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जानें लगातार बैठने से शरीर के किन अंगों को होता है नुकसान

ब्रिटेन के वैज्ञानिकों के अनुसार एक ही मुद्रा में लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर के लगभग हर अंग को नुकसान हो सकता है, आइए जानें कैसे।

तन मन By Pooja Sinha / Dec 02, 2015
लगातार बैठने से शरीर के अंगों पर असर

लगातार बैठने से शरीर के अंगों पर असर

लगातार बैठकर काम करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे आपके विभिन्‍न अंगों को नुकसान हो सकता है। यह हम नहीं कह रहे बल्कि ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने हाल ही में उन लोगों के लिए चेतावनी जारी की है जो लंबे समय तक लगातार बैठकर काम करते हैं। इन वैज्ञानिकों का कहना है कि एक ही मुद्रा में लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर के हर अंग को नुकसान हो सकता है। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से जानें कि लगातार बैठने से शरीर के किन अंगों को और कैसे नुकसान पहुंचता है।

सिर और गर्दन पर असर

सिर और गर्दन पर असर

लम्बी अवधि के लिए बैठे रहने से खून के थक्के बन सकते हैं जो दिमाग तक पहुंच कर स्ट्रोक का कारण बन सकते हैं। साथ ही यह गर्दन को भी नुकसान पहुंचाता है। दिन भर के दौरान टांगों में इकट्ठा हुआ तरल गर्दन तक चला जाता है जिसके चलते स्लीप एप्निया (नींद में सांस का रुकना) जैसी समस्या पैदा हो सकती है। इसके अलावा गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव के चलते दर्द होता है।

पीठ और पेट पर असर

पीठ और पेट पर असर

लम्बे समय तक लगातार बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी पर अत्यधिक दबाव पड़ता है और भविष्‍य में रीढ़ के मनकों में संकुचन पैदा होती है क्योंकि दबाव के चलते मांसपेशियां कठोर हो जाती हैं और ऐसे में एकदम उठना चोट का कारण बन सकता है। पीठ के साथ पेट पर भी लगातार बैठने का बुरा असर पड़ता है। अत्यधिक देर तक बैठने से मोटापा और कोलोन कैंसर की समस्‍या हो सकती है क्‍योंकि मांसपेशियों की रक्तवाहिनियों में मौजूद एंजाइम चर्बी के कम या बंद होने के लिए जिम्मेदार होते हैं जिससे शरीर के चयापचय संबंधी ईंधन यानी ऊर्जा में बाधा उत्‍पन्‍न होती है।

लंग और हार्ट पर असर

लंग और हार्ट पर असर

यदि आप दिन का अधिक समय बैठ कर बिताते हैं तो आप में पल्मोनरी एम्बोलिज्म यानी लंग में खून के थक्के जमने की आशंका दोगुना हो जाती है। इसके अलावा इसका असर दिल पर भी पड़ता है क्‍योंकि अस्त-व्यस्त जीवन शैली का अनुसरण करने वाले लोगों में लगातार चलते फिरते रहने वालों की तुलना में डायबिटीज तथा हृदय रोग पैदा होने का खतरा अधिक रहता है।

पैर और बांहों पर असर

पैर और बांहों पर असर

पैरों के सुन्न होने का कारण रक्त प्रवाह कम होने लगता है, इसके कारण नाड़ियों को नुकसान पहुंचता है या लम्बे समय तक बैठे रहने से नाड़ियों पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा लंबे समय तक बैठे रहने से बांहों पर भी असर पड़ता है। शारीरिक गतिविधि की कमी से उच्च रक्तचाप या हाइपरटेंशन की समस्‍या हो सकती है। इसलिए जो लोग अपने कार्यस्‍थल पर लगातार बैठ कर काम करते हैं उन्हें कार्य घंटों के दौरान रोजाना कम से कम दो घंटे अपने पैरों पर खड़े रहने या टहलने के बहाने ढूढ़ने चाहिए।
Image Source : Getty

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