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बिकनी लाइन हेयर रिमूवल से जुड़े मिथक के बारे में जानें

बिकनी लाइन के तरफ के बाल साफ करने से डरती हैं तो उनसे जुड़े मिथों के बारे में इस स्लाइडशो में जानें।

फैशन और सौंदर्य By Meera RoyAug 16, 2016

बिकनी लाइन

रेजर, लेज़र ट्रीटमेंट, टफ एंगल, संवेदनशील त्वचा... वगैरह-वगैरह। बिकनी लाइन के बालों के साथ ये तमाम बातें जुड़ी हुई हैं। कुछ महिलाओं को लगता है कि यहां रेजर नहीं करना चाहिए तो कुछ महिलाएं बिकनी लाइन त्वचा को अतिरिक्त संवदेनशील बताती हैं। यही कारण है कि बिकनी लाइन से बालों को निकालने के लिए बेहद सतर्क रहती हैं। कुछ प्लक पर भरोसा करती हैं तो कुछ वैक्स पर। बावजूद इसके त्वचा के साफ्ट और स्मूद रहने की गारंटी कोई नहीं दे पाता। वास्तव में सौंदर्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिकनी लाइन के बालों को निकालने से कई किस्म के मिथ जुड़े हैं। इस लेख में हम इन्हीं सत्य को जानेंगे और मिथ पर से पर्दा उठाएंगे।

मिथ - बिकनी लाइन से बालों को निकालने के बाद बाल ज्याद मोटे और रफ आते हैं।

यूं तो यह मिथ पूरे शरीर के बालों को साथ जुड़े हुए हैं कि शेव करने के बाद बाल ज्यादा रफ और मोटे हो जाते हैं। विशेषज्ञों स्पष्ट शब्दों में कहते हैं कि आप चाहें शेव करें या कुछ और। बालों के निकलने का छेद उतना ही रहेगा जितना उसका है। उसका डायमीटर कभी नहीं बदलता। अतः इस भ्रम से बाहर आएं कि बाल ज्यादा मोटे हो जाएं। यही बात बिकनी लाइन पर भी लागू होती है। आप चाहें वहां शेव करें या न करें बालों का डायमीटर उतना ही रहेगा, जितना कि मौजूदा समय में है। हालांकि यह सच है कि शेव के बाद बालों का अंतिम सिरा तुलनात्मक रूप से ज्यादा रूखा हो जाता है। लेकिन बालों के मोटापे का आकार नहीं बदलता। बिकनी लाइन में शेविंग के बाद महिलाओं को चाहिए कि वे क्लीन्ज़र का इस्तेमाल करें। मोएस्चराइजर लगाएं ताकि त्वचा साफ्ट, मुलायम रहे। किसी भी हार्श साबुन का इस्तेामल न करें।

मिथ - बिकनी लाइन से बालों को निकालने का सहज तरीका है, उन्हें उखाड़ना।

बालों को उखाड़ने का तरीका सबसे बुरा और सबसे खतरनाक तरीकों में से एक है। यदि आप बालों को शेव करने की बजाय उखाड़ने पर भरोसा करते हैं तो आपको बताते चलें कि बिकनी लाइन में लाल दाग को सकता है, जलन हो सकती है। यही नहीं कई बार बालों को उखाड़ने के कारण वहां घाव भी हो सकता है। यह तरीका दर्दभरा तो है ही साथ ही जख्मभरा भी है। विशेषज्ञों के मुताबिक बिकनी लाइन से बालों को उखाड़ने से बचें। अगर आपको रेजर पसंद नहीं है या रेजर किसी किस्म की तकलीफ होती है तो भी बालों को उखाड़ने की कोशिश न करें। बालों को कुछ बढ़ने दें। सैलून जाएं। वे इसका आसान और बेहतर विकल्प सुझा सकते हैं।

मिथ - बिकनी लाइन में रोजाना रेजर चलाना पड़ता है।

इस तरह के मिथ को व्यवहारिक जीवन से कोई लेना देना नहीं है। जरा सोचिए कि शरीर का ऐसा कौन सा हिस्सा है, जहां से एक या दो दिन में ही कटे हुए बाल वापिस आ जाते हैं। जबकि शरीर के किसी हिस्से में ऐसा नहीं होता तो भला बिकनी लाइन में ऐसा क्यों होगा? बिकनी लाइन में भी रोजाना रेजर की जरूरत नहीं होती। जब तक बाल दिखने न लगें तब तक बालों को न काटें। अगर आप बिकनी पहनती हैं तो निःसंदेह सतर्क रहेंगी। बावजूद इसके बेहतर यही है कि कुछ दिनों तक बालों के बढ़ने का इंतजार करें। इसके बाद बाल काटें। शेव उसी दिशा में करें जिस दिशा में बाल उगते हैं। इससे शेव करने में आसानी होती है और दर्द भी कम होता है। कटने की आशंका में भी कमी आती है। अगर आपको खुद शेविंग करने से डर लगता है तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लें।

मिथ - बिकनी लाइन में वैक्स की बजाय लेजर ट्रीटमेंट बेहतर है।

इसमें कोई दो राय नहीं है कि लेजर ट्रीटमेंट न सिर्फ खर्चीला है बल्कि काफी संवेदनशील भी है। इसके कई नकारात्मक प्रभाव भी होते हैं। ऐसे में यह कहना कि वैक्स से लेजर ट्रीटमेंट बेहतर, सही नहीं होगा। हालांकि इसके बावजूद यह भी कहना होगा कि यह पूरी तरह महिला दर महिला निर्भर करता है कि उन्हें क्या पसंद है। असल में कुछ महिलाएं वैक्स करने से बचती हैं। उन्हें यह पसंद नहीं। ऐसे में वे लेजर ट्रीटमेंट का ही सहारा लेती है। इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन बिकनी लाइन की संवेदनशीलता का ख्याल रखें और यह भी जहन में रखें कि हेयर फ्री बिकनी लाइन के लिए एक या दो बार नहीं बल्कि 8 बार ट्रीटमेंट से होकर गुजरना पड़ता है। अगर आपको वैक्स सूट न करे तो बेहतर है कि लेजर ट्रीटमेंट के चक्कर में फंसने की बजाय शेव करवाएं।

मिथ - सांवली त्वचा के चलते लेजर ट्रीटमेंट नहीं हो सकता।

क्या आपको लगता है कि सांवली त्वचा पर लेजर ट्रीटमेंट कारगर नहीं है। कई महिलाएं इस तरह की सोच से ग्रस्त हैं। लेकिन आपको बता दें कि इस बात का सच्चाई से कोई सरोकार नहीं है। बिकनी लाइन में यदि आप लेज़र ट्रीटमेंट चाहती हैं तो चाहे आपकी त्वचा गोरी हो या कली हो, ट्रीटमेंट हो जाएगा।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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