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वजन घटाने में फायदेमंद हैं पुराने जमाने की ये 7 आदतें, दिल करें खाएं खाना नहीं बढ़ेगा वजन

आज लोगों के लिए आहार की पौष्टिकता पर स्‍वाद बुरी तरह हावी हो चुका है और इसलिए मोटापा एक बहुत बड़ी बीमारी बन चुका है। लेकिन पुराने जमाने की उन आदतों को अपनाकर आज भी स्लिम और फिट रहा जा सकता है।

वज़न प्रबंधन By Jitendra Gupta / Dec 06, 2014
पहले आराम था तो सेहत थी

पहले आराम था तो सेहत थी

पुराने जमाने में सेहतमंद आहार पर टिके रहना आसान था। उस जमाने में न तो बड़े-बड़े जंक फूड चैन हुआ करते थे, और न ही आज की तरह वक्‍त की कमी। लोग अपने भोजन का खयाल रखते थे और सही समय पर सही भोजन किया करते थे। लेकिन, आज सब कुछ बदल गया है। आज लोगों को बाहर का फास्‍ट फूड ज्‍यादा पसंद आता है। लोगों के लिए आहार की पौष्टिकता पर स्‍वाद बुरी तरह हावी हो चुका है। और इसलिए मोटापा बड़ी महामारी बन चुका है।

आज भी कारगर पुरानी आदतें

आज भी कारगर पुरानी आदतें

रोमन चिकित्‍सक गैलन ने 1800 बरस पहले ही मोटापे संबंधित बीमारियों के बारे में जनता को आगाह किया था। उन्‍होंने बताया था कि आखिर कैसे इनसे दूर रहकर स्‍वस्‍थ रहा जा सकता है। अपनी किताब 5 स्किनी हेबिट्स के लेखक डेविड जुल्‍बर्ग ने बताया है कि कैसे पुराने जमाने की उन पांच आदतों को अपनाकर आज भी स्लिम और फिट रहा जा सकता है।

दिन में दो बार खाएं भरपेट खाना

दिन में दो बार खाएं भरपेट खाना

पुराने जमाने में लोग दिन में केवल दो बार भरपेट खाते थे। लेकिन आज दिन में तीन बार खाने का चलन है। चलिये आपकी इस सामान्‍य आहार पद्धति में कुछ बदलाव करते हैं। आप दो सामान्‍य भोजन लीजिये, एक हल्‍का और तीसरा हैल्‍दी। नाश्‍ता, लंच या डिनर कोई भी एक भोजन हल्‍का कीजिये। इसमें कैलोरी की मात्रा को 250 कैलोरी से कम रखिये। आप चाहें तो ओटमील, दलिया या फिर फैट फ्री मिल्‍क हो सकता है। इसके साथ ही आप चाहें तो एक कटोरी सलाद भी खा सकते हैं। सलाद से आपका पेट भरा रहेगा और आप अस्‍वास्‍थ्‍यकर चीजें खाने से बचेंगे।

दिन में लें हेवी खाना

दिन में लें हेवी खाना

दिन का सबसे भारी भोजन 'पीवी' होना चाहिये। पी यानी प्रोटीन और वी यानी वेजिटेबल। यानी दिन के सबसे भारी आहार में मुख्‍य डिश लीन प्रोटीन की होनी चाहिये तथा उसके साथ सब्जियों का सेवन करें। स्‍टार्च और अनाज को इसमें शामिल न करें। इसके साथ एक गिलास शर्कराहीन रेड वाइन का सेवन करें। प्रोटीन के स्रोत के रूप में चिकन, मछली, मीट या फिर सोया उत्‍पादों का सेवन कर सकते हैं। आप सालमन, सब्जियां, चिकन सलाद आदि का सेवन भी कर सकते हैं। कार्बोहाइड्रेट का सेवन कर आप ओवरइटिंग से बच सकते हैं। वाइन के घूंठ आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। वाइन आपकी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है। इससे वजन कम करने में भी मदद मिलती है। इसके साथ ही मानसिक और मस्तिष्‍कीय शांति मिलती है। इतना ही नहीं रेड वाइन को दिल के लिए भी अच्‍छा माना जाता है।

लंच है बेहद जरूरी

लंच है बेहद जरूरी

अपने लंच का पूरा लुत्‍फ उठायें। इससे अपना व्‍यावहारिक और आनंददायक आहार बनायें। आपको जैसा आहार पसंद हो वैसा करें। लंच में आप अपना पंसदीदा प्रोटीन, स्‍टार्च और आहार कुछ भी जोड़ सकते हैं। लेकिन, अपनी जरूरत के हिसाब से आप सब्जियों का भी चयन कर सकते हैं। अगर आप ट्यूना खाने के बाद भी आपका पेट नहीं भरा तो आप कुछ और खाने के बजाय सलाद का सेवन करें।

चलना बेहद जरूरी

चलना बेहद जरूरी

व्‍यायाम का असर हो इसके लिए जरूरी नहीं कि यह जोरदार हो। व्‍यायाम में निरंतरता का होना अधिक आवश्‍यक है। अगर आप नियमित रूप से हल्‍का व्‍यायाम भी करते रहें, तो इससे भी आपका मूड और भूख नियंत्रण में रहते हैं। शुरुआत सप्‍ताह में तीन दिन 10 मिनट के हल्‍के कार्डियोवस्‍कुलर एक्‍सरसाइज से की जा सकती है। इसममें जॉगिंग, रस्‍सी कूदना या फिर अन्‍य हल्‍के व्‍यायाम शामिल हो सकते हैं। इसके साथ ही तेज चाल, तैराकी आदि भी आपके लिए बहुत फायदेमंद होंगे। जैसे-जैसे आपकी फिटनेस बढ़ती जाएगी, आप स्‍ट्रेंथनिंग एक्‍सरसाइज को भी अपनी दिनचर्या का हिस्‍सा बना सकते हैं। इसके साथ ही इंटरवल ट्रेनिंग से भी आपको कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ मिल सकते हैं।

तृष्‍णा को रखें काबू

तृष्‍णा को रखें काबू

सभी को कोई न कोई तृष्‍णा जरूर होती है। लेकिन इसे भूख समझने की भूल न करें। बेहतर यह है कि ऐसे समय पर आप जंक फूड खाने के स्‍थान पर कुछ सेहतमंद भोजन करें। मूलभूत नियम यह है कि आप दो भोजन के बीच पानी पीते रहें। कई बार हम प्‍यास और भूख के बीच सही प्रकार से अंतर नहीं कर पाते। इसके साथ ही वसा रहित और कम वसा युक्‍त डेयरी उत्‍पादों का सेवन करें। इसके साथ ही ताजा फलों को अपने भोजन का अहम हिस्‍सा बनायें।

दिल खोल करें खरीदारी

दिल खोल करें खरीदारी

भोजन के लिए खरीदारी का हालांकि पुरातन नियमों से सीधे कोई वास्‍ता नहीं है, लेकिन आधुनिक युग में वजन कम करने का इसे उपयोगी तरीका माना जाता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब आप भरे पेट खाने के सामान की खरीदारी करते हैं तो आप बेकार का सामान कम खरीदते हैं। इसके साथ ही खरीदारी करने से पहले आपको जरूरी सामान की लिस्‍ट बना लेनी चाहिये।

धीरे-धीरे खायें

धीरे-धीरे खायें

कहा जाता है कि रोटी को पियो और पानी को खाओ। इसके पीछे सीधा सा वैज्ञानिक कारण है। जब आप भोजन को अच्‍छी तरह चबा-चबाकर कर खाते हैं तो आप उसके पूरे रस का आनंद ले पाते हैं। साथ ही अच्‍छी तरह चबाकर खाने से आपका पेट जल्‍दी भरा रहता है और आपको लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास होता है। कुछ जानकार यह भी मानते हैं कि अपने भोजन के साथ खूब पानी पीने से भी आपकी भूख नियंत्रित रहती है।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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