडिडा जैसे फंगस पर प्रतिबंध लगाता है। एंटीबायोटिक टेट्रासाइक्लिन शरीर में यीस्‍ट जीवों के विकास के लिए विशेष रूप से जिम्‍मेदार होता है।  image courtesy : getty images

सेब साइडर सिरका

सेब साइडर सिरके के साथ योनि को धोने से यीस्‍ट संक्रमण को शांत करने में मदद मिलती है। इसके लिए लगभग एक लीटर पानी में 3 बड़े चम्‍म्‍च कार्बनिक सेब साइडर सिरका मिला कर योनि को धोये। अतिरिक्‍त लाभ पाने के लिए आप इसमें कोलाइडयन सिल्‍वर नामक मिश्रण मिला सकती है।  image courtesy : getty images

लहसुन

प्रत्‍येक दिन लहसुन की ताजा कली खाना भी यीस्‍ट संक्रमण से बचने का एक अन्‍य आम उपाय है। हालांकि यह आपको सांस में बदबू की समस्‍या दे सकती है लेकिन यह आपके यीस्‍ट संक्रमण को दूर करने में मददगार होती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक  एंटी-फंगल, एंटी बैक्‍टीरियल और एंटीबायोटिक गुणों के कारण यह संक्रमण को दूर करने में मदद करता है।  image courtesy : getty images

कठोर उत्पादों से बचें

बहुत से साबुनों में मौजूद केमिकल नाजुक स्‍त्री शरीर रचना के लिए बहुत कठोर होते हैं। लेकिन साबुन में मौजूद प्राकृतिक सुरक्षा तेल खमीर को रोकने में मदद करते हैं। स्त्री स्वच्छता स्प्रे, और सुगंधित उत्पाद प्राकृतिक सुरक्षा तेलों को कम देते है। इसके अलावा इन उत्‍पादों में शराब और अन्य जहरीले रसायनों की मौजूदगी योनि को नाजुक पीएच संतुलन में परिवर्तन और संक्रमण के लिए अधिक अतिसंवेदनशील बना देती है। इसलिए यदि आवश्‍यक हो तो जैविक स्‍वच्‍छता उत्‍पादों का उपयोग करें। image courtesy : getty images

ऑरेगैनो ऑयल

ऑरेगैनो ऑयल यीस्‍ट संक्रमण को रोकने का एक और कारगर उपाय है। यह यीस्‍ट और कैंडिडा संक्रमण को कम करने में मदद करता है। एक कैप्‍सूल में इसकी लगभग 9 बूंदों को मिलाकर नियमित रूप से दिन में 2 से 3 बार भोजन के बाद निगलने से फायदा होता है।  image courtesy : getty images

टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल एक शक्तिशाली प्राकृतिक फंगल क्‍लींजर है। आर्गेंनिक टी ट्री ऑयल की कुछ बूंदें प्राकृतिक रूई पर लेकर 4 घंटे के लिए अपनी योनि में डालें। ऐसा सुबह और दोपहर के समय में करें। रात को सोते समय रूई को अंदर करके नहीं सोये। कुछ दिनों तक ऐसा करने से यीस्‍ट संक्रमण के लक्षणों से राहत मिल जाती है। image courtesy : getty images

क्रैनबेरी

क्रैनबेरी मूत्राशय में संक्रमण के साथ, यीस्‍ट संक्रमण को दूर करने में भी इस्‍तेमाल की जाती है। आप योनि में स्‍वस्‍थ पीएच संतुलन को बढ़ावा देने के लिए इसका रस भी पी सकते हैं। यह फंगल संक्रमण से लड़ने में मदद करती है। image courtesy : getty images

दही

यह एक और अन्‍य लोकप्रिय उपाय है, जो पीएच को संतुलन करने से संबंधित होता है। दही का इस्‍तेमाल यीस्‍ट संक्रमण कम करने के लिए किया जाता है। योनि में इसके 1 से 2 बड़े चम्मच डालें, और बाहर से प्रभावित क्षेत्र पर भी लगाये। धोने से पहले इसे कुछ घंटों के लिए छोड़ दें। ध्‍यान रखें कि दही में चीनी, फल या अन्य कोई भी सामग्री नहीं होनी चाहिए। इसे लगाने के लिए रूई को दही में भिगोकर 2 घंटे के लिए डालकर हटा दें। image courtesy : getty images

ढीले कपड़े पहनें

यह उपाय आपको मूर्खतापूर्ण लग सकता है, लेकिन यह आप यीस्‍ट संक्रमण को दूर करने में आसान चीजों में से एक है। यह उपाय काम करता है क्‍योंकि फंगस गर्म और नम वातावरण को प्‍यार करता है। ढीले ढाले कपड़े और अंडरवियर पहनने से  ऑक्सीजन मिलती रहती है और फंगस के विकास को रोकती है।  image courtesy : getty images

रिलैक्स

हर किसी के शरीर में कैंडिडा यीस्‍ट प्राकृतिक मात्रा में होता है, और एक स्वस्थ शरीर इस फंगस पर प्रतिबंध लगाता है। लेकिन शरीर के संतुलन से बाहर होने पर यह संक्रमण हो जाता है। विशेष रूप से तनावपूर्ण जीवन शैली कैंडिडा को अधिक विकसित होने का कारण होती है क्‍योंकि इस समय आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है। ध्‍यान, मालिश, योग और नियमित एक्‍सरसाइज से इसे कम किया जा सकता है। image courtesy : getty images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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