ज्‍यादा आइबुप्रोफेन दवा लेना है हानिकारक, ये हैं 5 साइड इफेक्‍ट

आमतौर पर इसे दांत दर्द, सिर दर्द, मांसपेशियों के दर्द के अलावा पीरियड्स में होने वाले दर्द में लोग इसका सेवन करते हैं। इस दवा का प्रयोग सर्दी, जुकाम और फ़्लू में भी ली जाती है। यह नोनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (एनएसआईडी) ग्रुप की एक दवा होती है,

स्वस्थ आहार By Atul Modi / Feb 20, 2018
आइब्रुप्रोफेन

आइब्रुप्रोफेन

आइबुप्रोफेन एक ऐसी मेडिसिन है जिसका प्रयोग शरीर के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले तेज दर्द के लिए किया जाता है। आमतौर पर इसे दांत दर्द, सिर दर्द, मांसपेशियों के दर्द के अलावा पीरियड्स में होने वाले दर्द में लोग इसका सेवन करते हैं। इस दवा का प्रयोग सर्दी, जुकाम और फ़्लू में भी ली जाती है। यह नोनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग (एनएसआईडी) ग्रुप की एक दवा होती है, जिसे कंपनियां अपने ब्रांड नेम से मार्केट में बेचती हैं।

कैसे काम करती है ये दवा

कैसे काम करती है ये दवा

आइब्रुप्रोफेन खाने के बाद यह शरीर में उन प्राकर्तिक तत्वों को ब्लॉक कर देती है, जिनके कारण सूजन और जलन होती है। इससे शरीर में होने वाले दर्द और सामान्य सर्दी साथ-साथ बुखार में भी राहत मिलती है। यदि किसी मरीज में गठिया की समस्या बहुत पुरानी और घातक हो चुकी है तो इस दवा के प्रयोग से पहले उसे डॉक्टर से सम्पर्क कर लेना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: इन 5 गंभीर बीमारियों का काल है हींग, करता है सफाया

आइब्रुप्रोफेन के दुष्प्रभाव

आइब्रुप्रोफेन के दुष्प्रभाव

आइब्रुप्रोफेन के कारण व्यक्ति को, पेट में खराबी, मतली उल्टी, सिरदर्द, शरीर में पानी की कमी, कब्ज, और चक्कर आने जैसे दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि इस तरह के थोड़े बहुत लक्षण दिखना बेहद आम होते हैं, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को ज्यादा परेशानी हो जाए तो इस स्थिति में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। खास तौर पर यदि आपने यह दवाई डॉक्टर से बिना पूछे ली हो तो। कभी-कभी डॉक्टर मरीज को किसी दवाई से थोड़ी बहुत परेशानी होने पर भी उसे वह दवाई दे देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उसे जिस तकलीफ के लिए दवाई दी जा रही है, वह दवाई से होने वाली परेशानियों के मुकाबले ज्यादा परेशानी कारक नहीं होती। बशर्ते वह साइड इफेक्ट्स ज्यादा घातक नहीं होने चाहिए।

ब्‍लड प्रेशर में न लें आइब्रुप्रोफेन

ब्‍लड प्रेशर में न लें आइब्रुप्रोफेन

जिन व्यक्तियों को ब्लडप्रेशर की समस्या होती है, उन्हें आइब्रुप्रोफेन नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इससे ब्लडप्रेशर और भी बढ़ सकता है। इसलिए एक तो ब्लडप्रेशर के मरीजों को इसकी जांच नियमित तौर पर करते रहनी चाहिए और दूसरा यदि आपको ब्लडप्रेशर की समस्या हो तो इस दवाई का प्रयोग बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए और डॉक्टर को भी अपने ब्लडप्रेशर के बारे में जानकारी दे देनी चाहिए। इसके अलावा किसी भी प्रकार की समस्या जैसे एलर्जी के बारे में जानकारी जरूर दे दें।

इसे भी पढ़ें: हाई ब्लड प्रेशर के कारण खो सकती है आपकी याददाश्त, जानें क्यों?

अस्‍थमा की समस्‍या है तो...

अस्‍थमा की समस्‍या है तो...

यदि किसी व्यक्ति को अस्थमा की समस्या हो तो भी उसे एनएसआईडी की कोई भी दवाई लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात जरूर कर लेनी चाहिए। क्योंकि यह दवाएं व्यक्ति की अस्थमा की समस्या को और बढ़ा सकती है और इससे रोगी को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। अस्थमा के अलावा, यदि खून की कमी, या रक्त का थक्का बनने, कोई हृदय रोग जैसे हार्ट अटैक, या लिवर से जुड़ी समस्याएं जैसे स्ट्रोक, हार्टबर्न या अल्सर हो तो भी रोगी को यह दवाएं बिना डॉक्टर के सलाह के बिलकुल भी नहीं लेनी चाहिए।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK