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जानलेवा ब्लड क्लॉट से जुडे मिथ व तथ्य

डीवीटी एक प्रकार का ब्लड क्लॉट है जो बिगड़ती जीवशैली की देन हैं। इसे जुड़े कई मिथ लोगों में प्रचलित हैं। आइए जानें उन मिथ से जुड़े तथ्यों के बारे में।

तन मन By Anubha Tripathi / Aug 14, 2014

जानलेवा हो सकता है डीवीटी

डीप वैन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) एक प्रकार का ब्लड क्लॉट है जो मौजूदा जीवनशैली की देन है। धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन करने से यह बीमारी अधिक होती है। डीप वैन थ्रोम्बोसिस एक गंभीर समस्या है। बिना परामर्श के गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन करने से महिलाओं में यह बीमारी ज्‍यादा देखने को मिलती है।

डीवीटी क्या है

डीप वैन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर की अंदरूनी नसों सामान्यत: पैरों की नसों में रक्त के थक्के बनने लगते हैं। डीवीटी की वजह से दर्द और सूजन हो सकता है, जो आगे चलकर पल्मनरी एम्बोलिज्म (फेफड़े में थक्के) का कारक साबित होती है। जब खून का थक्का टूट कर हृदय के जरिये फेफड़े से गुजरने लगता है, तो उस समय आपकी जान पर बन सकती है। और वहीं फेफड़े में अटकने लग जाता है, जो लंग क्लट (पल्मनरी एम्बोलिज्म) का रूप ले लेता है।

मिथ

ज्यादातर लोगों को लगता है कि अगर वो स्वस्थ और जवान है तो उन्हें डीवीटी के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यह समस्या उन्हें नहीं हो सकती।

तथ्य

डीवीटी होने की कोई निश्चित उम्र नहीं होती। यह किसी भी उम्र में हो सकता है। लेकिन डीवीटी के कई मरीज ऐसे हैं जो बीस या तीस की उम्र में ही इसका शिकार हो जाते हैं। इसलिए डीवीटी से बचने के लिए उम्र को पैमाना मानना ठीक नहीं।

मिथ

अगर डीवीटी के कारण शरीर में ब्लड क्लॉटिंग होती हैं तो इसे रोकना नामुमकिन है क्योंकि अगर यह एक बार विकसित होने लगता है तो इसका कोई इलाज नहीं हो सकता।

तथ्य

हो सकता है आपके शरीर में होने वाले ब्लड क्लॉट की वजह आपकी सेहत से जुड़ी कोई ऐसी समस्‍या हो, जिसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसमें मोटापा, गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन और डिहाइड्रेशन भी हो सकता है। इससे बचने के लिए एक्सरसाइज करें, ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, धूम्रपान न करें और स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनायें।

मिथ

 ज्यादातर लोगों का मानना है कि अगर आपको डीवीटी है तो आपके पैरों और जांघों में बहुत दर्द होगा। जिसके कारण आप अपने पैरों को जमीन पर भी नहीं रख पाते हैं।

तथ्य

डीवीटी का मुख्य लक्षण है सूजन। यह भी सच है कि डीवीटी होने पर लोगों को पैरों और जांघों में दर्द की शिकायत हो सकती है लेकिन यह कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। इसके अलावा डीवीटी होने पर लोगों में श्रोणी के आसपास लोअर बैक पेन में भी दर्द की शिकायत होती है।

मिथ

डीवीटी को 'इकनोमी क्लास सिंड्रोम' भी कहते हैं। इसलिए इस समस्या से बचने के लिए लोग प्लेन में फर्स्ट क्लास में सफर करते हैं। उन्हें लगता है इससे उन्हें यह समस्या नहीं होगी।

तथ्य

ज्यादातर लोगों को प्लेन से जुड़ा ब्लड क्लॉट होता है जो आपके बैठने के तरीके और सीट की साइज से होता है। लेकिन अगर आप बैठने के दौरान अपने पैरों को थोड़ा बहुत हिलाएं तो इस समस्या से बच सकते हैं। वैसे प्लेन में ब्लड क्लॉट समस्या बहुत कम ही लोगों में देखने को मिलती है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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