• shareIcon

जानें भारतीय महिलाओं को ऑर्गाज्‍म में क्‍यों होती है कठिनाई

सेक्स के दौरान महिलाओं द्वारा ऑर्गाज्म करना पुरुषों को अच्छा लगता है। लेकिन सेक्स के दौरान कम ही भारतीय महिलाएं ऑर्गाज्म कर पाती हैं। जो करती हैं वो भी काफी कठिनाई से ही ऑर्गाज्म महसूस कर पाती हैं। इसके कई कारण हैं जिनके बारे में इस स्लाइडशो में विस्

सभी By Gayatree Verma / Aug 02, 2016

नहीं होती बात करने की इजाजत

आधी से अधिक भारतीय महिलाओं को शुरुआत से ही ये शिक्षा दी जाती है कि सेक्स अच्छी चीज नहीं है और इसके बारे में बोलना व सोचना भी गुनाह है। इस कारण भारतीय महिलाएं शादी तक सेक्स शब्द से ही दूर रहना बेहतर समझती हैं। यहां तक की भारतीय महिलाएं शादी से पहले अपने प्राइवेट पार्ट्स से संबंधित कुछ भी चीजों को महसूस करना पाप समझती हैं। यही समझ उन्हें शादी के बाद भी इसे खुलकर एंज्वॉय करने में पाबंदी लगा देती है और वे शायद ही ऑर्गज्म कर पाती हैं।

साइक्लॉजिकल रुकावटें

लड़कियों के बड़े होने पर उसके हंसने और जोर से बोलने में घरवाले टोका-टाकी करने लगते हैं। यहां तक की एक उम्र के बाद लड़कियों के फ्रॉक पहनने, साइकिल चलाने, खेलने और दौड़ने में भी पाबंदी लगा दी जाती है। ये सारी पाबंदियां लड़कियों को अंदर से रोक देती हैं जिनसे वो ताउम्र बाहर नहीं निकल पाती। यही सारी रुकावट उन्हें सेक्स को महसूस करने और उसे एंज्वॉय करने में भी महसूस होती है औऱ वे खुलकर इंटिमेसी व सेक्स एंज्वॉय नहीं कर पातीं।

सेक्स टू-वे कम्यूनिकेशन नहीं

भारत की आधी से अधिक महिलाओं को शादी करने तक सेक्स के बारे में पूरी जानकारी नहीं होती है। जिस कारण शादी के बाद होने वाला सेक्स महिलाओं के लिए टू-वे कम्यूनिकेशन ना होकर वन-वे ही होता है वो भी पुरुषों की तरफ से ही केवल। और ना ही भारतीय महिलाओं को शादी से पहले इसका अनुभव लेने का मौका मिलता है। ऐसे में पुरुषों की चाहत के अनुसार बहुत कम भारतीय महिलाएं ही ऑर्गाज्म कर पाती हैं।

पिनाइल इंटरकोर्स काफी नहीं

जिन महिलाओं को शादी से पहले थोड़ी-बहुत सेक्स की जानकारी होती है उनको ये नहीं मालुम होता कि ऑर्गाज्म करने के लिए पिनाइल इंटरकोर्स काफी नहीं है। सेक्स से पहले का फोरप्ले, ब्रेस्ट के प्रेस करना और ओरल सेक्स, ऑर्गाज्म पाने के बेस्ट तरीके होते हैं। जबकि भारतीय महिलाएं शायद ही अपने पार्टनर को ये सलाह दे पाती हैं कि किस तरह का इंटरकोर्स उन्हे पसंद आ रहा है और किस तरह का नहीं।

बात करना भी गुनाह

कई बार महिलाएं सेक्सुअल बीमारी जैसे डाइसपारेन्युआ (dyspareunia) या वजाइना में दर्द के कारण सेक्स को एंज्वॉय करने की जगह सहती है। ऐसे में इस बारे में वो अपने पार्टनर से बात भी नहीं कर पाती क्योंकि भारतीय महिलाओं को सिखाया जाता है कि शादी के बाद उसका एक ही काम है अपने पार्टनर को खुश रखना और अगर उसने ऐसा नहीं किया तो उसका वैवाहिक रिश्ता खत्म हो सकता है। ऐसे में वो अपने परेशानियों के बारे में बात करना भी गुनाह समझती हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK