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हेपेटाइटिस बी वायरस से जुड़े तथ्‍यों के बारे में जानें

हेपेटाइटिस बी वायरस से कई खतरनाक बीमारियां होती हैं साथ ही यह जानलेवा हो सकता है, इससे जुड़े कुछ तथ्‍यों के बारे में हम आपको इस स्‍लाइडशो में बताते हैं।

हेपेटाइटिस By Gayatree Verma Sep 15, 2015

हेपेटाइटिस बी वायरस

हेपेटाइटिस बी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध बनाने, संक्रमित सूई, ब्लेड, उपकरण का इस्तेमाल करने, या फिर संक्रमित सूई के प्रयोग से फैलता है। यह संक्रमित मां से उसके गर्भ में पल रहे बच्‍चे को भी हो सकता है। इसके अलवा ब्लड ट्रांसफ्यूजन या ऑर्गन ट्रांसप्लांट करते समय ठीक से जांच न करने पर भी हेपेटाइटिस बी होता है। लेकिन एक बात हमेशा ध्यान में रखें कि गले मिलने से, हाथ मिलाने से, खांसी या छींकने से हेपेटाइटिस बी नहीं होता है। माना जाता है कि यह वायरस एचआईवी वायरस से 50 से 100 गुना अधिक संक्रमित होता है। इसके कारण मरीज की मौत भी हो सकती है। इससे जुड़े तथ्‍यों के बारे में यहां जानें।

60% लीवर कैंसर का कारण

हेपेटाइटिस बी एक वायरल संक्रामक रोग है जो हेपेटाइटिस बी वायरस के कारण फैलता है। कई बार हेपेटाइटिस बी से जुड़ी बीमारी में ज्यादा तकलीफ नहीं है जिस कारण लंबे समय तक इस बीमारी का पता नहीं चलता। इस कारण हर साल कई लोग इस बीमारी के कारण मर जाते हैं। हेपेटाइटिस बी के वायरस के कारण लीवर भी खराब हो जाती है जिससे हर साल 4 हजार से 5 हजार लोगों की मृत्यु हो जाती हैं। विश्व में लीवर कैंसर के 60% मामले हपेटाइटिस के कारण होते हैं।

30-45 सकेंड में लेता है जान

दुनिया के दो-तिहाई व्यक्ति इसके हो जाने के बाद भी अनजान रहते हैं कि उन्हें या संक्रमण हो चुका है। अब यह एचबीवी इंफेक्शन में बदलता जा रहा है जो कि दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है। दवाई लेने के बावजूद भी यह हर 30-45 सकेंड में एक व्यक्ति की जान ले रहा है।

एचआईवी से अधिक संक्रामक

यह वायरस एचआईवी की तुलना में अधिक प्रचलित औऱ संक्रमित रोग है। इससे दुनिया में सबसे ज्यादा एशिया महाद्वीप प्रभावित है। यह एचआईवी से सौ गुना अधिक संक्रामक है। एशिया में अधिकतर वायरस संक्रमित मौतें इसी वायरस से होती हैँ।

टीका अब तक तैयार नहीं

यह वायरस 180 लाख लोगों को अब तक संक्रमित कर चुका है जिसका इलाज वैज्ञानिकों के पास स्थायी तौर पर अब तक नहीं है। इस वायरस से लड़ने के लिए अब तक कोई टीका तैयार दुनिया के वैज्ञानिक नहीं कर पाए हैं। अब तक दुनिया में 530 मीलियन लोग इस वायरस की चपेट में आ गए हैं।

ब्लड टेस्ट से होती है जांच

हेपेटाइटिस बी का निदान करने के लिए डॉक्टर एचबीएसएजी (HBsAg) रक्त जांच करते हैं। इस रक्त जांच से पीड़ित को हेपेटाइटिस बी है या नहीं यह पता चलता है। साथ ही अगर संक्रमण ताजा है (IgM) या लंबे समय (IgG) से है यह भी जानकारी इस टेस्‍ट के जरिए प्राप्त होती है।

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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