पीरियड्स के दौरान होने वाली प्रमुख समस्‍याएं

स्वस्थ महिला के शरीर में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन जैसे तीन हार्मोन्स मौजूद होते हैं। लेकिन कभी-कभी इन हार्मोन्स में पीरियड्स में गड़बड़ हो जाती है, जिसके कारण मासिक धर्म में कई प्रकार की समस्‍या देखने को मिलती है।

महिला स्‍वास्थ्‍य By सम्‍पादकीय विभाग / Sep 30, 2014
पीरियड्स में होने वाली समस्‍याएं

पीरियड्स में होने वाली समस्‍याएं

पीरियड्स सामान्यतः 28 से 32 दिनों में एक बार होता है। हालांकि अधिकतर पीरियड्स का समय तीन से पांच दिन रहता है परन्तु दो से सात दिन तक की अवधि को सामान्य माना जाता है। स्वस्थ महिला के शरीर में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन जैसे तीन हार्मोन्स मौजूद होते हैं। लेकिन कभी-कभी इन हार्मोन्स में पीरियड्स में गड़बड़ हो जाती है जिसके कारण मासिक धर्म में कई प्रकार की समस्‍या देखने को मिलती है। आइए ऐसी ही कुछ प्रमुख समस्‍याओं के बारे में जानें। image courtesy : getty images

अति संवेदनशील

अति संवेदनशील

ब्राउन विश्वविद्यालय में अल्पेर्ट मेडिकल स्कूल के एमडी टेरी पार्लस्टीन के अनुसार, लगभग 20 से 30 प्रतिशत महिलाये हार्मोंनल उतार-चढ़ाव के कारण ओवुलेशन और रक्तस्राव के दौरान बहुत अधिक संवेनदनशील हो जाती है। अपने आहार में नियमित रूप से हरी पत्तेदार सब्जियां और होल ग्रेन फूड को शामिल आप रक्त शर्करा और भावनाओं को नियंत्रित कर सकती हैं। image courtesy : getty images

सिरदर्द

सिरदर्द

मासिक धर्म के दौरान अक्‍सर महिलाओं को गंभीर रूप से सिरदर्द की समस्‍या भी होती है। सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के एमडी, और सिरदर्द विशेषज्ञ विंसेंट मार्टिन के अनुसार, प्रोस्‍टाग्‍लैंडीन हार्मोंन ऐंठन का कारण बन सिर में नसों पर हमला करता हैं। पीरियड्स में होने वाले सिरदर्द को दूर करने के लिए महिलाएं एंटी इफ्लेमेंटरी दवाओं का सहारा ले सकती है। image courtesy : getty images

स्‍तनों में कोमलता

स्‍तनों में कोमलता

पीरियड्स के दौरान महिलाओं में प्रोजेस्‍टेरोन के बढ़ते स्‍तर के कारण स्‍तनों में अतिरिक्त कोमलता आ जाती है। पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी के अस्पताल में स्‍त्री रोग विशेषज्ञ एमडी स्टीवन सोंधेइमेर के अनुसार, हार्मोंन स्‍तन कोशिकाओं को सक्रिय कर गर्भावस्‍था के लिए उन्‍हें तैयार करती है। image courtesy : getty images

थकान महसूस होना

थकान महसूस होना

हर बार ब्‍लड खोने पर आप स्‍फूर्तिदायक मिनरल आयरन को खो देते हैं। मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी के एलिजाबेथ बेर्तोने जॉनसन के अनुसार, आयरन मूड विनियमन हार्मोंन सेरोटोनिन को बनाने में शामिल होता है, जिसमें अक्‍सर पीएमएस के दौरान गिरावट आती है। अध्‍ययन के अनुसार, जो महिलायें अपने आहार में आयरन युक्त खाद्य पदार्थ लेती है, उनमें पीएमएस कम पाया जाता है। इसलिए अपने आहार में पालक, सेम या दाल जैसे आयरन युक्त पदार्थ को शामिल करें। image courtesy : getty images

ऐंठन

ऐंठन

पीरियड्स के दौरान मांसपेशियों में संकुचन होने से डि‍लिवरी जैसा दर्द महसूस होता है। आमतौर पर यह संकुचन या ऐंठन प्रोस्‍टाग्‍लैंडीन नामक हार्मोंन के कारण होती है। जैसे-जैसे इस का स्‍तर बढ़ता है, आप बदतर महसूस करती हैं। लेकिन 10 से 15 मिनट हीटिंग पैड का उपयोग, गर्भाशय की रक्त वाहिकाओं को चौड़ा कर परिसंचरण को बढ़ावा देकर तेजी से प्रोस्‍टाग्‍लैंडीन के स्‍तर को कम करता है। गंभीर रूप से ऐंठन कष्टार्तव (कष्‍टपूर्ण मासिक धर्म), गर्भाशय फाइब्रॉइड, एंडोमेट्रिओसिस और अन्य आनुवंशिक स्थितियों के कारण भी होता है। image courtesy : getty images

सूजन

सूजन

लगभग 73 प्रतिशत महिलाओं को पीरियड्स से पहले या इसके दौरान शरीर में सूजन का अनुभव होता है, जो अक्‍सर भारी दबाव की तरह होता है। वास्‍तव में कोई नहीं जानता की इसका कारण क्‍या है, लेकिन माना जाता है कि ऐसा पीरियड्स में वॉटर रिटेंशन के कारण होता है। इस दौरान नमक और शराब का सेवन अधिक सेवन स्थिति को और भी खराब कर देता है। मछली और अखरोट जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों के सेवन से इस समस्‍या से बचा जा सकता है। image courtesy : getty images

खाने के प्रति लालसा

खाने के प्रति लालसा

पीएमएस लालसा बहुत ही आम है और ये मस्तिष्‍क से शुरू होती है। पूर्व अवधि सेरोटोनिन को नमकीन और मीठे के प्रति इच्‍छाओं के साथ जोड़ा जाता है, जिसमें वास्‍तव में सेरोटोनिन पुनः निर्माण करने के गुण होते हैं। पीएमएस के लक्षणों को कम करने के लिए आपको कैल्शियम से भरपूर स्‍नैक्‍स लेने चाहिए और अज्ञात कारणों से बचने के लिए मिनरल को कम कर देना चाहिए। image courtesy : getty images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK