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अनिद्रा के इन प्रकारों से अनजान हैं आप

अनिद्रा की शिकायत हमारी सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। अनिद्रा कई प्रकार की होती है। इन प्रकारों के बारें में जानने के लिए ये स्लाइडशो पढ़े।

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Aditi Singh / Jan 22, 2016

सामान्य व एक्यूट इंसोमेनिया

सामान्य इंसोमेनिया में नींद ना आने की शिकायत होती है। रात में सामान्य रूप से नींद का ना आना, जल्दी उठ जाना आदि जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है। इससे आपकी नींद पूरी नहीं होती है और दिनभर थकान का अनुभव होता रहता है। एक्यूट इंसोमेनिया में तनाव व मानसिक दबाव के चलते नींद बार बार टूटती रहती है। अगर आपका तनाव कम हो जाए तो ये परेशानी भी खत्म हो जाती है। मानसिक तनाव कई बार बहुत ज्यादा उत्साह की वजह से भी हो जाता है।
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बचपन से अनिद्रा की समस्या

अक्सर बच्चों की आदत बन जाती है कि जबतक उन्हें बेड पर जाने के लिए ना बोला जाएं, वो सोने जाना पंसद नहीं करते। अगर आप अपने बच्चों में समय से सोने की आदत डाल दे, तो परेशानी भी खत्म हो जाएगी। बच्चों में इस तरह की आदत आगे चलकर परेशानी का सबब बन सकती है।कुछ बच्चों में अज्ञातहेतुक इंसोमेनिया होता है। ये समस्या जन्म के साथ ही शुरू हो जाती है और युवावस्था तक बनी रहती है। इसके कारणों की अभी जानकारी नहीं मिल पायी है। शरीर में असंतुलन के कारण कई बार ऐसा हो जाता है।  
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दवाईयों व आहार से अनिद्रा की समस्या

इस तरह की अनिद्रा की शिकायत में दवाइयों, कैफीन, शराब या कुछ आहारों के ज्यादा सेवन के कारण हो जाता है। अगर आप सोने से पहले ऐसे आहारों का सेवन कर रहें है तो आप तुंरत ही इसे बंद कर दे। इससे आपकी नींद में सुधार हो जाएगा। कई बीमारियों का इलाज आपकी नींद पर बुरा असर डालता है। इससे आपकी नींद बार बार टूट जाती है। आप इस बारें में डॉक्टर से सलाह लें।
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आर्गेनिक और नॉन आर्गेनिक इंसोमेनिया

आर्गेनिकअनिद्रा की शिकायत का कारण तनाव और मनोवैज्ञानिक कारण होते है। ये समस्या कुछ समय तक के लिए ही रहती है। नॉन आर्गेनिक इंसोमेनिया का नाम अस्थायी है।  कुछ अन्य परीक्षण के बाद शायद इसका नाम बदल दिया जाए। इसके कारण अभी पता नहीं चल पायें है।
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पैराडॉक्सिकल और साइकोलॉजिकल अनिद्रा

पैराडॉक्सिकल अनिद्रा एक गंभीर समस्या है इसके कारण नींद ठीक से नहीं आती है। इस तरह की बीमारी से पीड़ित लोग कई रातों तक नहीं सोते है। जिसका प्रभाव दिन में पड़ता है। इसका कारण हाइपरअराउजल बताया जाता है। इनकों हमेशा लगता है कि ये जरूरत से ज्यादा सोते है। साइकोलॉजिकल अनिद्रा में ज्यादा चिंता और तनाव के कारण नींद नहीं आती है। ऐसे लोग सीखने में धीरे होते है। दिमाग में लगातार चलने वाले विचारों के कारण ये सोने में असमर्थ होते है।
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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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