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जानें 9 कारण कैसे आपकी जॉब आपको बना रही हैं मोटा

आपकी जॉब आपके जीवन में सबसे महत्‍वपूर्ण चीजों में से एक है। यह आपको और आपके प्रियजनों को एक बेहतर जीवन प्रदान करती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि यह आपके स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचा सकती है। आइए जानें कैसे आपकी जॉब आपको मोटा बना रही है।

आफिस स्‍वास्‍थ्‍य By Pooja Sinha / Feb 06, 2015

जॉब से मोटापा

निसंदेह आपकी जॉब आपके जीवन में सबसे महत्‍वपूर्ण चीजों में से एक है। यह आपको और आपके प्रियजनों को एक बेहतर जीवन प्रदान करती है। लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि यह आपके स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचा सकती है। सुबह से शाम तक नौकरी या शिफ्ट में काम करने वाले लोगों का स्‍वस्‍थ रहना बहुत मुशिकल है। काम के घंटों के दौरान काम पूरा करने के लिए अपनी चेयर, कंप्यूटर से चिपके रहने और अपनी सीट पर खाना खाना जैसी गलत आदतों के कारण आधुनिक कामकाजी लोगों में मोटापा दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। एक सर्वेक्षण के अनुसार अपने ऑफिस की चेयर पर लंबा समय बिताने वाले लोगों में वजन बढ़ने की संभावना बहुत अधिक होती है। हालांकि ऑफिस में वजन बढ़ने के बहुत सारे कारण जिम्‍मेदार हो सकते हैं। यहां वजन को बढ़ाने वाले संभावित कारणों में से कुछ का वर्णन किया गया है।  
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कई घंटों तक लगातार बैठना

काम के कारण वजन बढ़ाने के आम कारणों में शारीरिक गतिविधि की कमी सबसे बड़ा कारण है। ऑफिस में लगातार डेस्‍क पर कई घंटों तक बैठे रहने से वजन बढ़ने लगता हैं, खासकर कमर के आस-पास का। शोधों के अनुसार, दिन भर सीट पर काम करने वाले लोगों की तुलना में दिन भर खड़े या चलने वाले लोगों की कैलोरी अधिक मात्रा में जलती हैं।
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लंबे समय सफर करना

लंबे समय तक डेस्‍क पर बैठे रहने के अलावा, सफर के लिए अपना परिवहन इस्‍तेमाल करना भी मोटापे का कारण है। अमेरिकी जनगणना ब्यूरो और अमेरिकी समुदाय सर्वेक्षण द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों में निजी वाहन का इस्तेमाल करने वाले लोगों की अपेक्षा बीएमआई एक प्रतिशत कम रहा और उनका वजन भी अपेक्षाकृत औसतन तीन किलोग्राम कम पाया गया।
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नौकरी का तनाव

एक नए अध्ययन के अनुसार, ऑफिस का तनाव से भी आपका वजन बढ़ सकता है। इसलिए अगर आप ऑफिस में बॉस की किचकिच या अंदरूनी राजनीति से परेशान हैं, तो खुद को शांत रखने की कोशिश करें, नहीं तो मोटापा आपको जकड़ सकता है। रॉयल प्री एंड यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन मेडिकल स्कूल के डॉक्‍टर इरिक जे बर्नर के अनुसार ऑफिस के दौरान व्यक्ति को जितना अधिक तनाव होता है, उसके मोटे होने की आशंका उतनी ही ज्यादा हो जाती है। तनाव के कारण कमर के चारों ओर फैट बनने की आशंका भी रहती है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होती है। 2014 में, एक जर्मन अध्ययन के अनुसार, काम संबंधी तनाव टाइप 2 मधुमेह का खतरा भी बढ़ा देता है।
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देर रात तक काम

2013 में, पेन्सिलवेनिया यूनिवर्सिटी में हुए अध्‍ययन के अनुसार, देर तक काम करने वाले लोगों में मोटापा ज्‍यादा बढ़ता है। ऐसे लोगों को अपने खाने-पीने का ध्‍यान नहीं रहता है और न ही वह एक्‍सरसाइज आदि कर पाते है। देर रात तक काम करने से उनके शरीर में लैप्टिन नामक हार्मोंन की मात्रा कम हो जाती है। जिससे वजन बढ़ने लगता है। लैप्टिन एक ऐसा हार्मोंन है जो शरीर को मोटापे से बचाता है।
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दोपहर के भोजन का विकल्प

जिन लोगों का काम ट्रैवलिंग का होता है, उन लोगों में सफर के दौरान फूड आउट्लेट को देखकर रूकने की संभावना बहुत अधिक होती है। ऐसे लोगों का बीएमआई अन्‍य लोगों की तुलना में अधिक होता है। 2014 से एक ब्रिटिश अध्ययन के अनुसार, जो लोग रास्‍ते के दौरान बहुत अधिक खाते हैं, उन लोगों में अन्‍य लोगों की तुलना में मोटापे से ग्रस्‍त होने की संभावना अधिक होती है।
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स्वास्थ्य कार्यक्रमों की कमी

कंपनी के व्‍यापक स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रदान करने पर आप सोच सकते हैं कि आखिर यह हमारे लिए क्‍यों महत्‍वपूर्ण हैं। लेकिन अनुसंधान नियोक्ताओं के अनुसार कर्मचारी को स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहन और उपकरणों की पेशकश के द्वारा अद्वितीय अवसर दिये जाने चाहिए। हालांकि, पाया गया हैं कि केवल 25 बड़ी कंपनियों ही व्यापक स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पेशकश करती है। अगर आपकी कंपनी स्वास्थ्य के बारे में परवाह नहीं करता है, तो आप चाहिए कि एक वेलनेस प्रोग्राम में अपना नामांकन करवायें।  
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कैंडी जार की मौजूदगी

आपने अपने ऑफिस में नोटिस किया होगा कि कुछ लोग हमेशा डेस्‍क पर कैंडी जार को रखते हैं। ज्‍यादा चीनी वाले आहार जैसे - चॉकलेट, कैंडी और कुकीज में पोषक तत्‍व नही होते हैं और इनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है जिससे यह ब्‍लड में शुगर के स्‍तर को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा चीनी खाने से मोटापा बढ़ता है जो कि डायबीज के लिए खतरनाक है।
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सहकर्मियों की खाने की आदतें

अगर आप अक्‍सर अपने सहकर्मियों के साथ दोपहर के भोजन में बाहर जाते हैं तो अस्‍वस्‍थ आहार विकल्‍पों का सेवन करने की संभावना अधिक रहती है। पोषण और डायटेटिक्स की अकादमी के जर्नल में प्रकाशित एक समीक्षा अध्ययन के अनुसार, लोगों सामाजिक सेटिंग में मानदंडों के अनुरूप खाना खाते हैं। और अधिकांश समय हम ऐसा खाना आर्डर करते है जो दूसरे खा रहे होते हैं।
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सूरज की रोशनी की कमी

सूरज की रोशनी यानी विटामिन डी की कमी भी मोटापे का सबसे बड़ा कारण है। पूरा दिन ऑफिस में काम करने के कारण हम मोटापे को दूर करने वाले शक्तिशाली प्राकृतिक हथियार के संपर्क में बहुत दूर रहते हैं। नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय के एक अध्ययन के अनुसार, सूरज के संपर्क में आना बीएमआई के साथ जुड़ा होता है, और सुबह के समय चमकदार रोशनी में स्लिमिंग प्रभाव होते है। सूर्य का प्रकाश ऊर्जा संतुलन और व्यय को नियंत्रित करने वाले में मदद करता है।
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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