Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

फ्लू वैक्सीन से जुड़े मिथक और तथ्य

लोगों में फ्लू वैक्सीन से जुड़े कई मिथक होते हैं। जिसकी वजह से वो कई बार अपनी तबियत और ज्यादा खराब कर लेते हैं। आइये जानते हैं फ्लू से जुड़े कुछ सामान्य मिथकों और तथ्यों को।

फ्लू By Shabnam Khan Nov 07, 2014

फ्लू वैक्सीन से जुड़े हैं कई मिथक

फ्लू या इन्फ्लूऐंजा से बचाव के लिए सालाना फ्लू वैक्सीनेशन करवाया जाता है। लोगों को फ्लू और उसके वैक्सीन के बारे में पूरी तरह से सही जानकारी प्राप्त नहीं है। इसलिए कई बार ऐसा होता है कि वो फ्लू वैक्सीन से जुड़े मिथकों को सच समझने लग जाते हैं। जो उनकी और उनके परिवार की सेहत के लिए अच्छा नहीं है। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ मिथकों के बारे में।
Image Source - Getty Images

वैक्सीन से हो सकता है फ्लू

वैक्सीन एक ऐसे असक्रिय वायरस से बनी होती है जो इन्फेक्शन को नहीं फैलाता। इसलिए जो फ्लू वैक्सीनेशन के बाद बीमार होता होता है, उसे वैसे भी बीमार होना ही होगा। वैक्सीन से सुरक्षा मिलने में एक या दो हफ्ते का समय लगता है। लेकिन लोगों को लगा है कि वो वैक्सीन लेने के बाद बीमार हुए, इसलिए उनकी बीमारी का कारण वही है।

Image Source - Getty Images

स्वस्थ लोगों को वैक्सीन की ज़रूरत नहीं

ये सही है कि फ्लू वैक्सीनेशन का परामर्श दीर्घकालीन बिमारियों से ग्रस्त लोगों को दिया जाता है। लेकिन स्वस्थ लोग भी इन वैक्सीन्स का फायदा ले सकते हैं। वर्तमान गाइडलाइंस सलाह देती है कि 6 महीने के बच्चों से लेकर 19 साल के युवाओं, गर्भवती महिलाओं और 49 की उम्र पार चुके लोगों को हर साल वैक्सीनेशन करवाना चाहिए।

Image Source - Getty Images

फ्लू से बचने के लिए वैक्सीनेशन काफी है

फ्लू के वैक्सीनेशन के अलावा कुछ और तरीके हैं जो आपको फ्लू के मौसम में सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। जिन लोगों को फ्लू है उनके संपर्क में आने से बचना, अपने हाथ धोते रहना, या फिर एंटी-वायरल मेडिकेशन लेना। यानी, फ्लू का वैक्सीन ही काफी नहीं है आपको फ्लू से बचाने के लिए।

Image Source - Getty Images

गर्भावस्था में न करवाएं फ्लू वैक्सीनेशन

लोग अपने आप ही ये धारणा बना लेते हैं कि गर्भावस्था में फ्लू वैक्सीन लेने से मां या गर्भ के बच्चे को नुकसान हो सकता है। रिसर्च दिखाती है कि गर्भावस्था के किसी भी चरण में फ्लू वैक्सीन सुरक्षित होती है। इससे बच्चे के जन्म के बाद वो 6 महीने फ्लू से सुरक्षित भी रहता है।

Image Source - Getty Images

फ्लू वैक्सीन लगने के बाद सबको आता है बुखार

ये आम धारणा है कि फ्लू का वैक्सीन लगने के बाद सबको बुखार आता है। बल्कि, कुछ लोगों को तो ये भी लगता है कि अगर बुखार आया है तो इसका मतलब वैक्सीन असर कर रही है। लेकिन ये मिथक से ज्यादा कुछ नहीं है। फ्लू वैक्सीनेशन के बाद हल्का दर्द, सूजन या लालिमा, कम बुखार हो सकता है, लेकिन ये अनिवार्य नहीं है।

Image Source - Getty Images

अक्टूबर से पहले ही करवाएं फ्लू वैक्सीनेशन

ऐसा सुझाव दिया जाता है कि अक्टूबर तक फ्लू वैक्सीनेशन करवा लेना चाहिए। लेकिन, फ्लू वैक्सीनेशन पूरे फ्लू सीज़न के दौरान दिया जाना चाहिए। यहां तक कि जनवरी और उसके बाद भी।

Image Source - Getty Images

फ्लू और तेज़ बुखार में वैक्सीनेशन के अलावा ऐंटीबायोटिक्स हैं ज़रूरी

ऐंटीबायोटिक्स बैक्टीरिया के खिलाफ अच्छा काम करती हैं लेकिन वो फ्लू जैसे वायरल इन्फैक्शन के लिए प्रभावी नहीं होती। और फिर कुछ लोगों को फ्लू के साथ साथ बैक्टीरियल इन्फैक्शन भी हो जाता है, इसलिए अच्छे से डॉक्टर से परामर्श लेकर ऐंटीबायोटिक्स के बारे में फैसला करें।

Image Source - Getty Images

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK