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कार्ब्‍स से जुड़े 7 मिथ और तथ्‍य को जानें

कार्ब्‍स को लेकर लोगों के मन में कई प्रकार के मिथ है! आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से हम आपको ऐसे ही कुछ कार्ब्‍स संबंधित मिथ के बारे में बताते हैं, जिनकी सच्‍चाई वास्‍तव में कुछ और ही है।

स्वस्थ आहार By Pooja Sinha / May 03, 2016

कार्बोहाइड्रेट से जुड़े मिथ और तथ्‍य

चावल, आलू, शकरकंद, बींस आदि में पाये जाने वाले कार्ब्‍स यानी कार्बोहाइड्रेट से लोग मोटापे के डर से दूरी बनाकर रखते हैं। लेकिन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए जिस तरह प्रोटीन और मिनरल जरूरी है, उसी तरह कार्बोहाइड्रेट भी सीमित मात्रा में शामिल होना जरूरी है। कार्ब्‍स को लेकर लोगों के मन में कई प्रकार के मिथ है, जैसे कार्ब्‍स खाने से मोटापा बढ़ता है, डायबिटीज में कार्बोहाइड्रेट युक्‍त आहार नहीं लेना चाहिए, कार्ब्स जैसे शकरकंद खाने से एनीमिया हो सकता है, आदि। आइए इस स्‍लाइड शो के माध्‍यम से हम आपको ऐसे ही कुछ कार्ब्‍स संबंधित मिथ के बारे में बताते हैं, जिनकी सच्‍चाई वास्‍तव में कुछ और ही है।

मिथ : कार्ब्‍स के तौर पर अनाज नहीं खाने वालों को भरपूर फाइबर नहीं मिलता।

तथ्‍य : हालांकि स्‍वस्‍थ रहने के लिए अनाज की संतुलित मात्रा जरूरी होती है, लेकिन शरीर के लिए जरूरी फाइबर पाने के लिए पूरी तरह से अनाज पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। फाइबर के अन्‍य स्रोतों में बादाम, ब्रोकली, अलसी के बीज, सेब और बींस को अपने आहार में शामिल करें।

मिथ : चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट खाने से वजन बढ़ता है।

तथ्‍य : माना जाता है कि मोटापे से बचने के लिए चावल नहीं खाना चाहिए। लेकिन सच्‍चाई यह है कि संतुलित मात्रा में चावल खाने से वजन नहीं बढ़ता। इसमें मौजूद पोषक तत्‍वों में हानिकारक फैट और कोलेस्ट्रॉल नहीं होते। इसलिए इसे संतुलित आहार कहा जाता है। लेकिन चावल को बनाने का तरीका इसमें कैलोरी की मात्रा बढ़ा सकता है। इसलिए फ्राई किये हुए चावल खाने की बजाय उबले चावल खाएं। चावल को उबालने और इसका पानी फेंकने से स्टार्च की मात्रा कम हो जाएगी और चावल खाने से कोई नुकसान नहीं होगा।

मिथ : स्‍वस्‍थ रहने के लिए कार्बोहाइड्रेट्स जैसे ब्रेड या पास्ता से दूर रहें

तथ्‍य : कार्बोहाइड्रेट में मौजूद मिनरल और विटामिन आपको स्‍वस्‍थ रखने में मददगार है। इसलिए कार्ब्स लेने के लिए व्हाइट ब्रेड की बजाय ब्राउन ब्रेड खाएं और पास्ते की सीमित मात्रा को अपने आहार में शामिल करें।

मिथ : डायबिटीज होने पर कार्बोहाइड्रेट्स नहीं लेना चाहिए।

तथ्‍य : माना जाता है कि डायबिटीज से ग्रस्‍त लोगों को कार्बोहाइड्रेट्स जैसे बींस या अनाज आहार में शामिल नहीं करना चाहिए। लेकिन सच्‍चाई तो यह है कि डायबिटीज में कार्बोहाइड्रेट नहीं लेना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। डायबिटीज के मरीज को अपने आहार में संतुलित मात्रा में कार्बोहाइड्रेट लेना चाहिए। इस तरह का आहार ब्लड में ब्लड शुगर के स्‍तर को प्रभावित करता है। इससे ग्लूकोज के रूप में शरीर को एनर्जी मिलती है।

मिथ : कार्ब्स जैसे आलू खाने से मोटापा बढ़ता है।

तथ्‍य : क्‍या आप जानते हैं कि अगर आप डाइटिंग कर रहे हैं तो आलू बेस्ट आहार है, जिससे पूरे दिन आपको भूख का अहसास नहीं होता। आलू खाने से वजन नहीं बढ़ता, बल्कि इससे पेट जल्दी भर जाता है और हम ओवरईटिंग करने से बच जाते हैं। एक मीडियम साइज के आलू में 168 कैलोरी के साथ 5 ग्राम प्रोटीन और 3 ग्राम फाइबर होता है।

मिथ : कार्ब्स जैसे शकरकंद खाने से एनीमिया हो सकता है।

तथ्‍य : कार्ब्‍स को लेकर एक और मिथ अक्‍सर लोगों के दिमाग में रहता है कि शकरकंद जैसे कार्ब्‍स को खाने से एनीमिया हो जाता है, इसलिए इसे खाने से बचना चाहिए। जबकि शकरकंद में भरपूर मात्रा में आयरन होता है। यह आयरन की कमी को दूर करने में मददगार है। इसलिए एनीमिया से ग्रस्‍त लोगों को शकरकंद जरूर खाना चाहिए। इसे खाने से ब्लड सेल्स का निर्माण तेजी से होता है।
Image Source : Getty

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