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इम्‍यून सिस्‍टम सुधारकर रखें सर्दी जुकाम को दूर

मजबूत इम्‍यून सिस्‍टम आपको कई बीमारियों से बचाये रखने में मददगार होता है। इन सात उपयोगी उपायों से आप पा सकते हैं मजबूत इम्‍यून सिस्‍टम जिससे सर्दी जुकाम जैसी बीमारियां इस मौसम में आपको परेशान नहीं करेंगी।

तन मन By Bharat Malhotra / Nov 01, 2014

सर्दियां और कोल्‍ड एंड फ्लू

सर्दियां शुरू होने को हैं। और इस मौसम में कोल्‍ड एंड फ्लू की समस्‍या बढ़ जाती है। और जब भी ऐसी समस्‍या होती है तो आप आमतौर पर दवाओं का सेवन कर इससे छुटकारा पा लेते हैं। ये दवायें 90 फीसदी तक कारगर होती हैं, और आपको इनसे आराम भी मिल जाता है। लेकिन, अच्‍छा तो यही है कि आप कोल्‍ड एंड फ्लू से दूर ही रहें। बीमार होकर ईलाज करने से बेहतर तो बीमारी से बचे रहना ही होता है। और बीमारी से बचे रहने के मजबूत इम्‍यून सिस्‍टम का होना जरूरी है। तो, आखिर कैसे आप अपने इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाकर रख सकते हैं। जानने के लिए पढ़े यह स्‍लाइड शो-

पाचन क्रिया रखें मजबूत

आपकी आंतों में रहने वाले माइक्रोब्‍स न केवल भोजन पचाने में मदद करते हैं- बल्कि वे मेटाबॉलिज्‍म, भूख, वजन और इम्‍यून सिस्‍टम को भी नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। सशक्‍त प्रतिरोधक क्षमता के लिए स्‍वस्‍थ और अच्‍छे प्रकार से काम करने वाली आंतों का होना जरूरी है। यह जानकार आपको हैरानी होगी कि इम्‍यून सिस्‍टम का 70 फीसदी हिस्‍सा आंतों में होता है। और प्रोबॉयोटिक्‍स आपकी आंतों को अच्‍छी प्रकार से काम करने में बहुत मदद करते हैं। प्रोबायोटिक्‍स उन 'अच्‍छे' बैक्‍टीरिया को कहा जाता है जो सूजन और संक्रमण से बचाने का काम करते हैं। इसके साथ ही वे कोल्‍ड एंड फ्लू होने के खतरे को भी कम करते हैं।

प्रोसेस्‍ड फूड से दूर रहें

फलो और सब्जियों में एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। ये तत्‍व आपके शरीर को सर्दी-जुकाम के अलावा अन्‍य संक्रमणों से बचाने में भी मदद करते हैं। हरी पत्‍तेदार सब्जियों, बैरी, सालमन मछली और शकरकंद जैसे खाद्य पदार्थों में मौजूद तत्‍व आपके इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाने का काम करते हैं। लेकिन, आपको चीनी, ग्‍लूटेन (आटे का लस) और प्रोसेस्‍ड फूड से दूर रहना चाहिये। ये तत्‍व आपकी कुदरती रोग प्रतिरोधक क्षमता को नाटकीय रूप से कम कर देते हैं। इम्‍यून सिस्टम की बेहतरी के लिए जरूरी है कि आप अपने दिन की शुरुआत बादाम या कोकेनेट मिल्‍क, अवोकेडो अथवा आल्‍मंड बटर से करें। ये हैल्‍थी फैट्स इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत बनाते हैं। इसके अलावा फ्रोजन बैरी, चिया बीज भी प्रोटीन के अच्‍छे स्रोत हैं।

जिंक का सेवन

विटामिन सी में एंटी-ऑक्‍सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। और यह इस मौसम में आपके आहार का अहम हिस्‍सा होना चाहिये। लेकिन, सर्दी के असर को कम करने के लिए आपको जिंक से भरपूर खाद्य पदार्थों का भी सेवन करना चाहिये। कद्दू के बीज, पालक, सीप और बीन्‍स में जिंक भरपूर मात्रा में होता है। इसमें इम्‍यून बूस्टिंग खूबी होती है और यह आपको सर्दियों के असर से बचाने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सर्दियों की आहट शुरू होते ही आपको रोजाना 25 मिलीग्राम जिंक का सेवन शुरू कर देना चाहिये।

व्‍यायाम है जरूरी, लेकिन नींद की कुर्बानी नहीं

अगर आप अधिक और अनावश्‍यक कैलोरी का सेवन करते हैं, तो मानकर चलिये कि आप सर्दी-जुकाम को न्‍योता दे रहे हैं। शोध में यह साबित हुआ है कि जो लोग नियमित रूप से हल्‍का और मद्धम व्‍यायाम करते हैं उन्‍हें सर्दी लगने की आशंका कम होती है। व्‍यायाम से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है। हालांकि, इसके साथ ही व्‍यायाम करने के लिए अपनी नींद की कुर्बानी न दें। सर्दियों में फ्लू से बचने के लिए नींद की महती भूमिका होती है। रात को कम से कम सात घंटे की नींद जरूर लें और अगर इसके बाद भी थकान का अहसास हो तो 20 मिनट की पावर नैप जरूर लें।

लेवेण्‍डर ऑयल यानी कुदरती हैंड सेनेटाइजर

कई हैंड सेनेटाइजर में ट्रिक्‍लोसन होता है। शोध यह साबित कर चुके हैं कि इससे जानवरों में हार्मोन असंतुलन की समस्‍या हो सकती है। हालांकि, इस पर प्रतिबंध नहीं है, लेकिन फिर भी इस तत्‍व की मनुष्‍यों पर पड़ने वाले प्रभावों की जांच की जा रही है। हालांकि कई विशेषज्ञ मानते हैं कि हाथों को कीटाणु रहित रखने के लिए साबुन और पानी का पुराना तरीका ही अधिक कारगर है। एंटी-बैक्‍टीरियल चीजों में मौजूद कठोर तत्‍वों के कारण बैक्‍टीरिया अधिक क्षमतावान हो जाते हैं। इसके साथ ही त्‍वचा भी अधिक रूखी होने लगीत है, जिससे वायरस का फैलना आसान हो जाता है। तो, ऐसे में आप लेवेण्‍डर ऑयल को हैंड सेनेटाइजर के रूप में इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

सफाई रखें

फ्लू वायरस से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप सफाई का ध्‍यान रखें। कीटाणु गंदगी में ही पनपते हैं। जब भी आप किसी कीटाणुयुक्‍त स्‍थान को छूकर जब अपने मुंह या आंखों पर लगाते हैं, तो इससे संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। फोन, कंप्‍यूटर और डेस्‍क ऐसे स्‍थान हैं जहां स्‍वाभाविक रूप से कीटाणु पनपते हैं। टी-ट्री ऑयल में एंटी-बैक्‍टीरियल गुण होते हैा जो सोरासिस, नेल फंगस और एक्‍ने आदि को दूर करने में मदद करते है। इसके साथ ही जरूरी है कि आप क्‍लीनर से सफाई करें। अगर आपको टी-ट्री ऑयल युक्‍त कोई क्‍लीनर नहीं मिलता है, तो आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। इसे शुद्ध सिरका और पानी की बराबर मात्रा में ढेर सारा टी-ट्री ऑयल मिलाकर बनाया जा सकता है।

खिड़कियां खुली रखें

क्‍या आपको लगता है कि आप घर पर ज्‍यादा बीमार होते हैं। जी, यह केवल आपकी सोच ही नहीं है। क्‍या आपको मालूम है कि अंदर की हवा बाहर की हवा से पांच गुना तक अधिक प्रदूषित हो सकती है। तो, बेहतर है कि अपने घर में ताजा हवा आने दें। भले ही कुछ देर के लिए ही सही लेकिन अपने घर की खिड़कियां खोलकर रखें। इसके अलावा घर पर पौधे लगाकर भी आप घर में ताजा हवा का स्‍तर बनाये रख सकते हैं। आप घर के भीतर एलोवेरा, लिली आदि लगा सकते हैं।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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