• shareIcon

गर्भावस्‍था में रास्‍पबेरी खाने के हैं ये फायदे

रास्पबेरी में काफी मात्रा में विटामिन्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। गर्भावस्था के दौरान भी रास्पबेरी खाने के कई फायदे होते हैं। गर्भावस्था में, इससे पहले या बाद में रास्पबेरी खाने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं।

गर्भावस्‍था By Rahul Sharma / Mar 17, 2016

गर्भावस्‍था में रास्‍पबेरी के लाभ


रसभरी जिसे रास्पबेरी नाम से भी जाना जाता है, एक बेहद लज़ीज़ फल है, जोकि बैंगनी, सुनहरे, लाल व काले रंगों में पाया जाता है। इस फल में काफी मात्रा में विटामिन्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। साथ ही इनमें कैलोरी काफी कम मात्रा में होती है और मैग्नीशियम प्रचुर मात्रा में होता है। यह एक कोलेस्ट्रोल मुक्त फल होता है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। गर्भावस्था के दौरान भी रास्पबेरी खाने के कई फायदे होते हैं। गर्भावस्था में, इससे पहले या बाद में रास्पबेरी खाने के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। चलिये जानें क्या हैं ये फायदे -
Images source : © Getty Images

महिलाओं के लिये काफी फायदेमंद


महिलाओं के लिये गर्भावस्था के अलावा भी रास्पबेरी खाना बेहद लाभदायक है। इसमें फाइबर तथा फाइटो केमिकल कंपाउंड होते हैं जिससे महिलाओं के मासिक धर्म को नियंत्रित करने में सहायता मिलती है। यह पेट में होने वाली मरोड़ से भी निजात दिलाता है। इसका नियमित सेवन मां के दूध को और भी शक्तिशाली और पौष्टिक बनाता है।
Images source : © Getty Images

गर्भावस्था के दौरान लाल रास्पबेरी के फायदे


रास्पबेरी महिलाओं में गर्भाशय सहित श्रोणि क्षेत्र की मांसपेशियों को टोन करती है। साथ ही इसका नियमित सेवन प्रसव के दौरान और इसके बाद के दर्द कम कर देता है। इसमें कैल्शियम, आयरन और विटामिन सी, ई भी प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान बेहद आवश्यक और लाभकारी होते हैं।
Images source : © Getty Images

कई गुणों से भरपूर है


रास्पबेरी फास्फोरस और पोटेशियम सहित कई खनिजों से युक्त होती है। ऐसा माना जाता है कि प्रसव के दौरान फ्रोज़न (जमी हुई) रास्पबेरी को चूसने से संकुचन स्थिर और प्रभावी रहता है। हालांकि इस बात को कोई चिकित्सकीय प्रमाण नहीं है।
Images source : © Getty Images

प्रसव के बाद व पहले लाल रास्पबेरी के फायदे


इसके सेवन से प्रजनन क्षमता में वृद्धि होती है, खासकर लाल तिपतिया घास (Red Clover) के साथ मिलाकर लेने पर। साथ ही ये गर्भाशय को टोन करती है और गर्भपात को रोकने में मदद करता है। कुछ महलाओं को इसके सेवन से मॉर्निंग सिकनेस की समस्या से भी राहत मिलती है। इसमें मौजूद उच्च खनिज होने के चलते लाल रास्पबेरी के पत्ते भरपूर मात्रा में मां के दूध के उत्पादन में सहायता करते हैं। प्रसव कर सकने वाली उम्र की सभी महिलाओं के मासिक धर्म में होने वाली ऐंठन को कम करने में भी मदद करती है। हालांकि रास्पबेरी के ये सभी गुण लोगों के अनुभवों के आधार पर दिये गए हैं, और इनकी कोई चिकित्सकीय मान्यता नहीं है।
Images source : © Getty Images

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK