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दूध के दांत से जुड़े 5 महत्‍वपूर्ण तथ्‍यों को जानें

अक्‍सर देखा गया है कि माता-पिता बच्‍चे के दूध के दांतों को यह सोचकर नजरअंदाज कर देते हैं कि वह हमेशा नहीं रहने वाले बल्कि जल्‍द ही टूट जायेंगे।

परवरिश के तरीके By Pooja SinhaNov 17, 2015

दूध के दांत जुड़ी महत्‍वपूर्ण तथ्‍य

छोटे बच्‍चों की मुस्‍कान बहुत प्‍यारी लगती है और यह मुस्‍कान तब और प्‍यारी लगने लगती है जब उनके मुंह में दिखाई देने वाला दूध का दांत मोतियों सा चमकने लगता है। अक्‍सर देखा गया है कि माता-पिता बच्‍चे के दूध के दांतों को यह सोचकर नजरअंदाज कर देते हैं कि वह हमेशा नहीं रहने वाला जल्‍द ही टूट जायेंगे। लेकिन इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से हम आपको बच्‍चे के दूध दांत से संबंधित कुछ तथ्‍यों के बारे में बता रहे हैं जो छोटे बच्‍चों के माता-पिता में जागरूकता को बढाने में मदद करेंगे।

दूध के दांत की शुरूआत

बच्‍चों के दूध के दांत बीस होते हैं, ये 6 महीने से लेकर 1 साल की आयु के बीच किसी भी समय आने शुरू हो जाते हैं और जब बच्‍चा 3 से 4 साल का हो जाता है तो उसके सारे दूध के दांत निकल आते हैं।

दूध के दांत का टूटना

दूध के दांत तब टूटते हैं जब उनके नीचे स्थित स्‍थायी दांत निकलने के लिए पूरी तरह तैयार हो जाते हैं। सिर्फ सामने के निचले दो दांत 6 वर्ष की आयु के आस-पास गिरते हैं। उसके बाद हर साल बच्‍चे के दो से चार दूध के दांत टूटते हैं। दूध की दाढ़ें 10 से 13 साल की उम्र के बीच टूटती हैं।

दूध के दांतों की सफाई

बच्चों के दूध के दांत स्थाई नहीं होते। कुछ सालों में ये गिर जाते हैं, और उनकी जगह स्थाई दांत आते हैं, फिर भी दूध के दांत को साफ रखना बहुत जरूरी है। क्योंकि दूध के दांत ही वो जगह बनाते हैं, जहां स्थायी दांत आते हैं। जन्म से लेकर एक साल की उम्र तक, बच्‍चों के दांतों और मसूड़ों को साफ एवं गीले कपड़े से साफ करना चाहिए और एक साल की आयु के बाद बच्चों के दांतों को नर्म ब्रश के साथ साफ करना शुरु करें।

डायरिया की समस्‍या

बच्‍चों के दूध के दांत निकलने के कारण उनके मसूड़ों में दर्द, अधिक लार का बनना, भूख में कमी और नींद में दिक्‍कत जैसी समस्‍याएं होने लगती है। इससे बच्‍चे चिडचिडे हो जाते है और राहत पाने के लिए अपनी उंगलियों या खिलौने को मुंह में डालने लगते हैं। गंदी वस्‍तुओं और उंगलियों को मुंह में डालने से डायरिया का खतरा भी रहता है।

दांतों को नुकसान

जब बच्चा दूध पीते-पीते सो जाता है, तो ब्रेस्‍ट या बोतल के दूध की आखिरी घूंट को वह उसी समय नहीं निगलता। यह दूध उसके दांतों के आसपास जमा हो जाता है और नुकसान का कारण बन सकता है। इससे सबसे अधिक उसके सामने के ऊपरी दांत और दाढ़ें प्रभावित होती हैं।
Image Source : Getty

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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