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लिवर एंजाइम बढ़ने का संकेत हैं ये 5 बीमारियां, ऐसे करें बचाव

लीवर एंजाइम के मामूली बढ़ने से भी लीवर की बीमारी के लक्षण आरंभ हो जाते हैं। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से लीवर एंजाइम के बढ़ने के लक्षणों के बारे में जानकारी लेते हैं।

अन्य़ बीमारियां By Atul ModiMay 02, 2016

लिवर एंजाइम बढ़ने के लक्षण

लिवर एंजाइम का बढ़ना, लीवर कोशिकाओं के नुकसान और सूजन की ओर इशारा करता है। यह एंजाइम सामान्‍य रूप से लिवर की कोशिकाओं के अंदर पाये जाते हैं, लेकिन जब लिवर क्षतिग्रस्‍त होता है तो इन एंजाइम का ब्लड्स्ट्रीम के बाहर रिसाव होता है, जिसका ब्‍लड टेस्‍ट के बाद लगता है। लिवर एंजाइम के लिए सबसे ज्‍यादा होने वाले टेस्‍ट एएलटी या लनाइन ट्रान्समिनस और एएसटी या एस्‍सर्टेट ट्रान्समिनस है। लिवर एंजाइम के मामूली बढ़ने से भी लिवर की बीमारी के लक्षण आरंभ हो जाते हैं। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से लिवर एंजाइम के बढ़ने के लक्षणों के बारे में जानकारी लेते हैं।

लिवर की वृद्धि

लिवर में वृद्धि होना लीवर एंजाइम के बढ़ने के सबसे आम लक्षणों में से एक है। लिवर की वृद्धि को हिपेटोमिगेली कहा जाता है। मेयो क्लीनिक के अनुसार, हिपेटोमिगेली के सबसे आम कारणों में  हेपेटाइटिस या लिवर की सूजन शामिल है। साथ ही हेपेटाइटिस वायरस जैसे ए, बी, और सी हिपेटोमिगेली का कारण होता है, साथ ही संक्रामक मोनोनुक्लोसिस, एपस्टीन बार वायरस के कारण होता है और साथ ही अल्‍कोहलिक लिवर डिजीज और कैंसर, ल्यूकेमिया या लिंफोमा भी इसी के कारण होता है।

पीलिया होना

मेडिलाइन प्‍लस के अनुसार, पीलिया में त्‍वचा का रंग, श्‍लेष्‍मा झिल्‍ली जैसे मुंह और होंठ और आंखों का सफेद बदलकर पीला हो जाता है। पीलिया, बिेलिरूबिन के जमाव का परिणाम, जिसमें एक हरे-पीले रंग का तरल पदार्थ लीवर द्वारा उत्पादित होता है। बिलिरूबिन फैट को पाचन में मदद करता है और यह लाल रक्त कोशिकाओं के टूटने का एक उप-उत्पाद भी है। लीवर आमतौर पर अतिरिक्त बिलीरूबिन से छुटकारा पाने में मदद करता है। लेकिन अगर लिवर एंजाइम के बढ़ने से लिवर क्षतिग्रस्त हो जाये तो अतिरिक्त बिलीरूबिन को बाधित करने की क्षमता कम हो जाती हैं, जो बाद में ऊतकों में जम जाते है और पीलिया का कारण बनते है। बिलीरुबिन में वृद्धि से यूरीन का डार्क रंग होने लगते हैं।

अविशिष्ट लक्षण

लिवर एंजाइम के मामूली से बढ़ने पर लोगों में कुछ लक्षण दिखाई देते हैं लेकिन यह लिवर की बीमारी के लिए विशिष्‍ट रूप से प्रतीत नहीं होते हैं। इन लक्षणों में बुखार, मतली, उल्‍टी, पेट में दर्द और भूख में कमी आना शामिल है। हेपेटाइटिस बी, जोड़ों में दर्द, दाने जैसी पित्‍ती या पित्‍ती का बहुत अधिक बढ़ना, वायरस लिवर एंजाइम के बढ़ने का कारण होता है। पोलयमयोसिटिस मसल्‍स में सूजन की समस्‍या है, जिससे लिवर एंजाइम के बढ़ने, मसल्स में कमजोरी, बोलने और निगलने में समस्‍या, सांस और थकान की तकलीफ होती है। सीलिएक डिजीज, जो ग्‍लूटेन को पचाने में असमर्थता के कारण होता है, यह प्रोटीन ब्रेड और पास्‍ता में पाया जाता है, और सूजन दस्‍त और वजन कम होने के साथ-साथ लिवर एंजाइम के बढ़ने का कारण हो सकता है

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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