• shareIcon

ओलंपिक खिलाडि़यों से सीखें जीवन के पाठ

मिल्‍खा सिंह सहित कई दूसरे ओलंपिक खिलाड़ी भी हैं जिनसे हम जीवन से जुड़े कई महत्‍वपूर्ण पाठ सीख सकते हैं। विस्‍तार से जानने के लिए इस स्‍लाइडशो को पढ़ें।

एक्सरसाइज और फिटनेस By Devendra Tiwari / Feb 22, 2016

ओलंपिक खिलाड़ी और जीवन के सबक

मिल्‍खा सिंह को कौन नहीं जानता होगा, आज उनकी उम्र लगभग 80 साल है, उनकी मानें तो वे डॉक्‍टर के पास नहीं जाते और बीमारियां भी उनके पास नहीं आतीं। जहां आजकल युवाओं में गभीर बीमारियां हो रही हैं ऐसे में उम्र के इस पड़ाव पर फिटनेस को बरकरार रखना सामान्‍य बात नहीं है। इसके लिए उनकी मेहनत और सख्‍त रूटीन मायने रखती है। मिल्‍खा सिंह सहित कई दूसरे ओलंपिक खिलाड़ी भी हैं जिनसे हम जीवन से जुड़े कई महत्‍वपूर्ण पाठ सीख सकते हैं। विस्‍तार से जानने के लिए इस स्‍लाइडशो को पढ़ें।

काम के प्रति निष्‍ठा

आप जो भी काम करें इमानदारी और निष्‍ठा के साथ करें तो सफलता जरूर मिलेगी। काम के प्रति निष्‍ठावान होने की सीख आप ओलंपिक के खिलाडि़यों से ले सकते हैं। आप अगर काम को इमानदारी से करेंगे तो सफलता भी आपको मिलेगी। इसलिए आपने जो भी करने की ठानी हो उसे करते रहिए।

एक ही लक्ष्‍य होना चाहिए

ओलंपिक गेम्‍स में कई सारे खेल होते हैं- तीरंदाजी, स्‍वीमिंग, रनिंग, आदि। लेकिन आपने कभी नहीं देखा होगा कि स्‍वीमिंग करने वाला खिलाड़ी दौड़ में भी हिस्‍सा ले रहा हो। जिस खिलाड़ी ने जिसकी ट्रेनिंग ली है वह उसके लिए ही प्रयास करता है और वही उसका लक्ष्‍य बन जाता है। इसलिए सफल होना है तो बस एक लक्ष्‍य बनाओ और उसके लिए ही प्रयास करो।

मेहनत बहुत जरूरी है

कुछ भी आसानी से नहीं मिल जाता, इसके लिए अथक मेहनत और निरंतर मेहनत की जरूरत होती है। ओलंपिक में हिस्‍सा लेने वाले खिलाड़ी इसके लिए कई सालों तक मेहनत करते हैं। कड़ी और निरंतर मेहनत करने के बाद ही उनको मेडल मिलते हैं।

प्रतियोगिता से घबरायें नहीं

स्‍वीमिंग या रनिंग में कई देशों के खिलाड़ी होते हैं, और सभी में एक से बढ़कर एक प्रतिभा भी होती है। लेकिन जो सबसे अधिक मेहनत करता है और जिसका प्रदर्शन सबसे अच्‍छा होता है गोल्‍ड मेडल उसे ही मिलता है। इससे यह सीख मिलती है कि हर क्षेत्र में बहुत अधिक कंपटीशन है, प्रतियोगिता के इस दौर में घबराने की नहीं डटकर खड़े रहने और खुद को सबसे होनहार साबित करने की जरूरत होती है।

असफलता से घबरायें नहीं

फ्लाइंग सिख के नाम से मशहूर मिल्‍खा सिंह को यह खिताब आसानी से नहीं मिला था और न ही पहली बार में उन्‍होंने कोई कीर्तिमान बनाया था। कई बार असफल होने के बाद उनको सफलता मिली और उन्‍होंने एक अलग मिसाल पेश की। ऐसे कई ओलंपिक खिलाड़ी हैं जो हर बार प्रयास करते हैं और असफल रहते हैं, लेकिन फिर से अगले ओलंपिक में एक नये जोश के साथ हिस्‍सा लेते हैं। इसलिए असफल होने पर घबरायें नहीं बल्कि खुद को और बेहतर तरीके से इसके लिए तैयार करें।

दृढ़ संकल्‍प

यह ऐसी प्रवृत्ति है जिसकी मिसाल ओलंपिक खिलाड़ी ही दे सकते हैं। आइस हॉकी हो, वेट लिफ्टिंग हो या फिर शूटिंग हो, इनमें हिस्‍सा लेने वाला हर खिलाड़ी एक दृढ़ संकल्‍प लेकर हिस्‍सा लेता है। हारने के बावजूद उसका ये संकल्‍प डगमगाता नहीं बल्कि और मजबूत होता है। इसलिए अगर आपने किसी चीज को करने की ठानी है तो फिर सफलता आपको जरूर मिलेगी।
Image Source : Getty

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK