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प्रेगनेंसी के नवें माह में पति को निभानी चाहिए ये जिम्‍मेदारियां

गर्भावस्था का आखिरी महीना काफी संवेदनशील होता है जिसमें गर्भवती महिला को अतिरिक्त ध्यान की जरूरत होती है। ऐसे में पति की क्‍या भूमिका हो और उसे क्‍या करना चाहिए, इसके बारे में इस स्‍लाइडशो में जानें।

गर्भावस्‍था By Gayatree Verma / Jun 24, 2016

उनका ध्यान रखें

यह गर्भावस्था का आखिरी महीना होता है। इस महीने में महिला को काफी थकावट रहने लगती है। ऐसे में हो सके तो आप भी ऑफिस से छुट्टी लेकर उनका पूरी तरह से खयाल रखें। इस आखिरी महीने में थकावट अधिक होने के कारण महिलाएं चिड़चिड़ी भी हो जाती हैं। उसके तनाव और चिड़चिड़ेपन में झल्लाने के बजाय उनका पूरी तरह से ध्यान रखें। इस आखिरी महीने में उन्हें ज्यादा काम न करने दें और अच्‍छे से आराम करने दें। साथ ही ज्यादा देर तक उन्हें बैठने भी ना दें। उन्हें ज्यादा से ज्यादा बिस्तर में लिटाकर रखें। गलती से भी उन्हें इस महीने में झुकने ना दें। झुकने से मां और बच्चे दोनों को खतरा हो सकता है।

बैटरी पूरी रखें

इस दौरान अपने और उनके मोबाइल फोन की बैटरी पूरी तरह से चार्ज रखें। क्योंकि ये वो समय है जब किसी को नहीं मालुम होता कि कब किस चीज की जरूरत पड़ जाए। लेकिन हां सारे इलेक्ट्रिक सामान जैसे लैपटॉप, मोबाइल फोन, चार्जर, आदि अपने पत्नी के बिस्तर से दूर रखेँ। हो सके तो फोन की बैटरी दूसरे रुम में चार्ज करें। क्योंकि बैटरी चार्ज करने के दौरान फोन में से निकलने वाला रेडिएशन पत्नी और बच्चे को खतरा पहुंचा सकता है। या फिर इस समय हो सके तो एक छोटा सामान्य फोन पत्नी को खरीद कर दें जो उसके साथ हमेशा रहें। स्मार्टफोन में से सामान्य फोन की तुलना में दस गुना अधिक रेडिएशन निकलता है।

उन्हें खुश रखें

इस आखिरी महीने में कई महिलाएं सब्र खो देती हैं और प्रेगनेंट होते-होते निरास हो जाती हैं। ऐसे में कई महिलाएं इस आकिरी महीने में दुखी रहने लगती हैं। इस स्थिति में जितना हो सके पति अपने पत्नी को खुश रखने का प्रयास करें। उन्हें सरप्राइज दें। इनके लिए फूल लाएं। उन्हें अच्छी से अच्छी ड्रेस पहनने को प्रोत्साहित करें और उन्हें कॉम्‍प्‍लीमेंट्स दें। अच्छे कपड़े और कॉम्‍प्‍लीमेंट्स उन्हें अंदर से ताजगी देंगे।

ना करें संभोग

गर्भावस्था का नौवां महीना अंतिम और काफी नाजुक महीना होता है। इसके 37वें से लेकर 40वें सप्‍ताह के बीच में बच्चे के पैदा होने के आसार होते हैं और यही वो हफ्ते होतें हैं जब डॉक्टर डिलिवरी की डेट की संभावना व्यक्त करते हैं। ऐसे में इन हफ्तों में गर्भवती महिला के साथ संभोग करने से पैदा होने वाली किसी भी तरह की परेशानी बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। वैसे भी इस दौरान मां के पेट में एक जीवन पल रहा होता है। ऐसे में आपके संभोग के दौरान केवल आप दोनों ही नहीं वो भी प्रभावित होता है। साथ में संभोग के बाद महिला को बहुत अधिक थकावट होगी जिससे उसका शरीर कमजोर हो जाएगा जो बच्चे के स्वास्थ्य पर भी असर डालेगा। ऐसे में बेहतर होगा कि इस आखिरी महीने में संभोग ना करें।

हमेशा प्रोत्‍साहित करते रहें

इस आखिरी महीने में महिला को सबसे ज्यादा मेंटल सपोर्ट की जरूरत होती है। ये प्रेगनेंसी का काफी संवदेनशील महीना होता है, जिसमें पत्नी हर काम और जरूरत के लिए किसी और पर ना चाहकर भी निर्भर हो जाती है। ऐसे में कई महिलाएं मानसिक तौर पर दुखी हो जाती हैं। तो इस स्थिति में हर पति को अपनी पत्नी को फिजिकल सपोर्ट से ज्‍यादा मेंटल सपोर्ट देना चाहिए क्योंकि पत्नी को इस समय फिजिकल सपोर्ट से ज्यादा मेंटल सपोर्ट की जरूरत होती है।
इस समय कार में हमेशा पेट्रोल टंकी फुल रखें और किसी भी तरह की अनजानी और अनचाही स्थिति के लिए तैयार रहें।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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