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आप जो खा रहे हैं वो पच रहा है या सड़ रहा है

क्‍या आप जानते हैं कि आपके द्वारा लिये आहार में मौजूद पोषक तत्‍व आपके शरीर को तभी मिल सकते हैं जब खाना ठीक से पचता हैं। न कि आपके द्वारा लिये जाने वाले आहार से। इसलिए यह जानना आपके लिए बहुत जरूरी है कि खाना खाने के बाद पेट में खाना पचता है या सड़ता र

एक्सरसाइज और फिटनेस By Pooja SinhaJul 24, 2015

वास्‍तव में खाना पचता है!

वर्तमान में खाने को लेकर सभी बहुत ही संजीदा हैं और खाने में मौजूद पौष्टिकता की जांच करके अपना डायट चार्ट बनाते हैं। इसलिए वे शरीर के लिए जरूरी कैलोरी का भी ध्‍यान रखते हैं। लेकिन जब पौष्टिक खाने के बाद भी शरीर में पौष्टिक तत्‍वों की कमी हो जाती है तब हम दोबारा अपने डायट चार्ट को देखते हैं। लेकिन क्‍या आप जानते हैं इसके लिए जिम्‍मेदार आपके खाने का अंदाज है। यानी आपको यह समझना होगा कि आप जो खा रहे हैं वह पच रहा है या फिर सड़ रहा है। आइए इसके पीछे के सभी तर्कों की जानकारी लेते हैं।
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क्‍या है अमाशय

इसके लिए सबसे पहला जानना जरूरी है कि अमाशय क्‍या है। रोटी, दाल सब्‍जी, दही लस्‍सी, दूध, छाछ, फल आदि, यह सब कुछ भोजन के रूप में ग्रहण करने के बाद हमें एनर्जी मिलती है। और पेट इस एनर्जी को आगे ट्रांसफर करता है। पेट में एक छोटा सा हिस्‍सा होता है जिसे हमें अमाशय के नाम से जानते हैं। ये एक थैली की तरह होता है और हमारे शरीर में सबसे महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि सारा खाना सबसे पहले इसी में आता है।
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जठराग्नि की जानकारी

क्‍या आप जानते हैं कि हम कुछ भी खाते वह सब अमाशय मे आ जाता है। लेकिन अमाशय बहुत छोटा सा स्थान होता हैं और इसमें अधिक से अधिक 350GMS खाना आ सकता है। आमाशय में प्रदीप्‍त होने वाली अग्नि को जठराग्नि कहते है। ऐसा ही पेट में भी होता है, जैसे ही आपने खाना खाया नहीं कि जठराग्नि तुरंत प्रदीप्‍त हो गई। यानी यह पूरी तरह से ऑटोमेटिक है। ये अग्नि तब तक जलती है, जब तक आपके द्वारा खाना पच नहीं जाता है।
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पचने की क्रिया का रूकना

कई लोगों को खाना खाने के बाद पानी पीने की आदत होती है कई तो बोतल भरके पानी पी लेते हैं। लेकिन जब आप खाना खाने के तुरंत बाद पानी पी लेते है, खासकर खूब ठंडा पानी तो जठराग्नि में जलने वाली अग्नि बुझ जाती है। और आग के बुझ जाने पर खाने की पचने की क्रिया भी रूक जाती है।   
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कैस पचता है खाना

हमेशा इस बात को याद रखें कि खाना जाने पर हमारे पेट में दो ही क्रिया होती है, एक क्रिया जिसे हम पाचन कहते हैं यानी खाने का पचना और दूसरा फर्मेंटेशन जिसका मतलब खाने का सड़ना होता है। आयुर्वेद के हिसाब से आग जलेगी तो खाना पचेगा, खाना पचेगा तो उससे रस बनेगा। और रस बनने से मांस, बोन मेरो, ब्लड, वीर्य, हड्डियां, मल, मूत्र और अस्थि बनेगा और सबसे अंत मे फैट बनता है। ये तभी होगा जब खाना पचेगा।
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खाने का सड़ना

अब जब खाना सड़ेगा तब क्या होगा..? यह जानना भी जरूरी है। खाने के सड़ने पर सबसे पहला जहर यूरिक एसिड के रूप में बनता है। कई बार हम घुटने या कंधे-कमर में दर्द के लिए डॉक्टर के पास जाते है। तब डॉक्‍टर हमें बताता हैं कि यह दर्द यूरिक एसिड के कारण है। यूरिक एसिड के अलावा दूसरा विष एलडीएल है, यानी खराब कोलेस्‍ट्रॉल। और कोलेस्‍ट्रॉल के बढ़ने पर हाई बीपी की समस्‍या होती है। साथ ही सबसे खतरनाक विष यानी वीएलडीएल भी खाने के सड़ने के कारण बनता है। इसके अलावा ट्राइग्लिसराइड भी खाना सड़ने के कारण बनना वाला एक और जहर है।
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खाना सड़ने पर शरीर को नुकसान

अब आप चाहे इसे यूरिक एसिड के नाम से कहे, कोलेस्ट्रोल के नाम से, या LDL -VLDL के नाम से। ये सभी विष है और ऐसे 103 विष खाने के सड़ने से बनते हैं। मतलब समझ लीजिए किसी का कोलेस्ट्रोल, ट्राइग्लिसराइड या यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है तो एक ही मिनट मे ध्यान आना चाहिए की खाना पच नहीं रहा है। इसका मतलब खाना पचने पर मांस, बोन मेरो, ब्लड, वीर्य, हड्डियां, मल, मूत्र और अस्थि बनते हैं और न पचने पर  यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रोल, LDL-VLDL बनने लगते हैं। और यही आपके शरीर को रोगों का घर बनाते है।
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खाना सड़ने से होती है दिल की समस्‍या

पेट मे बनने वाला यही जहर जब ज्यादा बढ़कर ब्‍लड में आता है। तो ब्‍लड दिल की नाड़ियो में से निकल नहीं पाता और रोज थोड़ा-थोड़ा कचरा जो खून मे आता है वह इकट्ठा होता रहता है और एक दिन नाड़ी को ब्लॉक कर देता है। और इसकी ब्‍लॉक नाड़ी को हार्ट अटैक कहते हैं। इसलिए हमें इस बात पर ध्यान देना है कि हमारे द्वारा लिया जाने वाला खाना शरीर में ठीक से पच रहा है या नहीं। इसके लिए पेट मे ठीक से आग (जठराग्नि) प्रदीप्त होनी ही चाहिए। क्योंकि बिना आग के खाना पचता नहीं है और खाना पकता भी नहीं है।
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खाना पचाने के लिए क्‍या करें

इन सब समस्‍याओं से छुटकारा पाने के लिए खाने को खाना नहीं बल्कि खाने को पचाना बहुत जरूरी है। आपने क्या खाया कितना खाया वो महत्व नहीं है, खाने का पचना बहुत महत्‍वपूर्ण होता है। मतलब खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीना जहर पीने के बराबर है। इसलिए खाने के तुरंत बाद पानी कभी मत पिये। साथ ही यह जानना भी जरूरी हैं कि कितनी देर पानी नहीं पीना चाहिए। जब हम खाना खाते हैं तो जठराग्नि द्वारा सब एक दूसरे मे मिक्स होता है और फिर खाना पेस्ट मे बदलता हैं। पेस्ट मे बदलने की क्रिया होने तक 1 घंटा 48 मिनट का समय लगता है। उसके बाद जठराग्नि कम हो जाती है। पेस्ट बनने के बाद शरीर मे रस बनने की परिक्रिया शुरू होती है। तब हमारे शरीर को पानी की जरूरत होती हैं। तब आप जितना इच्छा हो उतना पानी पिये।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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