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एलर्जी से संबंधित सामान्य बीमारियां और उनका प्राकृतिक उपचार

एलर्जी से बचना हर कोई चाहता है और इसे होने पर इससे जल्‍दी छुटकारा पाने की चाहत भी हर इनसान में होती है। लेकिन, आखिर कुदरती उपायों द्वारा यह कैसे किया जाए, यह हम आपको इस स्‍लाइड शो के जरिये बता रहे हैं-

घरेलू नुस्‍ख By Bharat Malhotra / Dec 30, 2013

क्‍यों होती है एलर्जी

एलर्जी किसी भी व्‍यक्ति को हो सकती है। यह हमारे शरीर के इम्‍यून सिस्‍टम की प्रतिक्रिया दिखाती है। एलर्जी से बचने के लिए हमारा इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत होना जरूरी है। इस स्‍लाइड शो में हम आपको बताएंगे कि आखिर कैसे आप स्‍वयं को एलर्जी से बचा सकते हैं और साथ ही एलर्जी होने पर प्राकृतिक तरीकों से इसका कैसे उपचार कर सकते हैं।

क्‍या होती है एलर्जी

जब हमारा शरीर किसी विशेष प्रकार के बाहरी तत्‍व के संपर्क में आता है, तो उसकी प्रतिक्रिया स्‍वरूप हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली का व्‍यवहार एलर्जी के रूप में सामने आता है। एलर्जी करने वाले पदार्थों को 'एर्लजंस' कहते हैं। पराग, धूल और कुछ प्रकार के आहार आदि एलर्जी का कारण बन सकते हैं। हर व्‍यक्ति को अलग चीज से एलर्जी होती है। जरूरी नहीं कि किसी एक व्‍यक्ति को जिस चीज से एलर्जी हो, दूसरे को भी वही परेशानी हो।

कुछ सामान्‍य एलर्जी

एक्जिमा, पित्ती, पराग-ज्‍वर, अस्‍थमा अटैक, फूड एलर्जी और मच्‍छर अथवा किसी कीड़े के काटने से होने वाली खुजली और रेशेज कुछ सामान्‍य प्रकार की एलर्जी हो सकती हैं।

आलू का आटा

यह एलर्जी से बचने का एक आसान उपाय है। रेशेज होने पर तीन चम्‍मच आलू का आटा एक गिलास पानी में घोल लें। इस पानी को अपने नहाने के पानी की बाल्‍टी में मिला लें। इस पानी से नहाने से रेशेज दूर होते हैं।

अवाकाडो

रेशेज होने पर अवाकाडो का पेस्‍ट लगाने से भी बहुत फायदा होता है। अवाकाडो में एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स काफी भरपूर मात्रा में होते हैं। यह ल्‍यूटीन का उच्‍च स्रोत है, जो आंखों की बीमारी से बचाने में मदद करता है।

ग्रीन टी रखे एलर्जी फ्री

एलर्जी से दूर रखने में ग्रीन टी काफी महत्‍वपूर्ण होती है। अगर आपको ग्रीन टी पसंद नहीं है, तो आप ब्‍लैक टी का सेवन भी कर सकते हैं। कैमोमाइल टी भी इसका एक विकल्‍प है। इसमें शहद मिलाकर दिन में दो-तीन बार लेने से एलर्जी दूर होती है।

शहद

दिन में दो बार एक-दो चम्‍मच शहद का सेवन एलर्जी को दूर करने का अच्‍छा घरेलू उपाय माना जाता है। शहद में मौजूद तत्‍व आपके शरीर के विषैले पदार्थों को दूर करने का काम करते हैं।

अदरक

एलर्जी को दूर करने के लिए अदरक की उपयोगिता हमेशा से मानी जाती रही है। अदरक को एक टुकड़े को छीलकर उसके टुकड़े को मसलकर एक मग में डाल दें। अब इसमें उबलता हुआ पानी मिला दें। इसे थोड़ी देर तक पानी में डुबा रहने दें और फिर एक सांस में इसे पी जाएं। यह सर्दी-खांसी की अच्‍छी दवा मानी जाती है और साथ ही एलर्जी में इसे सर्वश्रेष्‍ठ डायट माना जाता है।

सेब का सिरका

खुजली होने या मच्‍छर के काटने के स्‍थान पर एलर्जी होने पर आप उस पर सेब का सिरका लगा सकते हैं। सिरके को लगाने से पहले उसमें पानी मिलाकर उसे थोड़ा हल्‍का कर लेना जरूरी है। आप चाहें तो सिरके को नहाने के पानी में भी मिला सकते हैं।

नीम

नीम के गुणों का बखान तो आयुर्वेद में भी है। इसे बेस्‍ट इंटीसेप्टिक कहा जाता है। ब्‍लड डिस्‍ऑर्डर, स्किन एलर्जी, जलने की परेशानी और त्‍वचा संक्रमण जैसी कई समस्‍याओं को दूर करने के लिए नीम का इस्‍तेमाल किया जाता है।

अरंडी का तेल

अगर किसी को आंतों में और नासिका में किसी प्रकार की एलर्जी हो गयी हो, तो अरंडी का तेल काफी उपयोगी माना जाता है। आधा कप पानी अथवा जूस में पांच बूंदें, अरंडी के तेल की डालकर सुबह खाली पेट पीने से लाभ होता है

नींबू


किसी भी प्रकार की एलर्जी के लिए यह काफी उपयोगी दवा है। हल्‍के गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ लें, इसमें एक चम्‍मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से एलर्जी की समस्‍या दूर होती है। इससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। साथ ही यह वजन कम करने में भी मददगार होता है। हालांकि, जिन लोगों को खट्टे फलों से एलर्जी है, उन्‍हें इनका सेवन नहीं करना चाहिए।

केला

त्‍वचा पर रेशेज होने पर, हाजमा खराब होने पर अथवा अस्‍थमा की शिकायत होने पर, आप रोजाना एक या दो केलों का सेवन कीजिए। केले उन लोगों के लिए भी उपयोगी होते हैं, जिन्‍हें किन्‍हीं खास किस्‍म के आहार से एलर्जी होती है।

जूस

फलों और सब्जियों का ताजा जूस एलर्जी को दूर करने और उनसे बचने का कारगर उपाय है। इसने आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। और आप एलर्जी से बचे रहते हैं। आप गाजर के जूस में चुकंदर और खीरे का जूस मिलाकर पी सकते हैं। यह हर प्रकार की एलर्जी में काफी लाभदायक होता है।

एलर्जी से बचने के अन्‍य उपाय

इसके साथ ही एलर्जी से बचने के लिए जरूरी है कि आप तनाव से दूर रहें, नियमित ध्‍यान और व्‍यायाम करें। इसके साथ ही आप योग और मानसिक एकाग्रता वाले वयायाम कर सकते हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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