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बालों के पतले होने से जुड़े आठ तथ्‍य

बालों के पतले होने से जुड़े कुछ मिथ जैसे पारिवारिक इतिहास, बालों को ज्‍यादा धोना, गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन आदि प्रचलित हैं। हम आपको कुछ ऐसे ही मिथ और तथ्‍यों से अवगत करा रहे हैं।

फैशन और सौंदर्य By Bharat MalhotraDec 22, 2014

क्‍यों पतले होते हैं आपके बाल

आप‍के सिर से बाल उड़े जा रहे हैं और आप इसकी फिक्र में पतले होते जा रहे हैं। हम पूरी तरह गंजे होने की बात नहीं कर रहे हैं, हम बात कर रहे हैं बालों के पतला होने की। लेकिन इस समस्‍या का समाधान करने के लिए आपको कुछ बातों को जरूरी का खयाल रखना चाहिये। हालांकि बालों की सेहत से जुड़े कुछ मिथ भी प्रचलित हैं। हम आपको कुछ ऐसे ही मिथ और तथ्‍यों से अवगत करा रहे हैं।
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मिथ: माता-पिता के बाल उड़ने पर आपके भी उड़ेंगे

सच: पारिवारिक इतिहास से आप अपने बालों के झड़ने के बारे में सही अंदाजा नहीं लगा सकते। कई अन्‍य बातों की तरह बालों का झड़ना भी पॉलीजेनेटिक होता है। यानी यह गुणसूत्रों के पेचीदा वर्गीकरण के आधार पर तय होता है। ये गुणसूत्र आपके माता-पिता सहोदर जैसे करीबी रिश्‍तेदारों के अलावा दूर के रिश्‍तेदार भी शामिल हो सकते हैं। और अगर बालों का झड़ना अनुवांशिक तौर पर आपके परिवार में चला आ रहा है तो इससे पार पाने में भी आपके सक्षम होने की संभावना भी बहुत अधिक होगी।
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मिथ: सिर्फ उम्र बढ़ने के साथ कमजोर होते हैं बाल

सच: हालांकि यह बात सुनने में जरा कड़वी लग सकती है, लेकिन आपके बाल किसी भी उम्र में कमजोर और पतले हो सकते हैं। जानकार मानते हैं कि अगर आपको बालों से जुड़ी अनुवांशिक समस्‍या है, तो आपको किशोरावस्‍था में भी यह समस्‍या हो सकती है। अच्‍छी बात है यह कि अगर आपकी चुटिया पहले की तरह घनी नहीं बन रही है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि आपको कोई स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या नहीं है। यह केवल अनुवांशिकता के कारण हो सकती है। लेकिन, इस समस्‍या की ओर दें। बालों का पतला होना गंभीर और लगातार चलते रहने वाली समस्‍या है। तो, बेहतर है कि आप जल्‍द ही इसकी ओर ध्‍यान दें।
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मिथ: बालों को ज्‍यादा धोने से बाल पतले हो सकते हैं

सच: शैंपू की बोतल से डरने की कोई बात नहीं। आप सिर्फ स्‍कैल्‍प को साफ कर रहे हैं। और इससे बालों की जड़ों पर कोई फर्क नहीं पड़ता। और फर्श पर फैले बालों से घबराने की कोई जरूरत नहीं है, वे अपनी कुदरती प्रक्रिया के तरह कुछ दिनों में खुद-ब-खुद दोबारा निकल आएंगे। तो, जब तक आपके गीले बालों में कंघी या ब्रश करने से बालों के किनारे नहीं टूट रहे हों, आपको अधिक फिक्रमंद होने की जरूरत नहीं है। बालों को धोने की प्रक्रिया केवल और केवल उन्‍हीं चीजों को साफ करने की प्रक्रिया है जो पहले से स्‍कैल्‍प से ढीले हो चुके हैं।
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मिथ: सामायिक उपचार गलत होने पर चेहरे पर बालों का आना

सच: इसमें कुछ हद तक सच्‍चाई है। अगर दवा का मिश्रण बहुत ज्‍यादा स्‍ट्रॉन्‍ग है, और अगर आपके चेहरे पर दिखायी देने वाले बाल हैं, तो सामायिक उपचार से चेहरे पर बाल आ सकते हैं, भले ही आप उसका इस्‍तेमाल किसी भी तरीके से क्‍यों न करें। यह दवा सिस्‍टम का हिस्‍सा बन जाती है, तो परिस्थिति से बचने के लिए जरूरी है कि मिनोक्‍स‍िडिल जैसी सामायिक दवा का कम और हल्‍की मात्रा में सेवन करें।
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मिथ: गर्भनिरोधक दवाओं के सेवन से बाल झड़ते हैं

सच:  यह बात अर्द्धसत्‍य है। महिलाओं के बालों के रोम एंड्रोजन्‍स के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। ये वही हॉर्मोन होता है जो पौरुष लक्षण और रिप्रोडक्टिव हेल्‍थ के लिए उत्‍तरदायी होता है। तो अगर आपकी गर्भनिरोधक गोलियों में प्रोगेस्‍टेरॉन का स्‍तर अधिक है, तो आपके बाल तेजी से झड़ सकते हैं। प्रोगेस्‍टेरॉन आसानी से एंड्रोजन में परिवर्तित हो जाता है। लेकिन, सभी गर्भनिरोधक गोलियां इसी प्रकार नहीं होतीं। अगर आप अपने बालों के प्रति इतनी अधिक फिक्रमंद हैं, तो ऐसी दवा का सेवन करें जिसमें एंड्रोजन की मात्रा न हो।
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मिथ: सप्‍लीमेंट से बाल दोबारा उग सकते हैं

सच: यह बात सच है कि कुछ हेयर सप्‍लीमेंट में एनक्‍डोटल सपोर्ट काफी होता है। और इनका इस्‍तेमाल भी सुरक्षित होता है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई शोध नहीं हुआ है, जो यह प्रमाणित कर सके कि केवल एक गोली का सेवन करने से बालों की ग्रोथ पर सकारात्‍मक असर पड़ता है। लेकिन अच्‍छी सेहत के लिए किसी दवा का सेवन करना फायदेमंद ही माना जाएगा। जानकार कहते हैं कि अगर आप सूरज की रोशनी में बाहर नहीं जाते तो आपको रोज मल्‍टीविटामिन और विटामिन डी की गोली का सेवन करना चाहिये।
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मिथ: हॉर्मोंस होते है बाल झड़ने के लिए उत्‍तरदायी

सच: बहुत ही कम मामलों में महिलाओं में बालों के पतला होने के पीछे कुछ इधर-उधर के हॉर्मोंस उत्‍तरदायी हो सकते हैं। कई महिलाओं में हॉर्मोंस का स्‍तर बिलकुल सामान्‍य होता है, लेकिन उनके बालों के रोमछिद्र एंड्रोजन हॉर्मोन के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। अगर आपके रोमछिद्र बहुत अधिक संवेदनशील हैं, तो अपने हॉर्मोंस के स्‍तर के साथ अधिक छेड़छाड़ करने वाली दवाओं का सेवन न करें। तो, बेहतर है कि आप अपने डर्मोटोलॉजिस्‍ट से बात करके ही दवा का सेवन करें।
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मिथ: रोजमर्रा के तनाव से टूटते हैं बाल

सच: तनाव को आपने कुछ ज्‍यादा तवज्‍जो दे सकता है। अगर आपको बहुत अधिक भावनात्‍मक तनाव हो तो आपके बाल झड़ सकते हैं। जरा सोचिये कि अगर रोजमर्रा के तनाव के कारण बालों पर असर पड़ता होता, तो हम सब अब तक गंजे हो चुके होते। महिलाओं पर बच्‍चे के जन्‍म के समय होने वाले तनाव का असर सबसे ज्‍यादा होता है। इसके साथ ही लंबी बीमारी, एन्‍सथिया, तेज बुखार और क्रेश डायटिंग के कारण बाल झड़ सकते हैं।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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