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ये हैं चिकित्सा जगत के कुछ सबसे अविश्वसनीय चमत्कार

500 फीट से गिरने के बाद भी कोई इंसान स्वस्थ जीवन बीता पाता है और स्टील की छड़ सिर के आर-पार हो जाने के बाद भी किसी व्यक्ति को बचा लिया जाए तो इन्हें चिकित्सा जगत के कुछ सबसे अविश्वसनीय चमत्कार कहा जाता है।

मेडिकल मिरेकल By Rahul Sharma / Dec 04, 2015

चिकित्सा जगत के चमत्कार

आधुनिक चिकित्सा वास्तव में आश्चर्यजनक है, लेकिन जब 500 फीट से गिरने के बाद भी कोई इंसान स्वस्थ जीवन बीता पाता है और स्टील की रौड़ के सिर के आर-पार हो जाने के बाद भी किसी व्यक्ति को बचा लिया जाता है तो इन्हें चिकित्सा जगत के कुछ सबसे अविश्वसनीय चमत्कारों के नाम से पुकारा जाता है। चलिये आज ऐसे की कुछ चिकित्सा जगत के मेडिकल मिरेकल्स के बारे में बात करते हैं, जिन्होंने लोगों को भौंचक्का कर दिया -
Images source : © Getty Images

1848 में लोहे की रौड़ सिर के आर-पार होने पर भी जिंदा बचा एक इंसान

आधुनिक चिकित्सा वास्तव में एक चमत्कारी विज्ञान है, और फिनीस गेज को इस चमत्कार का साक्षी माना जा सकता है। 1848 में गेज जब एक रेल निर्माण की जगह काम कर रहे थे, तो एक विस्फोट की वजह से लगभग चार फुट लंबी लोहे की छड़ उनके खोपड़ी के पार हो गई। फोटो में फिनीस गेज वही छड़ लेकर खड़े हैं। डॉक्टरों ने गेज के सिर से ये छड़ तो निकाल दी लेकिन उन्हें चेहरे के बाईं ओर आंशिक पक्षाघात (पेरालिसिस) हो गया और साथ ही कुछ मानसिक परिवर्तन भी हुए। हालांकि इस मामले से चिकित्सा समुदाय को मस्तिष्क की चोटों के शारीरिक और मानसिक लक्षण दोनों पर प्रभाव के बारे में बहुत कुछ नया जानने में मदद मिली।     
Image Source - Wikimedia Commons

एक किशोरी के शरीर को पिनों की मदद से जोड़ा गया


2009 में एक कार दुर्घटना में गंभीर चोटों से पीड़ित 17 वर्षीय कैटरीना बर्गेस की हड्डियों को उसकी गर्दन, रीढ़ की हड्डी, और पैर में 11 टाइटेनियम पिनों की मदद से वापस जोड़ा गया। साथ ही एक पेंच उनकी गर्दन को सपोर्ट देने के लिये लगाया गया। आपरेशन के पांच महीने बाद वह लगभग पूरी तरह ठीक हुईं और हाल ही में एक मॉडलिंग एजेंसी ने उन्हें साइन किया है।   
Image Source - Caters, via Telegraph

डिकैपिटेट (सिर कटना) होने के बाद भी बची महिला


जनवरी, 2007 शैनन मलौय का एक भयानक कार एक्सीडेंट हुआ जिसमें उनका सिर उनकी रीढ़ की हड्डी से अलग हो गया। इस इंजरी को इंटरनल डिकैपिटेशन (internal decapitation) नाम दिया गया। इस दुर्घटना के बाद मलौय को जल्दी से हॉस्पिटल ले जाया गया जहां 9 पेंच उसके सिर और गर्दन में ड्रिल कर लगाये गये। हेलो (halo) नाम का एक उपकरण भी उनके सिर को जोड़े रखने के लिये लगाया गया। उन्हें अभी भी निगलने में परेशानी है और उसकी आंखों की तंत्रिका क्षति भी हुई है, लेकिन वह अभी भी रिकवर होने की कोशिश कर रही हैं।
Image Source - ABC7

इलेक्ट्रोड ने 6 साल के बाद एक आदमी को जगाया


एक गंभीर दुर्घटना के बाद एक व्यक्ति को लगभग 6 साल के लिये निष्क्रिय स्थिति में छोड़ दिया गया, वो न तो बात कर सकता था, ना ही कुछ निगल सकता था और न ही किसी प्रकार का कोई मूवमेंट ही कर सकता था। एक दिन, अंतिम प्रयास की तरह, डॉक्टरों ने उसके थैलमस (thalamus) में  इलेक्ट्रोड लगा दिया, जो संवेदी धारणा का प्रबंधन और मोटर फंग्शन को नियंत्रित करता है। यह जाहिरा तौर पर उस व्यक्ति के लिये एक किकस्टार्ट था, जिसकी उसे बेहद जरूरत थी। इस प्रक्रिया के बाद वह बात करने, खुद खआना खाने और अपने परिवार के साथ बात करने में सक्षम हो गया था।
Image Source - The Times

500 फुट से गिरने पर भी बच गया एक व्यक्ति


ऊंची ईमारतों की खिड़कियां साफ करने वाले अल्सीडस मोरीनो 2007 में काम करते हुए 47वीं मंज़िल से अचानक गिर गए। अफसोस की बात है कि उनके भाई, जोकि उनके साथ ही गिरे थे, जीवित नहीं रह सके। बहुत गंभीर चोटें (फैंपड़े का काम करना बंद कर देने व दिमाग में रक्त के थक्के जम जाने) लगने के बाद भी मोरीनो बच गए। गौरतलब है कि 4 मंजिल से गिरने वाले आधे से ज्यादा लोग जीवित नहीं बच पाते हैं, ऐसे में उसकी रिकवरी उल्लेखनीय है। कुछ समय पहले अल्सीडस मोरीनो चेरेटी के लिए 3.1 मील चले।
Image Source - Dan Briznac (left) and Zazoosh Media (right), via The New York Post

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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