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विटामिन जो बचा सकता है आपका प्रोस्‍टेट

पुरुषों में प्रोस्‍टेट ग्रंथि पायी जाती है, इस ग्रंथि के सुचारु काम करने से सीनम के निर्माण में मदद मिलती है, इसमें समस्‍या होने पर प्रोस्‍टेट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।

पुरुष स्वास्थ्य By Nachiketa Sharma / Dec 15, 2014

विटामिन और प्रोस्‍टेट की समस्‍या

बदलते मौसम में पुरुषों में प्रोस्‍टेट की समस्‍या भी बढ़ जाती है, ठंड के मौसम में यह समस्‍या अधिक होती है। विटामिन डी के सेवन से प्रोस्‍टेट के होने की संभावना अधिक रहती है। प्रोस्‍टेट की समस्‍या होने पर पुरुषों को प्रोस्‍टेट कैंसर, प्रोस्‍टेटिक हाइपेथ्रोपी जैसी खतरनाक बीमारी हो सकती है। इसके कारण मूत्र मार्ग अवरुद्ध हो सकता है, इसके कारण पेशाब करने में भी परेशानी होती है। इसलिए इस समस्‍या से बचने के लिए विटामिन का पर्याप्‍त मात्रा में सेवन कीजिए।

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प्रोस्‍टेट क्‍या है

इसे पौरुष ग्रंथि भी माना जाता है, यह पुरुषों के जनानांगों का अहम हिस्‍सा होता है। यह ग्रंथि अखरोट के आकार की होती है। यह ग्रंथि सीनम निर्माण में मदद करती है, जिससे सेक्‍सुअल क्‍लाइमेक्‍स के दौरान वीर्य आगे जाता है। इस ग्रंथि में सामान्‍य बैक्‍टीरियल संक्रमण से लेकर कैंसर जैसे गंभीर रोग हो सकते हैं। इसमें समस्‍या होने पर प्रोस्‍टेटिक हाईपेथ्रोफी और प्रोस्‍टेट कैंसर हो सकता है। पहले प्रकार की बीमारी में प्रोस्‍टेट का आकार सामान्‍य अधिक हो जाता है। जबकि प्रोस्‍टेट कैसर में प्रोस्‍टेट ग्रंथि कैंसर ग्रस्‍त हो जाती है।

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शोध के अनुसार

ठंड के मौसम में अगर शरीर में विटामिन डी की कमी हुई तो इसके कारण प्रोस्‍टेट की समस्‍या हो सकती है। नॉर्थवेस्‍टर्न यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये शोध में यह बात सामने आयी। इस शोध की मानें तो विटामिन डी की कमी का असर प्रोस्‍टेट ग्रंथि पर पड़ता है और इसकी कमी से सर्दियों में प्रोस्‍टेट की समस्‍या हो सकती है। जिसके बचाव के लिए विटामिन डी का सेवन बहुत जरूरी है।

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विटामिन डी का स्‍तर

नॉर्थवेस्‍टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पुरुषों के रक्‍त में विटामिन डी के स्‍तर की जांच की। इसके लिए उन्‍होंने 40 से 79 साल के लोगों का परीक्षण किया। इस शोध के अनुसार जिन लोगों में बॉयोप्‍सी के बाद विटामिन डी का स्‍तर कम देखा गया उनमें बाद में प्रोस्‍टेट कैंसर के होने की संभावना भी बढ़ गई। बढ़ती उम्र के साथ यह समस्‍या भी बढ़ जाती है।

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विटामिन डी से कैंसर से बचाव

अगर पुरुषों के शरीर में विटामिन डी की कमी नहीं है तो इससे प्रोस्‍टेट कैंसर की कोशिकाओं का विकास नहीं हो पाता है। यानी विटामिन डी कैंसर की कोशिकाओं को विकसित होने से रोकता है। यानी अगर पुरुषों को प्रोस्‍टेट कैंसर जैसी खतरनाक और जानलेवा बीमारी से बचना है तो विटामिन डी का पर्याप्‍त मात्रा में सेवन बहुत जरूरी है।

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रक्‍त कोशिकाओं का निर्माण करता है

विटामिन डी प्रोस्‍टेट की संभावना कम हो जाती है। क्‍योंकि यह रक्‍त संचार को सुचारु करता है। इसके अलावा विटामिन डी नई रक्‍त कोशिकाओं के निर्माण में भी सहायक है, विटामिन डी के पर्याप्‍त सेवन से नई रक्‍त कोशिकायें बनती हैं। शरीर में कोशिकाओं को स्‍वस्‍थ रखने के लिए और प्रोस्‍टेट को सुचारु तरीके से काम करने के लिए नई रक्‍त कोशिकाओं का निर्माण बहुत जरूरी है।

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कितना विटामिन डी है जरूरी

विटामिन डी की सही मात्रा रक्‍त कोशिकाओं में मापी जाती है। पुरुषों के रक्‍त में विटामिन डी 30 से 80 नोनोग्राम होनी चाहिए। अगर इसका स्‍तर इससे कम है तो इसके कारण पुरुषों में प्रोस्‍टेट कैंसर होने की संभावना 5 गुना अधिक हो जाती है। इसके अलावा विटामिन डी सूर्य की हानिकारक अल्‍ट्रावॉयलेट किरणों से त्‍वचा कैंसर होने से भी बचाता है। नेशनल हेल्‍थ इंस्‍टीट्यूट नियमित रूप से 600 आईयू विटामिन डी के खपत की सलाह देता है।

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विटामिन डी के स्रोत

विटामिन डी की कमी दूर करने और अपने प्रोस्‍टेट को बचाने के लिए ऐसे आहार का सेवन कीजिए जिसमें विटामिन डी भरपूर मात्रा में मौजूद हो। इसके लिए सालमन और टूना मछली खायें, मशरूम में भी विटामिन डी होता है। दूध, फलों, सेरेल्‍स में विटामिन डी पाया जाता है। इसके अलावा सूर्य की किरणों में भी पाया जाता है। अगर विटामिन डी की कमी पूरी न हो पाये तो विटामिन डी के सप्‍लीमेंट का सेवन करना चाहिए, यह पूरी तरह से सुरक्षित है। लेकिन सप्‍लीमेंट लेने से पहले अपने चिकित्‍सक से सलाह जरूर लीजिए।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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