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कारण जो बताएंगे क्यों खतरनाक है तनाव

तनाव आपकी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदेह ,साबित होता है। शरीर में कई तरह की समस्याओं का कारण तनाव हो सकता है जानिए कैसे।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Anubha Tripathi / Jul 21, 2014

कितना खतरनाक है तनाव

तनाव हमारे शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। कुछ लोग तनाव को गंभीरता से नहीं लेते। लेकिन, तनाव वास्‍तव में हमारे मस्तिष्‍क, दिल और इम्‍यून सिस्‍टम पर भी बुरा असर डालता है।

जीन में बदलाव

तनाव के दौरान हमारे शरीर में कई रसायनों का स्राव होता है। ये रसायन शरीर में वसा संगृहित करने वाले जीन्‍स पर असर डालते हैं। साथ ही यही रसायन इम्‍यून सिस्‍टम की कार्यप्रणाली में भी बदलाव करते हैं। इनका असर एजिंग पर भी पड़ता है और इतना ही नहीं जीन्‍स में बदलाव ही कैंसर होने की आशंका भी पैदा करते हैं।

बचपन की घटनाओं का भी असर

शोधों के मुताबिक बचपन में हुई घटना या घटनायें हमारा सीआरएच (एक प्रकार का हार्मोन जो पीयूषिका ग्रंथि में बनता है और एड्रिनल कोरटेक्स को बढ़ाता है) को निर्धारित करती हैं। सीआरएच आपके स्ट्रेस लेवल को बढ़ाने का काम करता है।

स्ट्रेस से दिमाग को क्षति

शोधकर्ताओं के मुताबिक़ तनाव से जुड़े हार्मोन की वजह से दिमाग़ पर विपरीत असर पड़ता है। जब आप बहुत ज्यादा तनावग्रस्त होते हैं तो इससे आपके मस्तिष्‍क का कुछ हिस्‍सा क्षतिग्रस्‍त हो सकता है। जिससे आपकी याद्दाशत भी प्रभावित हो सकती है।

तनाव का इम्यून सिस्टम पर असर

तनाव का हमारे इम्यून सिस्टम पर भी असर होता है। प्रतिरक्षा प्रणाली हमारे शरीर को विषाणुओं से उत्पन्न होने वाले रोगों से बचाती है। लेकिन तनाव के कारण हमारा प्रतिरक्षा तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता या पूरी तरह से बंद हो जाता है। इससे हमारे बीमार होने की आशंका बढ़ जाती है।

नर्वस सिस्टम

जब हम शारीरिक या मानसिक रूप से बहुत अधिक तनाव लेते हैं, तो शरीर ऊर्जा का इस्तेमाल इससे निपटने में करता है। इसमें नर्वस सिस्टम एडरनल ग्लैंड को एड्रेनालिन और कॉर्टिसोल छोड़ने के निर्देश देते हैं। इन हार्मोंस की वजह से दिल की धड़कन बढ़ जाती है, बीपी बढ़ जाता है, पाचन क्रिया प्रभावित होती है।  

हृदय पर प्रभाव

कई बार थोड़ा-सा भी तनाव हार्ट रेट को बढ़ा देता है इससे हृदय की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं। ऐसे में हृदय द्वारा पंप किये गये रक्त को शरीर के दूसरे हिस्से में ले जाने वाली रक्त वाहिकाओं में अवरोध उत्‍पन्‍न हो जाता है। ऐसी स्थिति में दिल के दौरे की भी आशंका बढ़ जाती है।

सेक्स पर असर

तनाव संबंधी हार्मोन सेक्स की इच्छा जगाने वाले हार्मोन (लिबिडो) को प्रभावित करते हैं। पुरुषों में तनाव से टेस्टोस्टीरोन व वीर्य का उत्पादन प्रभावित होता है। तो यदि आप बेहतर सेक्‍स जीवन चाहते हैं तो आपको तनाव से दूर रहना चाहिये।

मांसपेशियों की तकलीफ

तनाव के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव होता है। कई बार इसकी वजह से सिरदर्द, माइग्रेन या मांसपेशियों व हड्डियों से जुड़े परिवर्तन होते हैं। अगर आप तनाव के दौरान ऑफिस में बैठकर काम करने से आपकी मांसपेशियों का दर्द बढ़ सकता है।

पेट दर्द

पेट में चुभन महसूस होना सिर्फ रोमांचित होने या नर्वस होने का लक्षण नहीं है बल्कि यह तनाव की निशानी भी है। अध्ययनों ने पेट और मस्तिष्क के बीच बेहद नजदीकी सम्बन्ध बताया है। हावर्ड मेडिकल स्कूल द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक अगर आप गैस संबंधी समस्याओं जैसे कब्ज या एसिडिटी आदि से जूझ रहे हैं तो तनावपूर्ण होने की स्थिति में आपकी यह समस्याएं और गंभीर हो सकती हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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