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पानी की कमी से हो सकती हैं आपको ये बीमारियां

पानी मानव जीवन के लिए बहुमूल्य है और बचपन से ही हम इसके फायदों के बारे में सुनते आये हैं। किसी भी बीमारी में पानी रामबाण की तरह काम करता है। पानी का प्रयोग कई तरीकों से प्राकृतिक उपचार के रूप में होता है। पानी निर्जलीकरण के कारण होने वाले सरदर्द और प

एक्सरसाइज और फिटनेस By Pooja Sinha / Mar 10, 2015

शरीर में पानी की कमी

क्‍या आप जानते हैं कि हमारे शरीर में लगभग 70 प्रतिशत पानी होता है। और शरीर के सभी अंगों को काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है। साथ ही पानी शरीर के विषैले पदार्थों को बाहर निकाल हमें सेहतमंद रखता है। पानी न सिर्फ हमारी प्यास बुझाता है बल्कि पाचन-तंत्र से लेकर मस्तिष्क के विकास तक में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए हमें हर रोज पर्याप्‍त मात्रा में पानी की आवश्‍यकता होती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि चाहे हमें दमकती त्वचा पानी हो या फिर मोटापे पर काबू पाना हो, सभी के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीना जरूरी है। एक व्यक्ति को दिन भर में 8-10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। लेकिन जब हम इसकी इस जरूरत को पूरा नहीं करते हैं तब हम डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं। जल ही जीवन हैं यह तो हम सभी जानते हैं, लेकिन फिर भी पानी बहुत कम मात्रा में पीते हैं। जिसके कारण हम कई बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।
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मोटापा

पानी कम पीने से पानी से आहार की लालसा के कारण हम कुछ व्‍यंजनों का सेवन अधिक मात्रा में करने लगते हैं। इस तरह से हम गले को शांत करने के लिए पेट को ज्‍यादा भर लेते हैं। इस विपरीत काम को करने से हमारा वजन बढ़ने लगता है। साथ ही पानी शरीर से विषैले पदार्थां को बाहर निकाल, चयापचय प्रक्रिया को तेज कर ज्‍यादा कैलोरी को जलाता है जिससे शरीर की चर्बी कम होती है। लेकिन पानी की कमी से ऐसा नहीं हो पाता जिससे वजन बढ़ने लगता है।
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कब्ज की समस्‍या

कब्ज का मूल कारण शरीर मे तरल की कमी होना है। आहार के पेट में प्रवेश करने पर पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है। और मल के सही निर्माण के लिए पेट की दीवारे अधिक पानी को सोख लेती हैं। परंतु पानी की कमी से आंतों में मल सूख जाता है और मल निष्कासन में जोर लगाना पडता है। जो कब्ज का कारण बन जाता है।
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कोलेस्ट्रॉल की समस्‍या

पानी की कमी यानी निर्जलीकरण के कारण कोशिकाओं के अंदर मौजूद पानी सूखने लगता है और इस प्रक्रिया को रोकने के लिए हमारा शरीर अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रॉल को उत्पन्न करना आरंभ करता है। इससे कोलेस्‍ट्रॉल की समस्‍या होने लगती है।
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एक्जिमा

पानी की कमी से त्‍वचा की समस्‍या यानी एक्जिमा का भी कारण बन सकती है। विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। पानी, विषाक्त पदार्थों को पतला करता है ताकि इससे त्वचा को जलन महसूस ना हों। लेकिन पानी की कमी से यह समस्‍या बहुत बढ़ जाती है।
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ब्लड प्रेशर की समस्‍या

पानी की कमी के कारण धमनियों, नसों एवं केशिकाओं को पूरी तरह से भरने के लिए शरीर में ब्‍लड की मात्रा पर्याप्त नहीं रहती है। जिससे आपको हाई व लो दोनों प्रकार के ब्‍लड प्रेशर में से किसी एक से पीड़ि‍त हो सकते हैं।
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पाचन विकार या पेट का अल्‍सर

पानी की कमी से पाचक रसों का स्राव कम होने लगता है, जिसके चलते आपको पाचन संबंधी विकार उत्‍पन्‍न हो सकते हैं। इसके अलावा पानी की कमी से पेट में उत्पन्न होने वाले पाचन एसिड से म्यूकस मेंब्रेन को नष्ट होने से बचाने के लिए पेट म्यूकस की एक परत को स्रावित करता है। जिससे आपको गैस्ट्राइटिस व पेट का अल्सर हो सकता है।
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थकान एवं एनर्जी की कमी

शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा रहने से आपको कभी एनर्जी की कमी महसूस नहीं होगी। शरीर में पानी कम होने पर दिमाग ठीक तरीके से काम नहीं कर पाता। और ऊतकों में पानी की कमी के कारण एंजाइमों की गतिविधियों की रफ्तार धीमी हो जाती है। ऐसी अवस्था में हम थकान महसूस करने लगते हैं। इसलिए थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहने से हमारा दिमाग अलर्ट रहता है और थकान की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
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गठिया की समस्‍या

पानी की कमी से गाठिया में होने वाला दर्द भी बहुत बढ़ जाता है। शरीर में पानी की कमी ब्‍लड एवं सेलुलर फ्लोइड में विषाक्त पदार्थों के संग्रहण को बढ़ा देती है। इन विषाक्त पदार्थों के संग्रहण से व्यक्ति के शरीर के जोड़ों में दर्द उठने लगते हैं।
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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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