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दिल की सेहत के लिए उपयोगी हर्ब्‍स

जानिए आयुर्वेद की खासियत के बारे में जिन्हें अपनाकर आप भी अपने दिल को तंदुरुस्त रख सकते हैं और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।

घरेलू नुस्‍ख By Pooja Sinha / Jan 22, 2014

दिल की सेहत के लिए आयुर्वेद

आयुर्वेद में दिल के रोगियों के लिए अनेक उपाय हैं। आयुर्वेद में बिना किसी सर्जरी के भी उपचार संभव है। आमतौर पर आयुर्वेदिक दवाओं के साइड इफेक्‍ट भी नहीं होते। जानिए आयुर्वेद की खासियत के बारे में जिन्हें अपनाकर आप भी अपने दिल को तंदुरुस्त रख सकते हैं और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।

अर्जुन की छाल

अर्जुन की छाल को दिल के रोगों की महाऔषधि भी कहा जाता है। इसका दिल संबंधी समस्‍याओं के उपचार में उपयोग किया जाता है। इससे बनी अर्जुन टी को दिल के रोगी इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

हल्दी

दिल की सेहत के लिए नियमित रूप से हल्दी का सेवन बहुत जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार, लगभग 500 मिलीग्राम हल्‍दी का नियमित सेवन हमारे शरीर में खून के थक्‍के नहीं बनने देता। यह खून को पतला करने का काम करती है। हल्दी में हल और दी है यानी समाधान देने वाली। जो हर समस्या का समाधान दे उसे हल्दी कहा गया है।

हरड़

आयुर्वेद में हरड़ को मां के समान माना जाता है। जैसे एक मां बच्‍चे की हर परेशानी को दूर करती है। ठीक उसी प्रकार हरड़ हमारे शरीर की तमाम गड़बड़‍ियों को ठीक करती है। हार्ट अटैक और गैसाइटिस दोनों में समान परेशानी दिखती है। लेकिन हरड़ के नियमित सेवन से शरीर के अंदर की गंदगी साफ होती रहती है और हम बीमारियों से दूर रहते हैं।

ब्राह्मी

ब्राह्मी आयुर्वेदिक औषधि दिमाग को शांत रखने वाली औषधि है। इससे न सिर्फ दिमाग तेज होता है बल्कि याद्दाश्त बढ़ती है और यह हृदय को निरोग रखने में भी सहायक होती है। यह महिलाओं के दिल के लिए खासतौर पर लाभकारी होती है।

जटामांसी

जटामांसी हिमालय में उगने वाली एक मशहूर औषधि है। इसे जटामांसी इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इसकी जड़ में बाल जैसे तन्तु लगे होते हैं। जटामांसी एक औषधीय गुणों से भरी जड़ीबूटी है। जटामांसी से न सिर्फ इम्युन सिस्टम मजबूत होता है, बल्कि यह दिल को स्वस्थ रखने में भी कारगर है। यह दिल की धड़कन को नियंत्रि‍त करने में लाभकारी है।

अलसी

अलसी का उपयोग आपको दिल की बीमारियों से बचा कर रखता है। अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो रक्त नलिकाओं में वसा के जमाव को रोकता है। अलसी के बीज से बने पदार्थ दिल के रोग दूर करने में काफी मददगार हैं।

कुटकी

कुटकी दिल संबंधी समस्याओं और बीमारियों को दूर करता है। दिल की धड़कन में भी सुधार लाता है। 500 मिलीग्राम कुटकी चूर्ण को शहद के साथ सुबह-शाम लेने से दिल की दुर्बलता दूर होती है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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