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हाथ-पैरों के बिना 14 हजार फीट से अधिक ऊंची चोटी को फतह करने वाला जांबाज

जेमी एंड्रयू वो नाम है जो विकलांगो के साथ हर एक शख्स को प्रेरित करते हैं। जेमी के हाथ-पैर नहीं है, फिर भी उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी की चढ़ाई की है।

मेडिकल मिरेकल By Gayatree Verma / Jan 14, 2016

खुदी को कर बुलंद इतना...

खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है। यह एक वाक्य जेमी एंड्रयू पर सटीक बैठती है। जेमी के इरादे इतने बुलंद थे कि उन्होंने हाथ-पैर गंवा देने के बावजूद 14,691.6 फीट (4,478 मीटर) ऊंची मैटरहॉर्न माउंटेन (माउंट सेरविने) फतह कर ली। 44 वर्षीय जेमी एंड्रयू ने अपने एक शौक के कारण आज से 15 साल पहले अपने हाथ-पैर गंवा दिए थे। जेमी पर्वतारोही हैं और इसी का इनको शौक है। लेकिन खास बात ये है कि जेमी के जब हाथ-पैर थे तब भी उन्होंने इतनी ऊंचाई नहीं चढ़ी थी जितनी की अब चढ़ी है।
Image source @ genevalunch

लोगों को कर रहे हैं प्रेरित

स्कॉटलैंड की राजधानी ईडनबर्ग निवासी जेमी एंड्रयू ने बिना हाथ और पैर के स्विटजरलैंड के जेरमैट कस्बे के पास मैटरहॉर्न माउंटेन की चढ़ाई पूरी की है। वे भागवान का धन्यावद करते हैं औऱ लोगों को साहसिक कारनामें करने के लिए प्रेरित करते हैं खासकर उन लोगों को जो किसी भी प्रकार की विकलांगता से गुजर रहे हैं।
Image source @ express.co.uk

500 से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत

मैटरहॉर्न माउंटेन यूरोप की सबसे ऊंची चोटी है। इस चोटी पर पर्वतारोहियों ने 1865 से चढ़ाई की शुरुआत की थी। तब से लेकर अब तक इस पर्वत पर चढ़ाई के दौरान 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
Image source @ abc.net.au

हाथ-पैर के साथ दोस्त भी खोया

15 साल पहले मोंट ब्लांक में 4000 मीटर ऊंची लेस ड्रोइट्स माउंटेन की चढ़ाई करने जेमी एंड्रयू और उनके दोस्त जेमी फिशर निकले थे। अचानक ही माउंटेन में 90 मील प्रति घंटे की गति से बर्फीला तूफान आया जिसमें जेमी और उसके दोस्त चार दिन तक फंस रहे। इस दौरान फिशर की मौत हो गई। जब बचाव दल ने जेमी को बचाया तो जेमी के हाथ-पैर ठंड से बुरी तरह प्रभावित हो गए थे। डॉक्टरों के पास इन्हें काटने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं था। ऑपरेशन के बाद उन्होंने कृत्रिम हाथ-पैरों को अपनाया।
Image source @ ytimg

फिर से आए वापस

लेकिन एक बर्फीला तुफान जेमी को रोक नहीं पाया और जेमी फिर से वापस आए। उन्होंने ईडनबर्ग की एक छोटी पहाड़ी पर चढऩे का अभ्यास करना शुरू किया। यूरोप की सबसे अधिक ऊंची चोटी पर चढऩे के कारनामा करने के दौरान मिशन में एंड्रयू के पार्टनर स्टीव जोंस रहे।
Image source @ digitalspyuk

 

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