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कहीं आपको बीमार तो नहीं बना रहा आपका तकिया

अगर आपको भी रात को तकिए के बिना नींद नहीं आती, तो सावधान हो जाये। क्‍योंकि वैज्ञानिकों का कहना है कि आपका तकिया कीटाणुओं और बीमारियों के बढ़ाने के लिए सबसे बेहतर जगह है।

तन मन By Pooja SinhaFeb 24, 2016

तकिये के इस्‍तेमाल के नुकसान

हममें से कुछ लोग ऐसे हैं जिन्‍हें बिना तकिये के नींद नहीं आती है। उन्‍हें सोने से पहले अपने सिर के नीचे एक तकिया चाहिए ही चाहिए। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि हमारे सिर एवं गर्दन को आराम देने वाला तकिया हमार स्‍वास्‍थ्‍य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। अगर आपको भी रात को तकिए के बिना नींद नहीं आती, तो सावधान हो जाये। क्‍योंकि वैज्ञानिकों का कहना है कि आपका तकिया कीटाणुओं और बीमारियों के प्रजनन के लिए सबसे बेहतर जगह है। आइए जानें तकिया लगाने से आपको क्‍या-क्‍या नुकसान हो सकते हैं।

मानसिक तनाव का कारण

एक रिसर्च के अनुसार, सिर के नीचे तकिया लगाकर सोने से हमें कई शारीरिक एवं मानसिक परेशानियां होती हैं। कई बार तकिये की गलत पॉजीशन या फिर ज्‍यादा ऊंचाई के कारण गर्दन पर जोर पड़ता है। इससे हम रात भर सोने के बावजूद सुबह उठने पर खुद को तरो-ताजा महसूस नहीं करते, जिससे हमें मानसिक तनाव बना रहता है। इसके अलावा तकिया कड़क होने पर आपके मस्तिष्क पर बेवजह दबाव बनता है।

कीटाणुओं का घर

एक शोध के अनुसार, आपके तकिए के वजन का एक तिहाई भाग कीटाणुओं, मृत त्वचा, धूल और कीटाणुओं के मल का होता है। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, शोध के लेखक डॉक्टर आर्थर टुकेर का कहना है कि लोग तकिए पर नया लिहाफ लगा कर उसे बहुत साफ और स्वच्छ समझते हैं मगर वह नहीं जानते कि वे कीटाणुओं को चादर ओढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि तकिए में पनपने वाले कुछ कीटाणुओं और जीवाणुओं को कभी धोया या मारा नहीं जा सकता। इनसे ई-कोलाई संक्रमण, सांस तथा यूरीन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।

झुर्रियों का कारण

यह दो कारण तो शायद आप पहले से जानते भी हों, लेकिन इसके अलावा तकिया लेकर सोने की जिन नुकसान के बारे में हम आपको बता रहे हैं, वह आपने पहले कभी नहीं सुने होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार तकिये पर सोने से चेहरे पर झुर्रियों की समस्‍या भी हो सकती है। यदि आप नींद में अपना चेहरे तकिये की तरफ मोड़कर या तकिये में मुंह डालकर सोते हैं तो यह आदत आपके चेहरे पर झुर्रियां पैदा कर सकती है। इसके अलावा यह तरीका आपके चेहरे पर घंटों तक दबाव बनाए रखता है जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है, और चेहरे की समस्याएं उभरती हैं।

मुंहासों का कारण

कई बार गंदे तकिया में मौजूद मिट्टी के कण रात में नींद के दौरान हमारे चेहरे पर लग जाते हैं। यही दूषित कण मुंहासों बनने का कारण होते हैं। इसलिए या तो तकिया ना लें या फिर इसे अपने चेहरे से दूर ही रखें। इसके सीधे संपर्क में आने से ना केवल चेहरे पर पिंपल बन जाते हैं, साथ ही चेहरे की त्वचा के पोर्स भी बंद हो जाते हैं। क्योंकि तकिये की गंदगी ही इन पोर्स को बंद करने का कारण बनती है और अगर यह बंद हो जाएं तो चेहरे की त्वचा को सुचारू रूप से ऑक्‍सीजन नहीं मिल पाता और आपका चेहरा मुरझाने लगता है।

बालों के झड़ने का कारण

बालों के झड़ने के लिए हम हमेशा केवल प्रदूषण को जिम्‍मेदार मानते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है, यह संभव है कि प्रदूषण में जाने से और समय से बाल साफ ना करने से एवं साथ ही हानिकारक केमिकल वाले शैम्पू का इस्तेमाल करने से हेयर फॉल होता है। लेकिन साथ ही बालों के झड़ने का एक कारण आपका तकिया भी है। जो लोग काम करने से लेकर फिल्म देखने, इतना ही नहीं बातें करने तक के लिए भी पीठ और सिर को तकिए के सहारे लगाकर बैठना पसंद करते हैं, उनके लिए नुकसान दो गुना हो जाता हैं। क्योंकि इससे तकिये पर जमी गंदगी बालों से चिपक जाती है और बाल झड़ने लगते हैं।
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आईलैशेज का टूटना

बालों के गिरने को आप रोक सकते हैं, अच्छे तेल एवं शैम्पू के इस्तेमाल से इन्हें वापस अच्छी ग्रोथ दिला सकते हैं, लेकिन आप अपनी आईलैशेज का क्या करेंगे? क्‍या आप जानती हैं कि हमारी आंखों की खूबसूरती को बढ़ाने वाली आईलैशेज भी तकिए के कारण टूटती हैं। रात में तकिए पर बार-बार चेहरे का लगना, आंखों के लगने से आईलैशेज पर गंदगी लग जाती है जिससे कि यह टूटना आरंभ हो जाती हैं।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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